सफर में उल्टी आने का उपचार – Motion Sickness In Hindi

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सफर में उल्टी आना या मोशन सिकनेस कोई सामान्य बीमारी नहीं है। इसकी वजह से लोगों को काफी दिक्कतों को झेलना पड़ता है। सफर के दौरान तो लोगों की जान पर भी बन जाती है। यहां तक ​​कि नासा भी अब इस विषय की ओर आकर्षित हो रहा है। लोग सफर में उल्टी आना/मोशन सिकनेस को ठीक से समझ नहीं पाते हैं और इसे आम समस्या सोचकर टाल देते हैं। आज हम इस बीमारी के बारे में पूरी जानकारी देंगे।

मोशन सिकनेस या सफर में उल्टी क्यों आती है ?

ये कोई बीमारी नहीं है बल्कि शरीर के संतुलन को महसूस करने से जुड़ी समस्या है। उल्टी आना तब होता है जब भीतरी कान, आँखें और शरीर के अन्य हिस्से जो गति की पहचान करते हैं, मस्तिष्क/दिमाग को परस्पर विरोधी संकेत भेजते हैं। आपके संतुलन अनुभव करने वाले अंग का एक हिस्सा (भीतरी कान, दृष्टि और संवेदी नसें जो आपके संतुलन को बनाए रखती हैं), ये अनुभव करता है कि आपका शरीर गति कर रहा है, जबकि अन्य हिस्से गति को अनुभव नहीं कर पाते।

इसके आने के मुख्य कारण

हमारे कान में saccule और utricle होते हैं जो शरीर का संतुलन बनाये रखने में मदद करते हैं । वे आपके आस-पास क्या हो रहा है इसके बारे में जानकारी भेजते हैं और जब यही संतुलन बिगड़ता है तो जी मचलता है और उल्टी आने जैसा प्रतीत होता है ।

इसके लक्षण

इसके कोई विशेष लक्षण नहीं हैं फिर भी कुछ चीज़ो की मदद से हम इसके होने का पता लगा सकते हैं और उन लक्षणों में शामिल हैं:

  • सिर चकराना
  • लार उत्पादन में वृद्धि।
  • भूख में कमी।
  • पीली त्वचा ।
  • कुछ लोगों को सिरदर्द , थकावट या उथले साँस जैसी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।

उल्टी को रोकने के आसान उपाय

ये कोई भयानक बीमारी नहीं है पर इसके होने पर व्यक्तियोंको बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है। इससे बचने के उपाय निम्न हैं-

  1. ज्यादातर लोगों के लिए, लक्षण आमतौर पर लंबे समय तक नहीं टिकते हैं। एक बार जब आप स्थिति में इस्तेमाल हो जाते हैं तो वे अक्सर चले जाते हैं, भले ही यह नाव की चट्टान या ट्रेन की आवाजाही हो। लेकिन कुछ सरल चीजें हैं जो आप कर सकते हैं यदि गति बीमारी अपने आप से ठीक नहीं हो रही है:
  2. आराम करें।
  3. ध्यान केंद्रित करने के लिए कुछ ढूंढें।
  4. गहरी सांस ले।
  5. या 100 से पीछे की ओर गिनें।
  6. आपकी आंखें बंद करने से भी मदद मिल सकती है। एक स्थिर वस्तु को देखो।
  7. यदि आप नाव पर हैं, तो क्षितिज देखें।
  8. यदि आप एक कार में हैं, तो विंडशील्ड देखें।
  9. शराब से बचें।
  10. यात्रा से पहले हल्का खाना खाओ नहीं लेकिन तेजी मत करो।
  11. ताजा हवा में सांस लें – और धूम्रपान न करें।
  12. सफर में पढ़ने से बचें।

आसान सा इलाज

आमतौर पर सफर में उल्टी  के लिए एंटी हिस्टामाइन दवाइयां दी जाती हैं, जिससे भीतरी कान की संवेदना कम हो जाती है। यह दवाइयां तभी काम करती हैं, जब इसे मोशन सिकनेस शुरू होने से पहले यानी सफर से पहले ले लिया जाए। इसके अलावा कुछ और चीज़ों से भी मदद मिलती है और वो चीजें निम्न हैं-

  1. हल्का खाना

यात्रा से पहले या यात्रा के समय हल्का खाना खाएं। समय-समय पर पानी पीते रहें, जिससे आप डिहाइड्रेशन से बचे रहेंगे।

