मस्से क्या होते हैं ? - Warts In Hindi

शरीर पर होने वाले मस्से या वार्ट्स जिसे आयुर्वेद में वररुका रोग के नाम से भी जाना जाता है, मस्से शरीर के किसी भी हिस्से जैसे हाथों पर, पैरों, गर्दन और चेहरे पर एक छोटे ट्यूमर के रूप में दिखाई देते हैं | सामान्य रूप से वार्ट्स होने के पीछे त्वचा की असामान्य वृद्धि जो ह्यूमन पैपिलोमा वायरस के संक्रमण के कारण होता है | किसी मस्से वाले व्यक्ति के सम्पर्क में दूसरे व्यक्ति के आने पर भी इस संक्रमण के फैलने का खतरा रहता है |

आमतौर पर मस्से अपने आप ही कुछ समय में स्वतः ठीक हो जाते है मगर कई बार इन्हें ठीक होने में कई सालों का समय भी लग जाता है | मस्सा एक संक्रमण के कारण उत्पन्न दर्द रहित त्वचा विकार होता है मगर फिर भी समय रहते इसका इलाज करबा लेना चाहिये | कई बार वार्ट्स ठीक होने के बाद बापस दोबारा से उत्पन्न हो जाते है यह इस बात का संकेत होता है की वायरस अभी भी आपके शरीर में मौजूद है |

वार्ट्स को हटाने के बाद संक्रमित हिस्से को ठीक से साफ़ कर देना चाहिए नहीं तो मस्से के दोबारा उत्पन्न होने के संभावना अधिक हो जाती हैं | मस्सों को आप डॉक्टर के द्वारा इलाज करबाकर या फिर कुछ घरेलु उपायों को प्रयोग करके दूर कर सकते हैं मगर इससे पहले यह पता होना जरुरी होता है की मस्सा किस प्रकार है | तो आइये जानते है वार्ट्स की सम्पूर्ण जानकारी…

इसके शारीर में होने के कारण –

मस्से के उत्पन्न होने के पीछे ह्यूमन पैपिलोमा वायरस जिम्मेदार होता है यह वायरस बहुत ही आम और 150 से ज्यादा प्रकार के होता है | हाथों पर होने वाले मस्सो के लिए कुछ आमे से कर्ण ही जिम्मेदार होते हैं और कुछ एचपीवी के यौन सम्पर्क के जरिये फैलते हैं | अधिकतर मस्सा अचानक से त्वचा के या निजी वस्तुओं के प्रयोग करने से होता है | हर व्यक्ति में मस्सा के विकसित होने के पीछे एचपीवी के सम्पर्क में आने का कारण जिम्मेदार नहीं होता है क्योंकि हर व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता एचपीवी वायरस के साथ अलग अलग प्रतिक्रिया करती है |

वार्ट्स का उपचार करवाने से पहले यह पता होना बहुत जरुरी होता है की आपको यह पता हो की आपका मस्सा किस प्रकार का है | तो आइये जानते है मस्सा कितने प्रकार के होते है :

सामान्य मस्सा –

सामान्य मस्से आमतौर पर हाथ, पैर की उँगलियों कोहनी और घुटनों पर देखने को मिलते हैं | यह मास्से आकार में बड़े और इनमे काले धब्बे भी दिखाई देते हैं और सामान्य मस्सों को सीड वार्ट्स भी कहा जाता है |

प्लांटार वार्ट्स –

प्लांटार वार्ट्स को अधिकतर पैर के तलवों में देखा जाता है जिनमे दर्द भी तेज रहता है | इस प्रकार के मस्से त्वचा की गहराई में बढ़ते है और कठोर त्वचा से घिरे रहते हैं | इस प्रकार के मस्से होने पर आपको चलने में परेशानी और दर्द होता है |

फिलिफ्रोम वार्ट्स –

इस प्रकार के मस्से अधिकतर मुंह, नाक, आँख, होंठ और पलकों पर देखा जाता है और यह आकर में लम्बे और संकीर्ण  होते है |

पेरिंगुअल वार्ट्स –

इस प्रकार के मस्से हाथ और पैरों के नाखूनों में देखने को मिलते हैं जिसकी वजह से हाथ और पैरों दर्द की समस्या शुरू हो जाती है |

जननांग वार्ट्स

जननांग मस्सों को वेनेरियल वार्ट्स भी कहा जाता है जो आमतौर पर यौन संबंधो के जरिये फैलते है |

डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए –

मस्सा एक बिना दर्द वाली गाँठ की तरह दिखता है जो कुछ समय पश्चात् स्वतः ही ठीक हो जाते हैं मगर कई बार इन्हें ठीक होने में कई साल भी लग जाते हैं | मस्सों के या फिर इनसे जुड़े लक्षण दिखने पर डॉक्टर से परामर्श जरुर करना चाहिए जिससे यह पता चल सके की यह मस्सा ही है या कुछ और है | निम्न लक्षणों के दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से परामर्श करना चाहिये…

  • मस्सों में मवाद या खून आने पर
  • मस्सा के संक्रमण के लक्षण दिखने पर
  • मस्सों में दर्द होने पर
  • तेजी से मस्सों का शरीर के दुसरे हिस्सों में फैलने से
  • घरेलु उपायों का प्रयोग करने के बाद भी मस्सों के ठीक न होने पर

इसको फैलने से रोकने के उपाय –

मस्सा के संक्रमण को कुछ आसान से उपायों को प्रयोग करके आसानी से रोका जा सकता है…

  • किसी दुसरे के मस्सों को बिलकुल न छुयें |
  • जिस व्यक्ति को मस्से का संक्रमण हो उसके कपडे, तौलिया और किसी भी प्रकार की निजी वस्तुओं को न प्रयोग करें |
  • जिन व्यक्तियोंको प्लांटार वार्ट्स की समस्या है तो उनके मोज़े और जूतों का प्रयोग न करें |
  • अगर आपके शरीर पर पहले से मस्से हैं तो उन्हें बिलकुल भी न खरोंचे क्योंकि खरोंचने से यह संक्रमण शरीर के दूसरे हिस्सों में भी फ़ैल जाते हैं |
  • अगर आपके हाथों में मस्से है तो किसी भी प्रकार की मेहनत करते समय हाथों में दस्ताने पहने रहे जिससे उनमें चोट न लग पाए और संक्रमण न फ़ैल पाए |
  • मस्सों को छूने के बाद अपने हाथों को अच्छे से साफ़ कर लेना चाहिए |
मानवेन्द्र सिंह

मानवेन्द्र सिंह

मानवेंद्र सिंह सॉफ्ट प्रमोशन टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड में फिटनेस और हेल्थ ब्लॉगर हैं। उन्होंने 2006 में BHM स्नातक की डिग्री ली है। उन्हें स्वास्थ्य एवं विज्ञान अनुसंधान के क्षेत्र में लेखन का आनंद मिलता है।

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