पीआरपी थेरेपी

पीआरपी थेरेपी के फायदे और इसका खर्चा कितना आता है – PRP Therapy in Hindi

आजकल बढ़ते प्रदूषण और गलत खान पान की वज़ह से जीवन शैली बहुत हद तक प्रभावित हो रही है। इसकी वज़ह से अनेकों त्वचा सम्बन्धी समस्या, बालों का झड़ना आदि समस्या आम हो गयी है। जोड़ों का दर्द का घुटनों का दर्द भी  लोगों को परेशान कर रहा है । पुरुष हो या महिला बालों का झड़ना आजकल सभी मे देखा जा रहा है। इसके पीछे प्रदूषण, गलत खान पान के साथ तनाव, शरीर की देखभाल न कर पाना और अनुवांशिक कारण भी हो सकते हैं। इसके ट्रीटमेंट के लिए बाजार में कई सारे विकल्प मौजूद हैं पर उनमे कई सारे साइड इफेक्ट्स देखने को भी मिलते हैं। ऐसे में यह पता करना मुश्किल हो जाता है कि किस प्रकार का ट्रीटमेंट करना  सही होगा?

बालों के झड़ने की समस्या और घुटनों के दर्द से निपटने के लिए आज हम आपको एक नई तकनीक पीआरपी थेरेपी के बारे में बताएंगे। यह थेरेपी पूरी तरह से भारत देश में की जाती है और इसके कोई भी साइड इफेक्ट देखने को नहीं मिलते हैं। अन्य ट्रीटमेंट की तुलना में यह थेरेपी कम समय और लागत में अच्छा परिणाम देती है। 2014 के एक शोध के अनुसार पुरुषों में होने वाले गंजेपन के लिए पीआरपी थेरेपी प्रभावी साबित हुई है। आइए जानते हैं पीआरपी थेरेपी के बारे में-

पीआरपी थेरेपी : PRP Therapy in Hindi

पीआरपी थेरेपी यानी कि प्लेटलेट रिच प्लाजमा को हिन्दी में प्लेटलेट समृद्ध प्लाज्मा कहा जाता है। इस थेरेपी में पीआरपी को व्यक्ति के ही रक्त से निकाला जाता है और प्लेटलेट का कंसंट्रेशन होता है और व्यक्ति मे इंजेक्ट कर दिया जाता है जिसके बाद यह रक्त के माध्यम से पूरे शरीर में फैल जाता है। प्लेटलेट्स का कार्य रक्त का थक्का जमाने का होता है। जब कभी चोट लग जाती है या कहीं पर कट जाता है तो अत्यधिक खून ना बह पाए इसलिए प्लेटलेट्स रक्त के थक्के को जमा देता है।

प्लेटलेट्स और खून के तरल प्लाज्मा नई कोशिकाओं के बनने, उनके गुणन और वृद्धि में सहायक होते हैं। रोगी द्वारा शरीर से पीआरपी के लिए रक्त को निकाल लिया जाता है जिसे सेंट्रीफ्यूज मशीन में रख दिया जाता है जहां पर प्लेटलेट्स अलग होते हैं। उस रक्त से प्राप्त प्लेटलेट्स से पीआरपी या समृद्ध प्लाज्मा अलग कर इंजेक्शन मे भर लिया जाता है इस प्लाज्मा को सिर की त्वचा पर इंजेक्ट कर देते हैं। इसके बाद बालों के झड़ने की समस्या कम हो जाती है। घुटनों पर भी इंजेक्ट कर रोग को दूर किया जाता है। 

पीआरपी प्रक्रिया : PRP Therapy Process in Hindi 

पीआरपी की प्रक्रिया की शुरुआत सबसे पहले प्रश्नावली फॉर्म से होती है जिसमें आपको परहेज से संबंधित प्रश्नों के जवाब देने होंगे। 

विशेष – यदि आप पहले से ही किसी प्रकार की एंटीबायोटिक ले रहे हैं या अपने रक्त को पतला करने वाली दवाइयां जैसे एस्पिरिन, वारफिन और अन्य दवाएं ले रहे हैं तो डॉक्टर को पहले ही सूचित कर दें। 

