कान में दर्द का आयुर्वेदिक उपचार – Treatment Of Earache In Hindi

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कान में दर्द का आयुर्वेदिक उपचार - Treatment Of Earache In Hindi

कान दर्द  एक ऐसा दर्द होता है , जो कान के अंदर के हिस्से में होता है | अक्सर कान के बीच में सूजन या किसी संक्रमण के कारण होता है | यह परेशानी छोटे बच्चो को अधिक होती है | दर्द चाहे पेट में हो सर में हो या शरीर में किसी भी जगह हो तो समस्या होने लगती है | यह दर्द होना आम तौर पर कोई गम्भीर परेशानी का संकेत तो नही है , परन्तु यह काफी पीड़ादायक हो सकता है |  इसका उपचार करने के लिए यह जानना बहुत जरूरी होता है किस कारण हुआ है , क्योकि कई बार हम कान के दर्द का सही कारण नही पहचान पाते है और गलत उपचार करने लगते है | और जिस कारण हमे दर्द से आराम नही मिल पाता है | आज हम इस लेख के द्वारा जानेंगे कि घरेलू उपाय को अपनाकर इसका उपचार कैसे करे |

कान में दर्द होने के कारण

  • सर्दी जुखाम हो जाने से |
  • कान में पानी चले जाने से |
  • कान में गंदगी जमा होने से |
  • कान में कोई कीड़ा घुस जाने से |
  • कान में कोई इन्फेक्शन या एलर्जी होने से |

कान रोग के लक्षण

  • कम सुनाई देने लगना |
  • लगातार कान में खुजली होना |
  • बार – बार कान का सुन्न हो जाना |
  • कान में ज्यादा दर्द होना |
  • कान के अंदर भारीपन महसूस होना |

घरेलू उपाय और नुस्खे

तुलसी : यदि किसी व्यक्ति के कान में ज्यादा दर्द हो रहा हो तो तुलसी के पत्ते पीस ले और उसके रस की कुछ बूँदों को उसके कान में डाल दे | तुलसी के रस का उपयोग दिन में तीन बार करने से यह दर्द सही हो जाता है |

मैथी : मैथी के दानो को सरसों के तेल में डालकर गर्म करे और ठंडा होने के बाद इसे अच्छी तरह से छानकर कान में डालने से दर्द तुरंत गायब हो जाता है |

लहसुन : लहसुन में एंटीबायोटिक और एंटीसेप्टिक  गुण पाए जाते है , जो इसको दूर करने में बहुत फायदेमंद होते है | सरसों के तेल में लहसुन की दो से तीन कलिया पीस कर अच्छी तरह गर्म करे फिर इस तेल को ठंडा हो जाने दे और फिर इसको छान ले और इसकी कुछ बूंदों को कान में डालने से दर्द में बहुत आराम मिलता है |

नीम के पत्ते : नीम के पत्तो को अच्छी तरह पीसकर उसके रस को कान में डालने से दर्द में बहुत राहत मिलती है | कोई भी इन्फेक्शन या दर्द हो नीम के रस के उपयोग से इलाज करने में बहुत मदद मिलती है | नीम का तेल भी कान के दर्द के लिए आयुर्वेदिक दवा की तरह काम करता है |

जैतून का तेल : जैतून का तेल से यह दर्द को ठीक करने के लिए रामबाण उपाय होता है | कान का सुन्नपन ठीक करने के लिए जैतून का तेल गुनगुना करके इसकी कुछ बूंदों को कान में डाले | आप रुई की मदद से भी जैतून के तेल को कान में डाल सकते है | अगर आपको जैतून का तेल नही मिले तो आप सरसों के तेल का भी प्रयोग कर सकते है |

प्याज का रस : कान के दर्द से छुटकारा पाने के लिए आप प्याज को पीसकर उसका रस गुनगुना कर ले और इसकी कुछ बूंदों को कान में डाल ले | इस उपाय को करने से कान की पीड़ा तुरंत कम हो जाता है |

अदरक का रस : अदरक कान की पीड़ा को दूर करने के लिए प्राक्रतिक गुण पाए जाते है | अदरक को पीसकर जैतून के तेल में डाल कर हल्का सा गर्म कर ले और ठंडा होने के बाद इसे छानकर दो से तीन बूंदों को कान में डाले | कान में खुजली तथा कान की पीड़ा इस उपाय की मदद से बहुत जल्द ठीक हो जाता है |

आम के पत्ते : आम के पत्ते को पीसकर उसका रस निकालकर उसे हल्का गर्म कर ले और फिर इसकी कुछ बूंदों को कान में डाले | इस उपाय के करने से कान की पीड़ा से बहुत जल्दी राहत मिल जाती है |

गर्म पानी : सर्दियों में ठंड के कारण यह की समस्या बढ़ जाती है | ऐसी स्थिति में आप किसी बोतल में गर्म पानी करके उस किसी कपड़े की मदद से लपेट दे और इससे कान के पास अच्छी तरह से सिकाई करे ऐसा करने से कान की पीड़ा  में बहुत आराम मिलता है |

कान में दर्द का आयुर्वेदिक उपचार

  • कान में चाहे कितना भी दर्द हो तो केले के तने का रस निकाल कर आप सोने से पहले रात को कान में उसकी कुछ बुँदे को डाल ले | इस उपाय को करने से सुबह तक आपके कान की पीड़ा पूरी तरह ठीक हो जायेगा |
  • शुद्ध घी में मुलेठी को हल्का सा गर्म कर के इसको कान के आस – पास इसका लेप लगाने से कान के दर्द में बहुत आराम मिलता है |
  • अजवाइन का तेल सरसों के तेल में मिलाकर हल्का सा गर्म करे और कान में डाले | अजवाइन तेल सरसों के तेल का तीसरा भाग होना चाहिए तथा इस उपाय को करने से कान का दर्द बहुत जल्द ठीक हो जाता है |

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