रीढ़ की हड्डी में दर्द का उपचार

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रीढ़ की हड्डी का दर्द मुख्य रूप से पीड़ित व्यक्ति के गर्दन से लेकर पीठ के बीच वाले हिस्से व पीठ के निचले हिस्से में भी हो सकता है, यह दर्द मरीज के मांसपेशियों में खिंचाव, रीढ़ की हड्डी का असामान्य रूप से मुड़ने, गठिया व हड्डी की डिस्क में चोट लगने के कारण जन्म लेता है एक सर्वे के अनुसार भारत सहित पूरी दुनिया में इस दर्द के कारण 15 प्रतिशत लोग परेशान है | इस दर्द का यदि सही समय पर उपचार न कार्य जाये तो यह दर्द मरीज के कंधे, कूल्हे व पैर को भी अपनी गिरफ्त में ले सकता है |

रीढ़ की हड्डी में दर्द क्या है ?

यदि मरीज के रीढ़ की हड्डी के जोड़ो में मांसपेशियों, डिस्क और नसें सही रूप से फिट नही हो पा रही है या फिर यह सभी ठीक तरीके से हिल डुल पाने में असमर्थ हो जाये तो मरीज को पीठ के निचले हिस्से से लेकर गर्दन तक कही भी दर्द की अनुभूति हो सकती है |

जाने इस दर्द के मुख्य लक्षणों के बारे में :

  • रीढ़ की हड्डी में अकड़न का आना |
  • मरीज को एक हफ्ते से अधिक पीठ में दर्द होना |
  • पीठ की मांसपेशियों व नसों में अकड़न का होना |
  • पीठ की मांसपेशियों में ऐंठन होना |

जाने इस दर्द के कारणों के बारे में

मांसपेशियों में खिंचाव आने से

यदि अधिक शारीरिक गतिविधि के कारण मरीज की मांसपेशियों के लिगामेंट्स में खिचाव आ जाता है, जो मरीज के शरीर में दर्द की एक वजह बनता है |

पीठ की हड्डी असामान्य रूप से मुड़ने के कारण-

यह समस्या जन्मजात मानी जाती है क्योंकि जब मरीज किशोरावस्था में होता है तभी इस समस्या के बारे में पता लगा लिया जाता है | पीठ की हड्डी मुड़ने के कारण मरीज मांसपेशियों, टेंडन, लिगामेंट्स और कशेरुकाओं पर आये दिन दबाव पड़ता है, जिसके कारण मरीज को दर्द होने लगता है |

स्पाइनल स्टेनोसिस के कारण –

स्पाइनल स्टेनोसिस यानि रीढ़ की हड्डी के बीच से निकलने वाली नसों के बीच का मार्ग कम हो जाता है, तो मरीज को नियमित दर्द का अहसास होने लगता है |

ओस्टियोआर्थराइटिस के कारण –

यह एक प्रकार का गठिया होता है जो मर्रिज के पीठ के निचले हिस्से को प्रभावित करता है, रीढ़ की हड्डी में गठिया होने पर हड्डी के आस-पास की जगह कम होने लगती है |

ओस्टियोपोरोसिस के कारण –

ओस्टियोपोरोसिस के कारण मरीज की पीठ की हड्डी पर अधिक दबाव पड़ने लगता है जिसके कारण हड्डी में मौजूद कशेरुकाएं टूटने लगती है |

पीठ में दर्द होने के अन्य वजह :

  • फाइब्रोमायल्जिया के कारण
  • गर्भावस्था
  • कैंसर के कारण
  • ओवेरियन सिस्ट

इस दर्द में होने वाली जाँच

ईएसआर टेस्ट – ईएसआर एक प्रकार का ब्लड टेस्ट होता है इस टेस्ट में मरीज के लाल रक्त कोशिकाएं की जाँच करके रीढ़ की हड्डी में होने वाली बीमारी का पता लगाया जाता है |

सीआरपी ब्लड टेस्ट – सीआरपी यानी सी रिएक्टिव प्रोटीन के द्वारा पीड़ित के हड्डी में मौजूद ऊतक की जाँच करके बीमारी का पता लगाया जाता है |

एक्स रे जाँच – एक्स रे के द्वारा मरीज के रीढ़ की हड्डी में हो रही परेशानी के बारे जानकर पीड़ित को उस समस्या के उपचार की सलाह दी जाती है | ( और पढ़े – एक्स रे के बारे में )

सीटी स्कैन के द्वारा – सीटी स्कैन के द्वारा रीढ़ की हड्डी की डिस्क, लिगामेंट्स, नसें, मांसपेशियों और रक्त वाहिकाओं की जांच की जाती है | ( और पढ़े – सीटी स्कैन के बारे में  )

रीढ़ की हड्डी में हो रहे दर्द से बचाव :

  • सीधे विस्तार पर सोये
  • कैल्शियम यूक्त आहार का सेवन अधिक करे
  • विटामिन डी युक्त आहार का सेवन करे
  • सब्जियों को उबालकर सेवन में लाये
  • अनानास के जूस का सेवन अधिक करे
  • धुम्रपान बिलकुल न करे |

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