किडनी खराब होने के बाद सावधानियाँ :आज के समय में कई बीमारियाँ आसानी से आपको अपना शिकार बना लेती है जिसका प्रमुख कारण आपका गलत खानपान और जीवन शैली है | ऐसी ही एक बीमारी किडनी का खराब हो जाना आजकल बहुत तेजी से बढ़ रही है और एक बार किडनी के फ़ैल हो जाने के बाद अधिकतर लोग अपनी जिन्दगी से निराश हो जाते है | मगर ऐसा नहीं होना चाहिए क्योंकि अगर किडनी फेल होने के बाद पूरी तरह से सावधानियों का ध्यान रखा जाए तो आप लम्बी और अच्छी जिन्दगी वयतीत कर सकते हैं |
किडनी की समस्या होने के लिए निम्न कुछ आदते जिम्मेदार होती हैं…

इसके कारण

सबसे पहले इसके खराब होने के कारणों पर ध्यान रखें जिससे आप अपने आप को इन कारणों से बचाएं तो काफी हद तक इससे बचा जा सकता है | तो आइये जानते है इसके कारण…

इन कारणों को ध्यान रखकर इनसे बचकर आप किडनी के फेल होने की समस्या को कम कर सकते हैं |

इसके लक्षण

अगर आप इन कारणों को ध्यान में नहीं रख पाते हैं तो कुछ लक्षणों को पहचान कर आप अपना बचाव कर सकते हैं | तो आइये जानते है किडनी फ़ैल होने के लक्षण…

इन लक्षणों को पहचान कर आप अपना बचाव कर सकते है और कुछ सावधानियों का प्रयोग बहुत लाभकारी रहता है | तो आइये जानते है किडनी के फेल हो जाने के बाद रखने वाली सावधानियां जो निम्न हैं….

किडनी खराब होने के बाद सावधानियाँ

एक कहावत होती है ‘Prevention is better than cure’ इसका मतलब होता है की बचाव इलाज से बेहतर होता है | किडनी की समस्या में कुछ सावधानियों को ध्यान में रखकर इससे बचा जा सकता है तो आइये जानते है वो सावधानियाँ…

फिट और स्वस्थ रहें

किडनी की समस्या होने पर बचाव का सबसे सही तरीका होता है की आप स्वस्थ रहे और फिट रहें इसके लिए आप नियम से रोजाना वयायाम करें इससे रक्तचाप की समस्या नियंत्रित रहती है शुगर का स्तर संतुलित रहता है| फिट रहने के लिए आप कुछ दूसरी एक्सरसाइज और वयायामों का सहारा भी ले सकते है मगर इनका प्रयोग डॉक्टर से सलाह ले कर ही करें |

स्वस्थ आहार

किडनी से जुडी समस्या के होने पर आपको स्वस्थ आहार का ही सेवन करना चाहिए | जिन लोगो के उम्र पैंतीस साल से ऊपर हो जाती है उन्हें अपने आहार में शुगर, फैट और मांस की मात्रा को कम कर देना चाहिए | आहार में नमक की मात्रा का कम सेवन करने से रक्तचाप और किडनी से जुडी समस्या की रोकथाम में फायदा मिलता है |

वजन को नियंत्रित करें

स्वस्थ आहार और एक्सरसाइज के साथ यह भी जरुरी होत्ता है की आप अपने वजन को नियंत्रित करें क्योंकि वजन अधिक होने की स्थिति में किडनी फेल होने के बाद डायलिसिस आदि की समस्या उत्पन्न हो सकती है | इसलिए समय रहते वजन को नियंत्रित करके इस समस्या को कम किया जा सकता है |

भरपूर मात्रा में पानी पियें

किडनी की बीमारी के अलावा भी आपको पूरे दिन में पानी की कम से कम चार लीटर मात्रा को ग्रहण करना चाहिए | क्योकि भरपूर मात्रा में पानी का सेवन करने से आपका पेशाब पतला हो जाता है जिससे आपके शरीर में मौजूद सारे विषैले पदार्थ बहार निकल जाते हैं जिससे किडनी की पथरी को होने से रोकने के साथ किडनी से जुडी और भी समस्याओं में आराम मिलता है |

नशीले पदार्थों का त्याग करें

किडनी की समस्या होने पर नशीले पदार्थों का सेवन बंद कर देना चाहिए क्योकिं शराब, धूम्रपान आदि का प्रयोग करने से आपके किडनी के लिए हानिकारक होता है | अधिक मात्रा में धूम्रपान करने से एथीरोस्क्लेरोसिस होने की चांसेस बढ़ जाते है इसके कारण किडनी में प्रवाहित होने वाले रक्त का प्रवाह कम हो जाता है जिसका असर किडनी के कार्य करने की क्षमता पर पढता है |

ज्यादा दिनों तक दर्द निवारक का प्रयोग न करें

ज्यादा दिनों तक बिना डॉक्टर के परामर्श के दर्द निवारक दवाओं का सेवन किडनी की समस्या होने पर और साधारणता बहुत ही नुकसानदायक होता है | इसलिए दर्द निवारक दवाओं का सेवन करने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरुर करलें |

बार्षिक जांच करवाएं

किडनी की समस्या होने पर आपको नियमित रूप से किडनी की बार्षिक जांच करवाना बहुत जरुरी होता है जिससे आपको किडनी की स्थति का सही परिणाम मिल सके और आप आने वाली समस्या से अपना बचाव कर सकें |

इन चीजों को खाने से बचें

किडनी से जुडी समस्या होने पर निम्न चीजों के सेवन से परहेज करना बहुत जरुरी होता है…

  • फलों का रस
  • कोल्ड ड्रिंक्स
  • चाय और कॉफ़ी
  • नीम्बू पानी
  • नारियल का पानी
  • केक पेस्ट्री
  • खट्टे फल
  • बाजार का अचार
  • बाजार का पनीर

किडनी डायलसिस का मुफ्त इलाज

नोट : – ध्यान दें अगर किडनी की समस्या बढ़ जाती है तो डायलसिस की जरूरत पड़ती है जिसके लिए दिल्ली सरकार ने 6 प्रमुख अस्पतालों में लगभग 120 मशीनें लगायी गयी हैं | इन अस्पतालों में गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों की मुफ्त किडनी डायलसिस किया जाता है, और आम जनता को इस प्रक्रिया के लिए 1073 रुपए का भुगतान करना होता है |

प्रमुख अस्पताल

  1. राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, ताहिलपुर
  2. डॉ. हेड़गेवार आरोग्य संस्थान, कड़कड़डूमा
  3. जनकपुरी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल. जनकपुरी
  4. भगवान महावीर अस्पताल, पीतमपुरा
  5. पं. मदन मोहन मालवीय अस्पताल, मालवीय नगर
  6. लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल, दिल्ली गेट

डॉक्टर विक्रांत गौर

(B.A.M.S.) रजिस्ट्रेशन न  - DBCP / A / 8062 पूर्व वरिष्ठ सलाहकार  जीवा आयुर्वेद दिल्ली ,  फरीदाबाद मेडिकल सेंटर ,पारख हॉस्पिटल फरीदाबाद में 5 साल का अनुभव  पाइल्स, हेयर फॉल, स्किन प्रॉब्लम, लिकोरिया रोगों  में एक्सपर्ट

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