अंडाशय की गांठ का करे सरल उपचार – Ovarian Cyst Treatment In Hindi

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अंडाशय की गांठ का करे सरल उपचार

अंडाशय की गांठ हो जाने पर महिला के शरीर को परेशानी का सामना करना पड़ता है | इसको ओवेरियन सिस्ट के नाम से भी जाना जाता है | अंडाशय महिला की प्रजनन प्रणाली का हिस्सा होता है | जो गर्भाशय के निचले हिस्से पर स्तिथ होता है | महिलाओं में दो अंडाशय पाए जाते है | महिला के शरीर में एस्ट्रोजन व प्रोजेस्टेरोन जैसे हार्मोन्स हो पैदा करते है | अंडाशय की गांठ थैलीनुमा आकर की होती है | जिससे तरल पर्दाथ जमा रहता है | ये गांठ दो प्रकार की होती है |

  1. डर्मोइड सिस्ट – डर्मोइड सिस्ट गांठ में वसा, रेशे व अन्य उत्तक मौजूदहोते है |
  2. एंडोमेट्रियोमा सिस्ट – एंडोमेट्रियोमा सिस्ट गांठ गर्भाशय के बहार विकशित होती है |

जिसके कारण महिला को परेशानी का सामना करना पड़ता है | अगर इसका सही समय पर पता लगाकर उपचार ना कराया जाये | तो महिला को कैंसर जैसी समस्या का सामना भी करना पड़ सकता है | अब आइये जानते है | अंडाशय की गांठ किन वजहों से महिला के शरीर में हो जाती है |

अंडाशय की गांठ होने की मुख्य वजह

  • आनुवंशिक कारणों की वजह से |
  • मोटापा भी एक वजह होता है |
  • कम उम्र में पीरियड की शुरुआत होने की वजह से |
  • गर्भधारण में अक्षमता के कारण |
  • हॉर्मोन्स का असंतुलन की वजह से |

आदि के कारण महिला इस रोग से ग्रस्त हो जाती है | अब बात करते है | अगर कोई महिला इस रोग से ग्रस्त हो जाये तो कैसे इस बीमारी के लक्षणों को जाने |

अंडाशय की गांठ बनने पर दिखाई देते शरीर में कुछ इस प्रकार के लक्षण

कमर का आकर बढने लगता है – अगर आपके कमर का आकर बढने लगे तो ये ओवेरियन सिस्ट होने के लक्षण होते है | जिसमे महिला की कमर का आकर बढ़ जाता है |

नाभि के नीचे दर्द का होना – नाभि के नीचे अधिक दर्द होने लगता है | क्यूकि जब गांठ का आकर बढ़ने लगता है | तो महिला को दर्द का सामना करना पड़ता है |

पेट में सूजन का हो जाना – यदि आपको अपने पेट के दाये या बाये हिस्से में दर्द के साथ सूजन दिखाई दे | तो तुरंत ही डॉक्टर से सलाह लेकर अपना इलाज शुरू कर दे |

संभोग के दौरान अधिक दर्द महूसस होना – यदि किसी महिला को संभोग के समय अधिक पीड़ा होने लगे | तो ये भी गर्भाशय में गांठ की समस्या के कारण ही होता है | जिससे महिला को संभोग करते समय बहुत दर्द का सामना करना पड़ता है |

मलत्याग करते समय पीड़ा का होना – अगर आपको मलत्याग करते समय पेट या कमर के दाये व बाये हिस्से में बहुत दर्द होता है | तो ये केवल गर्भाशय में गांठ के कारण ही होता है |

अंडाशय की गांठ बनाने पर अपनाये कुछ आसन उपायों को

ओवेरियन सिस्ट होने पर करे सेब के सिरके का सेवन

सेब के सिरके में विटामिन ए , सी , इ,  पोटेशियम , कैल्शियम , मैग्नीशियम , एसिटिक एसिड , एंटी-आक्सीडेंट, एंजाइम और अमीनो एसिड बहुत अच्छी मात्रा में पाया जाता है | जो हमारे प्रजनन प्रणाली को स्वास्थ व गर्भाशय में जमा वसा को पूर्णरूप से मिटाने में हमारी बहुत मदद करता है | आपको इसका सेवन गुनगुने पानी में एक चम्मच शीरा व सेब का सिरका मिलाकर पीने से हमारे अंडाशय की गांठ में कमी आती है |

अंडाशय की गांठ खत्म करने का आसन उपाय है चुकंदर

चुकंदर में बीटासियनिन व अल्कलाईन जैसे तत्व हमारे पाचन तंत्र को मजबूत बनाने के साथ साथ महिला के गर्भाशय को भी स्वस्थ बनाते है | आपको ओवेरियन सिस्ट जैसी समस्या होने पर आपको चुकंदर के जूस में शीरा व एलोवेरा जूस मिलाकर सुबह के समय खाली पेट सेवन करने से ओवेरियन सिस्ट की गांठ समस्या पूर्णरूप से खत्म हो जाती है |

अदरक के जूस से करे ओवेरियन सिस्ट का इलाज

ओवेरियन सिस्ट की परेशानी होने पर अदरक का जूस हमारे शरीर के लिए काफी फायदेमंद साबित होता है | क्यूकि अदरक में पाए जाने वाले पोटेशियम , कैल्शियम , मैग्नीशियम व एंटी-आक्सीडेंट जैसे तत्व हमारे शरीर को स्वास्थ बनाते है | आपको इसका सेवन कुछ इस प्रकार करना चाहिये | सबसे पहले अदरक के रस को सेब के जूस में मिलाकर इसमें सेंधा नमक डाल ले फिर इसका सेवन रोजाना सुबह के समय करने से आपकी ओवेरियन सिस्ट की समस्या पूर्णरूप से खत्म हो जाती है |

बादाम का तेल ओवेरियन सिस्ट की समस्या में फायदेमंद होता है

बादाम के तेल में कई गुणकारी तत्व पाए जाते है | जो हमारे शरीर को स्वास्थ बनाने में हमारी बहुत मदद करते है | आपको इसका प्रयोग कुछ इस प्रकार करना चाहिये | सबसे पहले बादाम के तेल में कुछ बुँदे जैस्मिन तेल की मिला लीजिये | फिर इसको अपने कमर के दाये व बाये हिस्से पर मालिश करने से हमारे शरीर को अंडाशय की गांठ की समाया में बहुत लाभ मिलता है |

नीबू पानी से बनाये अपने शरीर को स्वस्थ

नीबू में साइट्रिक अम्ल पाया जाता है | जो हमारे शरीर में जमा विषाक्त पर्दाथ को निकलकर हमारे शारीर को स्वास्थ बनाता है | ओवेरियन सिस्ट की समस्या होने पर आपको दिन में कम से कम चार बार नीबू पानी का सेवन करना चाहिये | नीबू पानी का सेवन करने से ओवेरियन सिस्ट के कारण बनी गांठ व सुजन में कमी आने लगती हैं |

अगर आप भी ओवेरियन सिस्ट जैसी समस्या से परेशान है | तो आपको ऊपर दिए हुए उपायों को ध्यान पूर्वक जरुर अपनाना चाहिये |

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