एंटीबायोटिक्स दवा ख़तरनाक क्यों हैं ? - WHY ANTIBIOTICS DANGEROUS DRUG ?

एंटीबायोटिक्स दवा का प्रयोग इतना ज्यादा बढ़ गया है की आज कल हम थोड़े से भी बीमार होते है तो तुरंत जल्दी ठीक होने के चक्कर मे हम बिना किसी जानकारी के कोई भी एंटीबायोटिक्स दवा का सेवन कर लेते है | जिससे हमारी सेहत और खराब हो जाती है और इसके कई प्रकार के नुकसान भी हमारी बॉडी पर दिखाई देने लगते है |

कभी कभी तो इसकी वजह से मनुष्य की जान तक चली जाती है | इसी लिये दोस्तों हमको एंटीबायोटिक्स दवा का प्रयोग कब करना है यह पता होना बहुत जरुरी होता है | क्योंकिइन दवाओं को सेवन करने से इसके कभी कभी खरतनाक परिणाम भी देखने को मिलते है |

दोस्तों जब भी आप इन दवाओ का सेवन करे तो डॉक्टर से जरुर सालह ले | तो आज हम इसी विषय पर बात करेंगे की एंटीबायोटिक्स दवा का प्रयोग हमको कब और क्यों करना चाहिये

एंटीबायोटिक एक ऐसी दवा है , जो इंफेक्शन व कई खतरनाक बीमारियों के इलाज के लिए मरीज को दी जाती है | लेकिन एंटीबायोटिक्स दवाओ का अगर सही तरी़के से प्रयोग नहीं किया गया तो लाभ की जगह ये नुक़सान भी पंहुचा देती है | अगर आपको पाता हो कि एंटीबायोटिक्स कब प्रयोग करना चाहिए और कब नहीं तो आप ख़ुद के साथ साथ अपने परिवार को इसके ख़तरे से बचा सकते हैं |

आज एंटीबायोटिक्स सबसे ज़्यादा बेची जाने वाली दवा है | क्योंकि इसको खाने से तुरंत आराम मिलता है | इसलिए हम भी चाहते हैं कि डॉक्टर हमको एंटीबायोटिक ज़रूर दे | कभी कभी तो कई डॉक्टर भी ज़रूरी न होने पर भी एंटीबायोटिक्स जैसी दवाओ को हमारी दवाओ मे जोड़ देते हैं |

कुल मिलाकर पूरी दुनियाभर में एंटीबायोटिक्स का सही उपयोग की बजाय दुरुपयोग हो रहा है | आपको पहले तो ये पता होना चाहिये कि एंटीबायोटिक्स बेहद असरदार दवा ज़रूर है लेकिन इसको खाने से हर बीमारी का इलाज नहीं होता है | आपको ये भी पाता होना चाहिये कि एंटीबायोटिक्स सिर्फ़ बैक्टीरियल इंफेक्शन से होने वाली बीमारियों पर ही असरदार है |

जैसे वायरल बीमारियों – सर्दी-ज़ुकाम , फ्लू , ब्रॉन्काइटिस , गले में इंफेक्शन आदि में ये मरीज को कोई फायदा नहीं देती| ये वायरल बीमारियां अधिकतर अपने आप ठीक हो जाती हैं | क्योंकि हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी इन वायरल बीमारियों से ख़ुद ही अपने आप ठीक कर लेती है | इसलिए हमको अपने शारीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने की कोशिश करनी चाहिये |

एंटीबायोटिक्स का प्रयोग तभी करे जब ज़रूरी हो या फिर डॉक्टर ने आपको इसको खाने की सलाह दी हो | वरना अगर आप छोटी बीमारी मे भी एंटीबायोटिक्स सेवन करेंगे तो आखिर मे जब आपको एंटीबायोटिक्स की ज़रूरत होगी , तब वो अपना असर नही करेगी |

एंटीबायोटिक्स खाने  से सभी बैक्टीरिया नहीं मरते और जो बैक्टीरिया बच जाते हैं , वे बहुत ताक़तवर हो जाते हैं | फिर इन बैक्टीरियास को उस एंटीबायोटिक्स से मारना बहुत मुश्किल हो जाता है या असंभव हो जाता है | ये एंटीबायोटिक रेज़िस्टेंट बैक्टीरिया कहलाते हैं |

रेज़िस्टेंट बैक्टीरिया बहुत तेज़ी से हमारे शरीर मे फैलते हैं | और फिर आपके परिवार के सदस्य , बच्चे और आपके साथ काम करने वालों को भी अपना शिकार बना लेते हैं | इसकी वजह से हो सकता है की एक समय ऐसा भी आ जाए कि आपके परिवार मे सभी इस इंफेक्शन का शिकार हो जाएं |

जिसका इलाज होना मुश्किल हो | तो दोस्तों  एंटीबायोटिक के रेज़िस्टेंट बैक्टीरिया ही ज़्यादा लंबी और खतरनाक बीमारियों होने का कारण बनते हैं | जिसकी वजह से हमको इन बीमारियों से लड़ने के लिए ज़्यादा स्ट्रॉन्ग एंटीबायोटिक्स की ज़रूरत पड़ जाती है और जिनके और भी ज़्यादा साइड इफेक्ट्स होने का खतरा रहता है |

एंटीबायोटिक दवा खाने के साइड इफेक्ट्स :-

  • मरीज को उल्टी महसूस होना या चक्कर आना |
  • डायरिया का होना या पेटदर्द का होना |
  • एलर्जिक रिएक्शन मे कई बार एलर्जी इतनी खतरनाक हो सकती है कि मरीज को इमर्जेंसी केयर की ज़रूरत तक पड़ सकती है |
  • इन दवाओ के सेवन से महिलाओं में वेजाइनल यीस्ट इंफेक्शन की शिकायत भी हो जाती है |

एंटीबायोटिक्स दवाओ के खतरनाक प्रभाव :-

  • खतरनाक  बीमारियां या विकलांगता |
  • बीमारी को ठीक होने मे काफी समय लगना |
  • जिस बीमारी का उपचार संभव होता है | वही बीमारी आगे चलकर बहुत खतरनाक हो जाती है यंहा तक कि मौत का कारण बन जाती है |
  • इलाज मे बहुत खर्चा आना |
  •  इलाज मे दवाओ का असर ना दिखाना |

तो दोस्तों इसी लिये जब कभी भी आप एंटीबायोटिक्स दवाओ का सेवन करे तो पहले डॉक्टर से जरुर सलाह ले लें |

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डॉक्टर विक्रांत गौर

डॉक्टर विक्रांत गौर

(B.A.M.S.) रजिस्ट्रेशन न  - DBCP / A / 8062 पूर्व वरिष्ठ सलाहकार  जीवा आयुर्वेद दिल्ली ,  फरीदाबाद मेडिकल सेंटर ,पारख हॉस्पिटल फरीदाबाद में 5 साल का अनुभव  पाइल्स, हेयर फॉल, स्किन प्रॉब्लम, लिकोरिया रोगों  में एक्सपर्ट

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