पथरी रोग से ग्रस्त मरीज को विशेष प्रकार खानपान करने की सलाह दी जाती है जिससे पथरी की बीमारी को ख़त्म करने में मदद मिल सके यदि पीड़ित मुली के बीजों  का सेवन निम्न प्रकार से करे तो इस रोग को ख़त्म करने में मदद मिल सकती है पथरी रोगियों के लिये आज हम मुली के बीजों के द्वारा पथरी में होने वाले लाभ के बारे में बताने जा रहे है तो आइये जानते है उन तरीकों के बारे में  

मुली व मुली के बीजों से हो सकता है पथरी का उपचार

  • सबसे पहले तीस से चालिस ग्राम मुली के बीजों को एक साफ़ बर्तन में डालकर उबाल  ले जब पानी आधा शेष रह जाये तो इस पानी को छानकर खाली पेट पीने से मूत्राशय की पथरी से आराम मिलता है इस उपाय को कम से कम दो हफ़्तों तक जरुर दोहराएं है |
  • प्रतिदिन बीस ग्राम मुली के बीजों का जूस बनाकर खाली पेट पीने से भी गुर्दे की पथरी के मरीज को काफी आराम मिलता है
  • मुली के पत्तों का जूस बनाकर प्रतिदिन सुबह शाम खाली पेट पीने से भी पथरी गलकर मूत्राशय के द्वारा निकल जाती है
  • मुली में एक छेद करके उसमे शलगम में बीजों को डालकर गर्म कर ले फिर खाली पेट रोजाना सुबह सेवन करने से भी रोगी को आराम प्राप्त होता है
  • मुली के पत्तों के जूस में नीबू का रस मिलाकर पीने से भी रोगी को काफी हद तक आराम मिल सकता है

किस प्रकार करती है उपचार मुली पथरी का

मुली में उच्च मात्रा में ऐंथोसाइनिन, फोलिक, एंटी-कॉर्सनोजिनिक, पोटेशियम, एंटी-हायपरटेन्सिव, फास्फोरस, जिंक, फाइबर व विटामिन सी पाया जाता है जो पथरी की बीमारी में एक अहम् भूमिका निभाते है | ऊपर दिये हुये उपायों को कम से कम तीन हफ़्तों तक लगातार करे और यदि आप इस लेख से जुडी किसी अन्य सवाल को पूछना चाहते है तो हमारे कमेन्ट बॉक्स में जरुर बताये |

मानवेन्द्र सिंह

मानवेंद्र सिंह सॉफ्ट प्रमोशन टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड में फिटनेस और हेल्थ ब्लॉगर हैं। उन्होंने 2006 में BHM स्नातक की डिग्री ली है। उन्हें स्वास्थ्य एवं विज्ञान अनुसंधान के क्षेत्र में लेखन का आनंद मिलता है।

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