गर्भावस्था के पहले तीन महीनों के दौरान कैसे करे देखभाल

गर्भावस्था में देखभाल : गर्भावस्था या गर्भधारण करना महिलाओं के लिए एक सबसे अच्छा एहसास हैं और हर महिला माँ बनना चाहती हैं | उस खास एहसास को महसूस करना चाहती हैं जो हर एक महिला के लिए बहुत खास और खुशनुमा होता है, जिसे वो पूरी तरह जीना चाहती है |

आज हम आपको बतायगे, गर्भधारण से प्रसव तक की सावधानियो मे क्या करना चाहिये, और क्या नहीं करना चाहिए |

गर्भावस्था के पहले तीन महीनों के दौरान सावधानिया :

गर्भधारण के शुरूआती दिनों में बहुत सी परेशानियां आती है, हम आपको बतायगे, इन परेशानीयों से कैसे निपटा जा सकता है, और कैसे अपना ख्याल रख सकते है | ये परेशानियां शुरू के तीन महीनों तक ज्यादा रहती है |

गर्भधारण के दौरान इन बातो का रखें सबसे ज्यादा ख्याल :

  • गर्भवती होने के शुरूआती महीनों में ज्यादा भीडभाड, प्रदूषणऔर रेडिएशन वाली जगह पर जाने से बचना चाहिए |
  • सुबह की सिकनेस से बचने के लिए नीबू – पानी पीना चाहिए |
  • दिनभर में चार या पांच बार तरल चीजे, जैसे – छाछ, नीबू पानी, नारियल पानी, जूस आदि लेना चाहिए|

गर्भधारण के शुरूआती महीनों में जरुरी मेडिकल टेस्ट :

  • गर्भावस्था का पता चलते ही सबसे पहले हमे डॉक्टर के पास जा कर सलाह लेनी चाइए और हीमोग्लोबिन, केल्शियम, ब्लड शुगर, यूरिन और एचआईवी आदि की जाँच करना चाहिए |
  • दूसरे महीने में अल्ट्रासाउंड करना जरुरी है, जिससे हम बच्चे की धडकन जान सके, बच्चे का विकास कैसा हो रहा है,  और बच्चे की स्थिति का पता हो सके | उस जाँच मैं  डॉक्टर डिलिवरी की तारीख  प्लान करते है  |
  • शुरू के तीन महीने में मंथली चेकअप होता है | जिसे हमे अपनी जानकारी के लिए कराते रहना चाहिए |

गर्भावस्था के समय इन बातो का रखे खास ख्याल :

  • भारी वजन न उठाएं |
  • जल्दी जल्दी सीढ़िया न चड़े |
  • हील और उची सेंडल न पहेने |
  • कमर से झुकने के बजाय घुटने मोड़कर बैठें |

गर्भावस्था के तीसरे महीने में क्या खाएं : गर्भावस्था में देखभाल

गर्भावस्था के तीसरे महीने में गर्भवती माँ को विटामिन से भरपूर फल खाना चाहिए | गर्भवती महिला को अपने खान पान  में खट्टे फल, अंडे, हरी पतेदार सब्जिया और आलू को खाना शुरू करना चाहिए | और गर्भावस्था के दोरान प्रोटीनयुक्त मछली खाना बहुत फायदेमंद होता है | गर्भवती महिला को आहार में चुकंदर, दलीया, दाले, संतरे, और ब्रोकली जेसी सब्जिया और फलो  का सेवन करना चाहिए |

गर्भधारण के शुरूआती तीन महीनों मे क्या न खाए :

  • गर्भधारण के दौरान कुछ महिलाये डॉक्टरकी सलाह के बिना ही दवा खाना शुरू कर देती है, जबकि उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए | ऐसा करने से उनका गर्भपात होने की संभावना अधिक हो जाती  है |
  • गर्भावस्था के समय कच्चे मास का सेवन भी नहीं करना चाहिए |
  • हमें पपीता, अनानास का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए |
  • गर्भावस्था के समय डाइटिंग ना करे , इससे शरीर में आयरन, फोलिक एसिड, विटामिनस और कई तरह के पोषक तत्वों की कमी हो सकती है |

गर्भावस्था के तीसरे महीने में माँ को ऐसा महसूस होता है : गर्भावस्था में देखभाल

गर्भावस्था में सिरदर्द एक आम परेशानी होती है | और रात को सोते समय परेशानी आती है | और परिवर्तन जेसे की त्वचा का रंग बदलना, रक्तचाप बढना, वजन बढने का अनुभव होना, और अन्य शारीरिक परिवर्तन जेसे:- गर्भाशय का बढना, पेट के निचले हिस्से में सूजना को महसूस करना, ब्रेस्टर के आकर में परिवर्तन दिखाई देना |

गर्भावस्था के तीसरे महीने में भ्रूण की क्रियाएं : गर्भावस्था में देखभाल

गर्भवती महिला को ये जानने की बहुत उत्यसुक्ता होती है| की उसके गर्भ में बच्चा केसा है| और उसका विकास केसा कितना हुआ है | बच्चे की त्वचा आने लगती है | तीसरे महीने के दोरान बच्चे की पलके, हाथो और पेरो की उंगलिया बनने लगती है | सर अपना आकर ले लेता है | बच्चे की दिल की धड़कन आने लगती है | ये सब आपको अल्ट्रासाउंड में दिखाई देता है | और कुछ दिनों बाद आप इसे खुद महसूस कर सकती है | और उसकी हलचल को भी |

मानवेन्द्र सिंह

मानवेन्द्र सिंह

मानवेंद्र सिंह सॉफ्ट प्रमोशन टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड में फिटनेस और हेल्थ ब्लॉगर हैं। उन्होंने 2006 में BHM स्नातक की डिग्री ली है। उन्हें स्वास्थ्य एवं विज्ञान अनुसंधान के क्षेत्र में लेखन का आनंद मिलता है।

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