धूम्रपान करने की वजह व घातक प्रभाव – Smoking In Hindi

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धूम्रपान

आज के दौर में धूम्रपान एक बहुत बड़ी समस्या है । धूम्रपान एक धीमा जहर है । यह शरीर को धीरे धीरे खोखला करता है ।अधिक से अधिक लोग, विशेष रूप से युवा धूम्रपान करने के लिए आदी हो रहे हैं ।

जानिये धूम्रपान से जुडी कुछ जरुरी बातों के बारे में

  • WHO के अनुसार धूम्रपान की वजह से हर साल लगभग 60 लाख लोग मारे जा रहे हैं ।उनके अनुसार वर्ष 2030 में प्रति वर्ष धूम्रपान की वजह से मारे जाने लोगों की संख्या बढ़कर 80 लाख हो जाएगी।विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा हाल ही के एक अध्ययन के अनुसार, दुनिया भर में धूम्रपान करने वालों की 12% आबादी भारत में हैं । धूम्रपान एक चिंता का विषय है, जो कि एक बड़ी आबादी को अपने चपेट में लिए हुए है।
  • विकसित देशों में धूम्रपान की लत अब महिलाओं और लड़कियों में भी तेजी से फैल रही है। विकसित देशों के साथ ही अब हमारे देश मे भी महिलाएं तेज़ी से धूम्रपान की तरफ़ आकर्षित होते हुए देखी जा सकती हैं। अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन जर्नल के अनुसार, विश्व में लगभग एक अरब लोग धूम्रपान करते हैं जिसमें से करीब पांच करोड़ महिलाएं हैं।
  • दुनिया में हर साल पचास अरब रुपये धूम्रपान पर खर्च किए जाते हैं।
  • धूम्रपान दरअसल एक लत है जिससे जब तक व्यक्ति दूर रहता है तब तक तो वह ठीक रहता है लेकिन एक बार यदि इसे प्रारम्भ कर दिया जाए तो इंसान को इस नशे में मज़ा आने लगता है। कुछ कहने-सुनने से पहले यह जान लें की धूम्रपान हर दृष्टि से हानिकारक है।

क्यों धूम्रपान कर रहे है लोग क्या है धुम्रपान करने के मुख्य कारण ?

  • जो  लोग धूम्रपान करते हैं उनके पास इसके कई सारे कारण होते हैं। युवा पीढ़ी , कॉलेज जाते हुए नवयुवक अक्सर फिल्मों में हीरो को जब धूम्रपान करते हुए देखते हैं तब उसकी नक़ल करते हैं। एक बार शुरू कर देने पर वे उस आदत को छोड़ नहीं पाते। कुछ लोग कहते हैं कि वे थकान भगाने के लिए धूम्रपान करते है।
  • अक्सर चिंताओं से जूझते समय लोग धूम्रपान करते हैं। कुछ लोग धूम्रपान के जरिए तनाव व दर्द को कम करने की कोशिश करते हैं। सिगरेट में पाए जाने वाले निकोटीन से दिमाग को  थोड़ी देर के लिए आराम जरूर मिलता है लेकिन इसके साथ आपके फेफड़ों पर इसका बुरा असर भी होता है।
  • आज टीवी पर धूम्रपान से होने वाले नुकसान दिखाए जाते हैं, फिर भी लोग इससे सबक नहीं लेते । हर कोई, आज, इस बात को अच्छी तरह जानता है कि धूम्रपान का हमारे स्वास्थ्य पर विनाशकारी प्रभाव हो सकता है । फिर भी, लोग इस बात की अनदेखी करते हैं और इस आदत को नहीं छोड़ते हैं  ।

धूम्रपान के कारण शरीर को होने वाला नुकसान

◾धूम्रपान के कारण कैंसर होता है ।सबसे वयापक रूप से ज्ञात रूप फेफड़ों का कैंसर है।