  1. हैंगओवर होने पर यात्रा न करें

हैंगओवर होने पर आपका मन पहले से ही ठीक नहीं रहता है।  इसपर भी अगर आप यात्रा करते हैं तो मोशन सिकनेस आपको खासा दिक्कत में डाल सकता है। हैंगओवर होने पर ढेर सारा पानी पीजिए और अपने शरीर को थोड़ा हाइड्रेट किजिए। अपनी नींद पूरी करें और हैंगओवर के साथ तो कभी यात्रा न करें तो ही बेहतर होगा।

  1. जब कुछ काम न करे तो दवाई लें

यात्रा से पहले आप डॉक्टर्स के परामर्शानुसार मोशन सिकनेस की दवाई अपने साथ रख सकते हैं या यात्रा पर निकलने से आधे-एक घंटे पहले ले सकते हैं।

  1. ताजे नींबू या ताजे नींबू के रस में साइट्रिक एसिड होता है, जो यात्रा के दौरान होने वाली उल्टी, मोशन शिकनेस और नाज़ुक पेट को ठीक कर सकता है। नींबू सबसे सस्ती और आसानी से पाई जानेवाली चीज है। अगर आप अपने साथ नींबू ले जाना भूल भी गए हैं तो यह आपको हर जगह आसानी से मिल जाएगी।
  2. नमकीन और सुगंधित और बिना मीठे वाले ये क्रैकर्स अतिरिक्त एसिड को सोख लेते हैं और मोशन सिकनेस को रोकने के लिए इस्तेमाल किये जा सकते हैं।
  3. अदरक

सफर करने से पहले एक कप अदरक की चाय पीने से मोशन सिकनेस के कारण आने वाली उल्टी नहीं होती हैं। साथ ही मतली होने पर भी एक कप अदरक चाय से आराम मिलता है।

  1. सेब का सिरका

मोशन सिकनेस होने पर एक कप गुनगुने पानी में एक चम्मच सेब साइडर सिरका और एक चम्मच शहद मिलाकर पीने से, मोशन सिकनेस ठीक हो जाती है।

  1. हरा सेब

हरे सेब में मौजूद पेक्टिन पेट में मौजूद एसिड को बेअसर करने में मदद करता है और इसके कारण हो रही मोशन सिकनेस की समस्या से राहत दिलाता है।

  1. एक विमान में, एक खिड़की की सीट चुनें और बाहर देखें
  2.  डॉक्टर की सलाह अवश्य लें

अगर आप या आपके बच्चे को मोशन सिकनेस का एक गंभीर मामला अनुभव होता है, या जो प्रगतिशील रूप से खराब हो जाता है, तो आपको डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।

  1.  एक कार में, सामने की सीट पर बैठें और सामने की खिड़की के माध्यम से दूर दृश्यों को देखें, न कि किनारे वाली वस्तुओं पर
  2. पेपरमिंट

पेपरमिंट मोशन सिकनेस की समस्या से तुरंत निजात दिलाता है। पुदीना मतली को कम करने तथा मोशन सिकनेस की समस्या को दूर करने में मदद करता है।

सफर में इससे बचने को दवाएं

यदि आप कभी भी गति बीमारी से परेशान होते हैं तो आप इसके बारे में अपने डॉक्टर से बात कर सकते हैं:

  • दयमन्ह्यड्रीनत्ते – यह ओवर-द-काउंटर एंटीहिस्टामाइन, एलर्जी को कम करने के लिए प्रयोग किया जाता है, संतुलन के साथ भी मदद करता है। यात्रा से एक घंटे पहले पहली खुराक लेनी चाहिए। हर खुराक हर 4 से 6 घंटे लिया जाता है।
  • scopolmine – यह एक दवा है। आप कान के पीछे एक पैच पहनते हैं। आप इसे आवश्यक से 4 घंटे पहले लागू करते हैं। एक खुराक 3 दिन तक रहता है। अन्य दवाओं में शामिल हैं: साइक्लिज़िन (मारेज़िन, मार्ज़िन, इमोकिल) मेक्लिज़िन (एंटीवर्ट, बोनिन) प्रोमेथेज़िन (फेनाडोज, फेनेरगान, प्रोमेथेगन)

सभी में साइड इफेक्ट्स हैं, जिनमें नींद आना और मुंह का सूखा रहना शामिल हैं।

डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

एक बार यात्रा खत्म होने के बाद यह दिक्कत आमतौर पर दूर हो जाती है। लेकिन अगर आप को फिर भी चक्कर आ रहे हैं, सिरदर्द है, उल्टी रहना, सुनने में परेशानी या छाती का दर्द महसूस होता है तो  अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें और इस बीमारी से जल्दी से मुक्त हो जाएं।

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