पेट का अल्सर क्या है यह कितने प्रकार का होता है ? PEPTIC ULCER IN HINDI

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PEPTIC ULCER IN HINDI

अगर आप  पेट का अल्सर या पेप्टिक अल्सर यानि की पेट मे छालो के बारे में नहीं जानते है  पेट मे होने वाले छालो की बात करेंगे जिसको स्टोमक अल्सर के नाम से भी जाना जाता है | इसको दूसरे नाम गोस्ट्रिक अलसर के नाम से भी जाना जाता है | ये घाव या छाले जो फफोले बनने के बाद पैदा होते है | ये बीमारी सामान्यतः भोजन मे बुरे बदलाव के कारण होते है जो कभी कभी बहुत खतरनाक रूप ले लेती है |

यह छाले शरीर के अंदर छोटी ऑतो के शुरूआती पॉइंट या म्युकल झल्ली पर होने वाले छालो या घाव होते है | यह तब होते है जब भोजन को पचाने वाला एसिड आमाशय को नुकसान पहुँचाने लगते है | छाले होने पर पेट दर्द ,एसिडिटी, उल्टी के साथ साथ खून भी निकलने लगता है |

कुछ समय बाद ये छाले फट भी जाते है जिसको परफ़रेसन कहते है | हेलिकोबेक्टर पाइलोरी नामक बेक्टीरिया का संक्रमण भी इसकी वजह होती है |

यह एक सामान्य सा बैक्टीरिया होता है | जिसके होने का हमको पता भी नही चल पाता है | यह बीमारी किसी भी उम्र मे किसी को भी हो सकती है | आपके परिवार मे किसी को पहले भी यह बीमारी हो चुकी है तो इससे परिवार के सदस्यो को भी यह बीमारी होने का खतरा और भी बढ जाता है |

पेट का अल्सर क्या है तथा यह कितने प्रकार का होता है –

दोस्तों पेप्टिक अल्सर का मुख्य कारण पेट मे दर्द होता है | इसके साथ साथ खून भी निकलता है | पेप्टिक अल्सर का एक लक्षण होता है जो खाना खाने के बाद जब पेट मे दर्द हो और डकार जैसी एंटी एसिड मेडीसिनेस से भी असर ना हो तो इसे गैस्ट्रिक अल्सर का लक्षण मन जाता है |

वही खाली पेट मे दर्द होने पर खाना खाने के बाद आराम मिलने पर इसको डूआइनल अल्सर का लक्षण होता है उल्टी होना भूख ना लगना वजन कम हो जाना भी पेप्टिक अल्सर का लक्षण ही होता है |

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