धूम्रपान करने वाले क्रोनिक ओब्स्त्रक्तिव पल्मोनरी डिजीज (chronic obstructive pulmonary disease ) से ग्रसित हो जाते है (सीओपीडी)जो की तब भी नहीं रूकती है जब व्यक्ति ने धूम्रपान छोड़ दिया होता है । स्वस्थ होने के अन्य संकेत भी नजर आते हैं लेकिन फेफडो में नुक्सान धूम्रपान छोड़ने के बाद भी लंबे समय के लिए चलता है ।धूम्रपान करने वाले व्यक्ति के फेफडो में कैंसर कराने वाले तत्व अपना आप बढते रहते है व्यक्ति के धूम्रपानछोड़ने के बाद भी ।सिगरेट के धुएं के द्वारा उत्तेजित होने के बाद cells के बहार की matrix का विकास उस तरह से नहीं होता है जैसा की तब होता था जब व्यक्ति धुएं के संपर्क में नहीं आया था । कैंसरजन, बेंजीन, कैडमियम, और फॉर्मल्डेहाइड जैसे रसायनों में ल्यूकेमिया, मूत्राशय कैंसर, गर्भाशय ,ग्रीवा का कैंसर, पेट कैंसर और कई अन्य रूपों का कारण बन सकता है।

◾धूम्रपान करने वालों को अक्सर अपनी आंतों में जलती हुई सनसनी से पीड़ित होती है। इसका कारण यह है कि धूम्रपान एसिड की रिहाई को बढ़ाता है और अल्सर का कारण बनता है जो आपके पेट को दर्द में जला देता है। अध्ययनों से पता चलता है कि धूम्रपान नहीं करने वालों के मुकाबले धूम्रपान करने वाले ज्यादा पेट और आंत के कैंसर से ग्रस्त होते हैं ।खतरा : कुछ लोग को तंबाकू में मौजूद निकोटीन के कारण गंभीर पाचन समस्या हो जाती है जिसे रिफलक्स ऑफ एसिड कहा जाता है, जिससे पेट की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं, परिणामस्वरूप समग्र पाचन तंत्र में असंतुलन बना रहता है.।

◾धूम्रपान और गर्भावस्था धूम्रपान नहीं करनेवाली महिला की तुलना में धूम्रपान करनेवाली महिला को गंभीर स्वास्थ्य स्थितियों का सामना करना पड़ता है, खासकर गर्भधारण करने पर मां को धूम्रपान के कारण, उन्हें गर्भस्राव, समय से पहले प्रसव या मृत बच्चा पैदा हो सकता है । धूम्रपान से बच्चे का स्वास्थ्य भी प्रभावित होता है, बच्चा कम या ज्यादा वजन का हो सकता है और उसे मधुमेह, अस्थमा, उच्च रक्तचाप या हर्ट स्ट्रोक जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

◾धूम्रपान करने वालों में जागरूकता व सोचने समझने की शक्ति कम हो जाती है।

◾तंबाकू हमारे शरीर साथ आंखों को भी प्र‍भावित करता है। धूम्रपान करने वालों की आंखों में जलन होना सामान्‍य है, इसके अलावा इससे आंखों की रोशनी भी जा सकती है।

◾धूम्रपान करने वालों के संपर्क में हमेशा रहने वाले लोगों को भी यही खतरा रहता है। कई बार धूम्रपान नहीं करने वालों की आंखें सिगरेट या बीड़ी के गुल से जल जाती हैं।

◾धूम्रपान के जरिये तंबाकू के संपर्क में आने वाले लोगों में दूसरों के मुकाबले मोतियाबिंद होने का खतरा अधिक होता है।

◾धूम्रपान  हृदय संबंधी बीमारियों जैसे दिल का दौरा, हृदय-धमनी रोग का मुख्य कारण है जो किसी व्यक्ति को जीवन के प्रत्येक कदम पर प्रभावित करता है ।

◾तंबाकू के सेवन से दांतो का संक्रमण और दांत दर्द भी हो सकता है, जिससे दांत निकलवाने की नौबत आ सकती है ।

◾क्योंकि धूम्रपान रक्त में ऑक्सीजन की आपूर्ति को कम कर देता है, इसलिए शरीर का ऊर्जा स्तर कम रहता है और आप थकान महसूस करते हैं। कई बार हम देखते हैं कि धूम्रपान करने वालों ने हाथ कांपते हैं ।

◾महिलाएं जो धूम्रपान करने की आदी होती हैं उन्हें अक्सर अनियमित माहवारी चक्र या माहवारी नहीं होने की शिकायत होती है, उनकी प्रजनन क्षमता कम या समाप्त हो जाती है, अत्यधिक धूम्रपान से महिलाओं को स्तन कैंसर और सर्वाइकल भी हो सकता है ।

याद रखिये धूम्रपान करने से सिर्फ नुकसान होता है, तभी तो सिगरेट के पैकेट पर स्वयं कंपनी वाले लिखते हैं, ‘Smoking is injurious to health’..

धूम्रपान पड़ेगा महँगा – आपके लिए भी और आपके चाहने वालों के लिए भी ।।

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