ब्लड प्रेशर का उपचार घर पर करे – Treatment Of Blood Pressure In Hindi

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ब्लड प्रेशर शरीर की रक्त शिराओ पर पढने वाले खून के दबाव के कारण होता है| यह आपके स्वास्थ के लिये बहुत ज्यादा खतरनाक हो सकता है | भारतीय चिकित्सा शैली के अनुसार ब्लड प्रेशर दो प्रकार का होता है |

01- उच्च रक्तचाप या हाई बी पी

02- निम्न रक्तचाप या लो बी पी

मनुष्य में रक्तचाप की समस्या होने का प्रमुख कारण अनुवांशिकता होती है|यदि परिवार में किसी सदस्य को रक्तचाप की समस्या है , तो उनकी अगली पीढ़ी को भी रक्तचाप की समस्या होने की सम्भावना बढ़ जाती है |

ब्लड प्रेशर नापने  के लिए डॉक्टर जिस मशीन का उपयोग करते है उसे स्फाइगनोमैनोमीटर कहते है | रबर के ब्लेंडर को दबाया जाता है तथा एक पट्टा बांह में बाँधा जाता है | रबर के ब्लेंडर को दबाने से प्रेशर रिलीज होता है , फिर डॉक्टर जाँच करने वाले आले में पारे के गिरते लेवल से ब्लड प्रेशर की जाँच करता है |

एक स्वस्थ वयस्क मनुष्य का सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर 90 और 120 मिलिमीटर के बीच होना चाहिए। सामान्य डायालोस्टिक ब्लड प्रेशर 60 से 80 मि.मि. के बीच होता है। चिकत्सीय गाइडलाइन्स के अनुसार सामान्य रक्तचाप 120/80 तक ही रहना चाहिए।

ब्लड प्रेशर को साइलेंट किलर भी कहा जाता है , क्योकि बहुत से लोगो को इसकी जानकारी भी नही होती कि उनको ब्लड प्रेशर की समस्या का होना शुरू हो गया है | बहुत से लोग मानते है कि ब्लड प्रेशर की परेशानी सिर्फ प्रौढ़ावस्था में ही होती है , परन्तु अब तो यह समस्या छोटे बच्चो में भी देखने को मिलना शुरू हो चुकी है |

एक बार ब्लड प्रेशर की दवाई शुरू हो जायें तो उनका बंद होना उतना आसान नही होता जितना कि सभी लोग सोचते है | इसलिए ब्लड प्रेशर की समस्या से छुटकारा पाने के लिए इसके उपचार में ही फायदा है | अगर रक्तचाप की समस्या को समय पर पहचान लिया जाए तो रक्तचाप की समस्या के असर को समय रहते दूर किया जा सकता है तो आइये जानते है ब्लड प्रेशर का उपचार करने में फायदेमंद कुछ घरेलु उपाय|

ब्लड प्रेशर का उपचार –

सही मात्रा मे नमक का सेवन

रक्तचाप की समस्या अमूमन लोगों को ज्यादा नमक खाने के कारण होती है | आजकल कैन फूड का जमाना है जिसे प्रिजर्व के लिए इसमें अधिक मात्रा में नमक डाला जाता है, जो हाई साल्‍ट होता है | अगर हम पूरे दिन में 5 ग्राम से ज्‍यादा नमक का प्रयोग करते हैं तो इससे हमे रक्तचाप की समस्या हो सकती है |

रक्तचाप की समस्या से बचने के लिए नमक का सेवन आपको कम कर देना चाहिए | आप दिनभर में बस एक छोटा चम्मच नमक का सेवन कर सकते है | आप लो – सोडियम साल्ट का इस्तेमाल कर सकते है | हफ्ते में एक बार बिना नमक के भोजन को खाने की आदत डाले , इससे आपको ब्लड प्रेशर कम करने में काफी मदद मिलेगी |

दालचीनी का प्रयोग

दालचीनी में भरपूर मात्रा में औषधीय गुण पाए जाते है , जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखते है तथा मधुमेह के रोगियों के लिए भी यह बहुत फायदेमंद होती है | आपको ब्लड प्रेशर की समस्या रहती है तो दालचीनी आपके लिए अच्छा ऑप्शन है |

नियमित रूप से दालचीनी की लकड़ी को दातुन की तरह चवाने से काफी फायदा मिलता है | आधा चम्मच दालचीनी को अपने भोजन में प्रयोग करने से आपकी ब्लड शुगर 29 फीसदी तक कंट्रोल हो जाती है | जिससे रक्तचाप की समस्या खत्म हो जाती है |

लहसुन के फायदे

लहसुन में प्रोटीन , एन्ज़ाइम तथा विटामिन-बी , सैपोनिन , फ्लैवोनॉइड आदि पदार्थ पाये जाते हैं , जो हाइपरटेंसन के लिए बहुत लाभकारी होता है | पुराने समय से ही लोग लहसुन के बहुत से फायदे जानते है , और आयुर्वेद में भी लहसुन के गुणों का बहुत महत्वबताया गया है|