इसके बाद हेल्थ केयर प्रोफेशनल मरीज के शरीर से खून निकाल कर नमूना तैयार करते हैं। एक अध्ययन के अनुसार बालों के झड़ने की समस्या से निजात पाने के लिए पीआरपी के लिए 20 मिलीलीटर रक्त की आवश्यकता होती है यह रक्त लगभग 1 चम्मच से अधिक का होता है। इस नमूने को अब सेंट्रीफ्यूज मशीन में रखा जाता है जहां पर लगभग 15 मिनट के अंदर ही रक्त से प्लेटलेट्स और प्लाज्मा अलग कर लिया जाता है। अब एक तकनीकी व्यक्ति इस प्लाज्मा को एकत्रित कर इंजेक्ट कर लेते हैं, मरीज की खोपड़ी में पीआरपी इंजेक्ट करने से पहले डॉक्टर अल्ट्रासाउंड तकनीक का प्रयोग करते हैं इसके बाद सिर की त्वचा पर इंजेक्शन लगा दिया जाता है। पीआरपी की प्रक्रिया में लोकल एनेस्थेटिक का भी प्रयोग किया जाता है जिसकी वजह से आप वाहन चलाने में असमर्थ हो सकते हैं इसीलिए वापस जाने के लिए अपने साथ किसी परिजन को ले आए। यदि आप थेरेपी के बाद वाहन चलाने के समर्थ महसूस करें तब भी वाहन को ड्राइव ना करें क्योंकि इंश्योरेंस कंपनी लोकल एनेस्थेटिक के प्रयोग पर वाहन चलाना अमान्य मानती है। पीआरपी थेरेपी पूरी होने के बाद भी प्रश्नावली फॉर्म भरने के लिए दिया जाता है इसे भरकर थेरेपी की प्रक्रिया पूरी हो जाती है। संपूर्ण प्रक्रिया में लगभग आधे घंटे लगते हैं। 

पीआरपी थेरेपी के लाभ : Benefits of PRP Therapy in Hindi 

1.कई अध्ययनों से मालूम होता है कि पीआरपी थेरेपी में मरीज के रक्त का इस्तेमाल होने की वजह से यह कम जोखिम वाली प्रक्रिया है। 

2. पीआरपी थेरेपी घुटनों के दर्द यानी कि अर्थराइटिस के लिए कारगर है। 

3. 2015 की एक चिकित्सा पत्रिका के अनुसार पीआरपी थेरेपी किए गए व्यक्ति और साधारण व्यक्ति में तुलना करने पर पीआरपी थेरेपी वाले व्यक्तियों में बालों के बढ़ने और घनत्व में वृद्धि तेजी से देखी गई। 

4. पीआरपी थेरेपी के 3 इंजेक्शन देने से पुरानी पटेलर टेंडिनोपैथी के लक्षणों में कमी दिखाई देती है। 

5. इसमें अभी तक किसी प्रकार का साइड इफेक्ट नहीं देखा गया है। यह पूरी तरह से सुरक्षित है। 

पीआरपी थेरेपी के नुकसान : PRP Therapy Ke Nuksan in Hindi

पीआरपी थेरेपी में व्यक्ति के ही रक्त का इस्तेमाल किया जाता है इसीलिए यह थोड़ा कम जोखिम वाला उपचार है। हालांकि इसमे कुछ नुकसान देखे गए हैं। 

1. इंजेक्शन वाली जगह पर दर्द महसूस हो सकता है। 

2. तंत्रिका में चोट होने का डर हो सकता है। 

3. पीआरपी थेरेपी से संक्रमण हो सकता है। 

4. मरीज के टिशू में समस्या हो सकती है। 

कुछ मरीजों में देखा गया है कि थेरेपी के बाद वह कुछ ही देर में अपनी सामान्य स्थिति में आ जाते हैं और दैनिक गतिविधियों को शुरू कर देते हैं। 

पीआरपी थेरेपी का खर्चा : PRP Therapy Cost in Hindi 

पीआरपी थेरेपी की लागत इंजेक्शन लगाने के तरीके और स्थान पर निर्भर करती है। थेरेपी करने वाले डॉक्टर की विशेषज्ञता और अनुभव, इलाज के लिए की जाने वाली तकनीक और विधि का उपयोग पीआरपी थेरेपी की लागत को प्रभावित करता है। 

भारत में पीआरपी इंजेक्शन की कीमत लगभग 13, 800 रुपए से शुरू होती है। विशेषज्ञ पहले आप के मामले की समीक्षा करते हैं और इसके बाद थेरेपी में होने वाले खर्चे को बताते हैं।  बालों के झड़ने को रोकने के लिए यह सबसे कारगर साबित होने वाली थेरेपी है। जिसकी लागत प्रति सत्र ₹7000 से शुरू है और मामलों के अनुसार ₹10000 तक भी जा सकती है। 

विशेष – कई सारी बीमा कंपनियां पीआरपी थेरेपी के लिए भुगतान नहीं करती हैं इसके लिए आपको पूरे पैसे अपनी जेब से देने होते हैं। 

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