बढ़ते प्रदूषण और धूम्रपान की लत के कारण हमारे फेफड़ों के स्वास्थ का बहुत नुकसान होता है क्योंकि हर दिन हमारे फेफड़ों को वातावरण में मौजूद रसायन, रोगाणु, धूल, धुँआ आदि के संपर्क में आना होता है जो धीरे धीरे परतों के रूप में एक जैव आवर्धन की प्रक्रिया के कारण फेफड़ों के उतकों में जमा हो जाते हैं और लंग्स की सेहत को बिगाड़ने के लिए जिम्मेदार होते हैं | उदाहरण के लिए अगर देखा जाए तो जो लोग ज्यादा धूम्रपान करते हैं उनके स्वस्थ लंग्स में टार जमा हो जाता है जिससे उनके गुलाबी फेफड़े काले हो जाते है |

इस सबसे बचने के लिए जरुरी होता है की समय समय पर फेफड़ों को डिटोक्स किया जाए जिसके लिए नेचर श्योर लंग्स प्योर कैप्सूल्स क अप्रयोग लाभकारी होता है | यह कैप्सूल्स 100 प्रतिशत प्राक्रतिक और शक्तिशाली जड़ी बूटियों को मिलाकर तैयार किये जाते है | यह कैप्सूल्स लंग्स को डिटॉक्सिफाई करके उतकों को स्वस्थ बनाते है और ऑक्सीजन को ग्रहण करने की क्षमता को बढाकर फेफड़ों को संक्रमित होने से बचाते हैं |

फेफड़ो को नुकसान के कारण

लंग्स को नुकसान पहुँचाने के लिए कई कारण जिम्मेदार होते है जैसे…

  • सिंथेटिक डियोडोरेंट
  • इत्र, रूम फ्रेशनर
  • पूरी नींद न लेना यानी अनिद्रा की बीमारी का होना 
  • मानसिक तनाव
  • भावनात्मक तनाव
  • ख़राब भोजन शैली
  • वंशानुगत बीमारी

इन सभी कारणों के कारण आपको कुछ बदलाब नजर आ सकते हैं जो फेफड़ों में समस्या होने के लक्षण माने जाते है जैसे – ज्यादा खांसी आना, बहुत अधिक छींक आना, गले में जलन की समस्या होना आवाज का भारी हो जाना या फिर फेफड़ों में कोई रोग हो जाना आदि |

आपको अपनी श्वसन प्रणाली को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए जरुरी होता है की आप नियमित रूप से अपने फेफड़ो की डिटोक्स की प्रक्रिया पर ध्यान दें | इसके लिए नेचर श्योर द्वारा बनाया गया लंग्स प्योर कैप्सूल बहुत ही लाभकारी होता है यह प्राक्रतिक और शक्तिशाली जड़ी बूटियों को मिलाकर तैयार किया जाता है | लंग्स प्योर कैप्सूल्स फेफड़ो की ब्रोंको-तनु, म्यूकोलाईटिक, एक्सपेक्टरेंट और रोगाणुरोधी क्षमता और क्रियायों को बढाकर के फेफड़ो को प्रदूषण और धुएं से होने वाली क्षति को दूर करके फेफड़ों को डिटोक्सीफ़ाय करके स्वस्थ बनाता है |

नेचर श्योर लंग्स प्योर कैप्सूल्स को प्राचीन शक्तिशाली जड़ी बूटियों को मिलाकर तैयार किया जाता है इसमें मिलाई जाने वाली औषधी निम्न हैं वासिका, गुडुची, धान्यका, कंटकरी, हरिदरा, शुन्थी, भृंगी और पिप्पली को आधुनिक पश्चिमी जड़ी-बूटियों जैसे पाइन छाल और अजवायन के फूल के साथ मिलाकर के तैयार किया जाता है | यह सभी जड़ी बूटियाँ प्राकर्तिक रूप से ही फेफड़ों से जुडी समस्याओं को दूर करने के लिए बहुत ही लाभकारी होती हैं |

नेचर श्योर लंग्स प्योर कैप्सूल्स के फायदे

इस कैप्सूल का प्रयोग करने से सबसे बड़ा फायदा यह होता है की यह फेफड़ों को डीटोक्स करके प्रदूषण के कारण उतकों में होने वाली क्षति को समाप्त करके उतकों को ठीक करने का काम करता है | इसके साथ ही इससे जुड़े और भी कई फायदे निम्न हैं…

  • सीने की मांशपेशियों को शांत करने का काम करता है |
  • अधिक धूम्रपान के कारण होने वाली खांसी की समस्या को दूर करता है |
  • ऑक्सीजन को ग्रहण करने की क्षमता को बढाता है |
  • अतिरिक्त बलगम को साफ करके सांस लेने में साहयता करता है |
  • सर्दी के कारण होने वाली खांसी जुकाम से राहत प्रदान करता है |
  • गले में होने वाली खराश और श्वसन सम्बन्धी समस्याओं को दूर करता है |
  • निकोटिन के फेफड़ों पर विषाक्त प्रभाव को ठीक करता है |

सावधानियां 

  • गर्भावस्था के समय इन कैप्सूल्स का प्रयोग नहीं करना चाहिए |
  • स्तनपान करबाने वाली महिलाओं को इस कैप्सूल का सेवन नहीं करना चाहिए |
  • किसी भी बिमारी की दवा का सेवन करने के साथ इसका सेवन न करें |
  • किसी भी प्रकार की बीमारी में लंग्स प्योर कैप्सूल्स का प्रयोग डॉक्टर से परमर्श करके ही करें |

इस प्रोडक्ट को आप आसानी से ऑनलाइन खरीद सकते है |

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मानवेन्द्र सिंह

मानवेन्द्र सिंह

मानवेंद्र सिंह सॉफ्ट प्रमोशन टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड में फिटनेस और हेल्थ ब्लॉगर हैं। उन्होंने 2006 में BHM स्नातक की डिग्री ली है। उन्हें स्वास्थ्य एवं विज्ञान अनुसंधान के क्षेत्र में लेखन का आनंद मिलता है।

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