रक्तचाप की समस्या को खत्म करने के लिए आपको प्रतिदिन 2 से 3 कच्चे लहसून की कलियों को खाना चाहिए| लहसून की कलियों को प्रयोग करने से पहले अच्छी तरह से हाथो से पीस ले जिससे उनमे हाइड्रोजन सल्फाइड नाम का एक कंपाउंड बनता है | यह कंपाउंड शरीर में रक्त के प्रवाह को नियंत्रीत रखता है | जिससे रक्तचाप की समस्या खत्म हो जाती है |

प्याज होता है फायदेमंद

प्याज में पाया जाने वाला एंटी आक्सीडेंट , कैसरटिन , फ्लेवेनाल आदि | रक्तचाप के दोनों प्रकार लो ब्लड प्रेशर और हाई ब्लड प्रेशर को सही रखने में हमारी बहुत मदद करते है |

किसी भी प्रकार के रक्तचाप की समस्या होने पर आप 3 कच्चा प्याज लेकर के उसका रस निकाल ले और उसमें 3 बड़े चमच्च शहद मिलाकार के मिश्रण तैयार कर लें | पूरे एक सप्ताह तक दिन में दो बार इस मिश्रण का इस्तेमाल करने से आप रक्तचाप की समस्या को दूर कर सकते है |

जैतून का फयदेमद प्रयोग – ब्लड प्रेशर में

उच्च रक्तचाप के इलाज में जैतून के तेल का उपयोग भी फायदेमंद पाया गया है | जैतून का उपयोग यूरोप के एक मेडिटेरेनियन क्षेत्र में बहुत अधिक किया जाता है | ब्लड प्रेशर के लेवल को सही रखने के लिए जैतून के तेल से बहुत मदद मिलती है | इसी कारण जैतून के तेल के उपयोग से मेडिटेरेनिमन क्षेत्र में रहने वाले लोग बहुत स्वस्थ रहते है |

तीन चम्मच जैतून का तेल नियमित रूप से प्रयोग करने से रक्तचाप की समस्या में कमी हो जाती है | जैतून के तेल में पाया जाने वाला मोनो सेचुरेटेड फैट्स हाई बीपी और कोलेस्ट्रोल को नही बढने देता है |

अजवाइन होता है लाभकारी

अजवाइन में यौगिक कार्वोकल पाया जाता है , जो धमनियों पे पढने वाले दबाव को कम करता है | जिससे हार्ट रेट में कमी आ जाती है तथा हाई और लो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखता है |

रक्तचाप की समस्या होने पर अजवाईन का प्रयोग करने के लिए थोड़े सी अजवाईन को एक कप पानी में डालकर उबाल ले| अब इस पानी को छानकर इस पानी का सेवन करे | कुछ ही दिनों में रक्तचाप की समस्या खत्म हो जाएगी|

नारियल का लाभकारी प्रयोग – ब्लड प्रेशर में

नारियल में मैग्नीशियम और पोटेशियम इलेक्ट्रोलाईटस बहुत अच्छी मात्रा में पाए जाते है | जो की हृदय की मांसपेशियों के लिए बहुत लाभकारी होता है| नारियल का पानी रक्तचाप की समस्या को दूर करने में बहुत लाभकारी होता है |

नारियल पानी का प्रयोग करके आप रक्तचाप की समस्या को खत्म कर सकते है | आपको एक नारियल का पानी प्रतिदिन पीना चाहिए | अगर आपको रक्तचाप की समस्या ज्यादा रहती है तो आपको प्रतिदिन 3 नारियल का पानी पीना बहुत फायदेमंद होता है |

सूखे मेवा होता है लाभकारी

सूखे मेवा उच्च रक्तचाप को सही रखने में काफी फायेदेमंद होते है | बादाम में मोनोसैचुरेटेड फैट पाया जाता है , यह उच्च रक्तचाप की समस्या को कम करने में मदद करता है एवं धमनियों की सूजन को भी कम करता है , जिसके कारण उच्च रक्तचाप घट जाता है |

मधुमेह नियंत्रित रखे – ब्लड प्रेशर में

मधुमेह को नियंत्रित रखें तथा अपनी किडनी की भी देखभाल करे | बहुत सी दवाओं के सेवन से भी आपको उच्च रक्तचाप का खतरा हो सकता है , इसलिए आपको अपने डॉक्टर की सलाह लेकर ही दवा लेनी चाहिए |

वजन नियंत्रित रखे – ब्लड प्रेशर में

वजन कम करे क्योकि ज्यादा वजन होने के कारण आपके ह्रदय को हर समय अधिक परेशानी का सामना करना पढ़ता है और इससे उच्च रक्तचाप बढ़ जाता है| उच्च रक्तचाप को नियंत्रित रखने के लिए आपको अपना वजन सही रखना चाहिए |

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