डायबीटीज होने के कारण और मधुमेह कम करने के उपाय

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sugar ki bimari
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मधुमेह एक ऐसा रोग है, जो एक बार हो जाए तो फिर जीवन भर के लिए हो जाता है, क्योंकि यह रोग स्वास्थ्य पर कई साइडइफेक्ट छोड़ता है | आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के अनुसार डायबीटीज पूरी तरह ठीक नहीं हो सकता है | लेकिन इसका पूरा इलाज लेने पर इसको नियंत्रण जरुर किया जा सकता है | रक्त में डायबीटीज कम करने के लिए सही खानपान, वयायाम, और दवाईयों का नियमित सेवन करना जरुरी होता है | आज के समय में जहां दवाइयों के द्वारा जटिल से जटिल बीमारियों को ठीक करने में सफलता पाई है, वहीं इनके साइड इफेक्ट के कारण कई नईं बीमारियाँ शरीर को घेर लेती है | हमारा यह प्रयास है की बिना किसी साइडइफेक्ट के स्वास्थ्य लाभ कर सके | इसके अलावा भोजन और जीवन-शेली में जरुरी परिवर्तन तथा ओषधियों के उपयोग से डायबिटीज को नियंत्रण में रखा जा सकता है |

मैं आपको बताऊंगा आप अपनी डायबीटीज को कैसे कंट्रोल कर सकते है |

जाने मधुमेह के प्रकार –

मधुमेह को दो भागो मे बाटा गया है |

पहला- शरीर का इन्सुलिन ना बना पाना इसे टाइप पहला मधुमेह कहते है | मधुमेह एक ऑटोइम्यून डिसआर्डर है ,इसमें शरीर की श्वेत कोशिकाए अग्नाशय की इंसुलिन बनाने वाली कोशिकाओ को नष्टकर देता है | और इसमें रोगियों को इंजेक्सन के माध्यम से इंसुलिन को शरीर के अन्दर रक्त में दिया जाता है |

दूसरा – शरीर मे इन्सुलिन की मात्रा का काफी न होना या इन्सुलिन का सही तरीके से इस्तेमाल ना हो पाना, जिसके कारण ग्लूकोज कोशिकाओ मे नही जाता है और रक्त मे उसकी मात्रा बढ जाती है | इसमें जब इन्सुलिन का उपयोग नही हो पता और उसकी मात्रा बढ़ जाती है तो अग्नाशय इन्सुलिन नहीं बनता, इसलिए इस प्रकार के रोगी दवाओ और उचित जीवन शैली पर निर्भर रह सकते है |

किशमिश के कुछ फायदे : रोज सुबह भूखे पेट किशमिश का सेवन करने से एक दर्जन से ज्यादा बीमारियों से बचा जा सकता है |

शुगर होने के कारण –

कार्बोहाइड्रेट ऊर्जा देने वाले भोजन के रूप में जाना जाता है | जब हम कार्बोहाइड्रेट खाते है तो वह पेट मे जा कर ऊर्जा में बदल जाता है ,जिसे ग्लूकोज कहते है | यह ऊर्जा हमारे शरीर की अन्य कोशिकाओ को भी ऊर्जा देती है और यह तभी होता है जब हमारा अग्नाशय पर्याप्त मात्रा मे इंसुलिन उत्पन्न करता है | इन्सुलिन एक हार्मोन्स है ,जो कार्बोहाइड्रेट और वसा का उपापचय को नियंत्रित करता है | बिना इन्सुलिन के ग्लिकोज कोशिकाओ में प्रवेश नही करता ,और रक्त वाहनियो मे एकत्रित हो जाता है | इसे में व्यक्ति को पर्याप्त ऊर्जा नहीं मिल पाती,और व्यक्ति मधुमेह से ग्रस्त हो जाता है |

  • आनुवंशिकी कारण – यदि किसी व्यक्ति के माता –पिता को मधुमेह की शिकायत है, तो उनके बच्चों को भी मधुमेह हो सकता है |
  • मोटापा होना – शरीर मे अधिक चर्बी के कारण इन्सुलिन की मात्रा बढ़ जाती है |
  • खराब आहार के सेवन से भी मधुमेह की समस्या होती है | चाये ,कोल्ड ड्रिंक ,चीनी आदि का अधिक सेवन करना |
  • वयायाम की कमी के कारण |
  • इन्सुलिन में परिवर्तन के कारण |
  • तनाव और डिप्रेसन में रहना |
  • धुम्रपान करना ,तम्बाकू या कोई अन्य नशा करना |
  • दवाईयों का ज्यदा सेवन करना अक्सर लोग बिना डॉक्टरकी सलाह से दवाओं का सेवन कर लेते है जिसका असर हमारे शरीर पर पड़ता है |

मधुमेह के होने के लक्षण – मधुमेह  पहचान ने के अनेक तरीके है | यदि किसी व्यक्ति को नीचे दिए गए लक्षण ज्यदातर दिखाई दे तो तुरंत डॉक्टरसे संपर्क करे |

  • ज्यदा भूख लगना |
  • किडनी खराब होना |
  • यूरिन बार बार आना |
  • रोगी के वजन मे गिरावट |
  • शरीर मे कमजोरी महसूस होना |

शुगर से बचने के लिए जरुरी उपाय  –

शुगर को कम करने के लिए सुबह रोज टहलने जाये ,एक सर्वे के दोरान जो लोग रोजाना टहलने जाते है उनको मधुमेह होने की सम्भावना कम हो जाती है | और कुछ घरेलु तरीको से हम इसको कम कर सकते है |

जामुन की गुठली – जामुन की गुठली को धूप मे सुखा ले और उनको पीस कर उसका चूर्ण बना ले ,ओए सुबह खाली पेट इसका सेवन करे |

मैथी के दाने – मैथी के दानो को रात मे पानी में डाल कर भिगो कर रख दे, और सुबह इसको खाली पेट पिए तथा मैथी के दानो को चावा ले| इससे मधुमेह की समस्या कम होगी |

करेले का जूस – करेला का जूस मधुमेह वालो के लिए रामबाण है| सुबह खाली पेट करेले का जूस निकल कर पिए और अगर चाहो तो एलोबेरा का जूस भी मिक्स कर सकते है |इस उपाये से मधुमेह में काफी लाभ होगा |

नीम की पत्तिया – नीम के पत्ते शरीर मे इन्सुलिन के निर्माण में सहायक होते है और मधुमेह को बढने नहीं देता | रोजाना खाली पेट नीम के पत्ते चबाने से शुगर मे लाभ होता है |  तुलसी की पत्तिया – तुलसी मे एंटी आक्सीडेंट के गुण पाए जाते है | सुबह खाली पेट 3 से 4 तुसली के पत्ते चबाने से शुगर नियंत्रित रहती है |

ज्वारे रामबाण ओषधि- जब गेंहू के बीज अंकुरित होते है और उनके से जो हरी पत्तियों  के रूप में निकलते है उसे ज्वारे कहते है ,इन पत्तियों को तोड़ कर रोजाना चबाने से मधुमेह मे लाभ मिलता है |

उच्च फाइबर वाली चीजो का सेवन करे – उन चीजो का सेवन करे जिसमे फाइबर की मात्रा अधिक हो ,जैसे – मूंग दाल ,ज्वार की रोटी ,चने की दाल आदि |

जिन लोगो को शुगर है वे लोग ऊपर  दिए गए तरीको का इस्तेमाल रोजाना करे |और मधुमेह को आसन तरीको से कम करे |

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