मेनोपॉज
मेनोपॉज

रजोनिवृत्ति की समस्या महिला में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्‍टेरॉन नामक हार्मोन के कमी के कारण उत्पन्न होती है, जिसके कारण महिला के मासिक धर्म में बदलाव आ जाता है WHO की एक रिपोर्ट के अनुसार विश्व में लगभग 15 प्रतिशत महिला इस रोग से पीड़ित है | अविवाहित महिला की तुलना में विवाहित महिला इस बीमारी से अधिक ग्रस्त होती है यह रोग का सबसे अधिक असर महिला के प्रजनन प्रणाली, मूत्र पथ, रक्त वाहिकाएं, स्तनों, त्वचा, श्लेष्मा झिल्ली व दिमाग पर पड़ता है | इस रोग के लक्षण पेरिमेनोपॉज के लक्षण के सामान होते है इसी कारण इस बीमारी को मेनोपॉज के नाम से भी जाना जाता है 

मेनोपॉज के कारण :

  • शरीर में एस्ट्रोजन व प्रोजेस्‍टेरॉन हार्मोन की कमी के कारण
  • गर्भाशय को ऑपरेशन के द्वारा निकाल देने पर
  • रेडिएशन  के कारण अंडाशय में बदलाव आने के कारण
  • कीमोथेरेपी करवाने के कारण

जाने इस बीमारी के लक्षणों के बारे में :

अनियमित पीरियड्स का आना – शरीर में आयी एस्ट्रोजन व प्रोजेस्‍टेरॉन हार्मोन्स की कमी के कारण महिला के मासिक धर्म में परिवर्तन आ सकता है | ( और पढ़े – मासिक धर्म के बारे में )

प्रजनन क्षमता में कमी आना – इस रोग के दौरान महिला के शरीर में हार्मोन्स का स्तर बहुत कम होने से महिला के शुक्राणुओं की संख्या बहुत कम हो जाती है, जिससे प्रजनन क्षमता में कमी आने लगती है | ( और पढ़े – शुक्राणु बढ़ाने के तरीके के बारे में )

योनि में सूखापन व खुजली होना – एस्ट्रोजन का स्तर कम होने के कारण महिला के ऊतकों पतले और सिकुड़ने लगते है जिससे योनि में सूखापन व खुजली की समस्या आने लगती है |

त्वचा गर्म होना – इस अवस्था में महिला की ह्रदय गति अचानक बढ़ जाती है और महिला की त्वचा गर्म होने लगती है |

मूत्र मार्ग में संक्रमण हो जाना –  मूत्र मार्ग संक्रमण के कारण महिला को बार बार पेशाब की समस्या आने लगती है | ( और पढ़े – यीस्ट संक्रमण के बारे में )

अधिक पसीना निकलना – हार्मोन्स परिवर्तन के कारण कुछ समय के लिये महिला का रक्त प्रवाह तेज हो जाता है जिसके कारण महिला को नींद के समय अधिक पसीने की समस्या होने लगती है | ( और पढ़े – ज्यादा गर्मी लगने से बचने के बारे में )

रजोनिवृत्ति का घरेलु उपचार :

यदि आप इस रोग से ग्रस्त है तो कुछ घरेलु उपचार के द्वारा आप इस प्रक्रिया को आसानी से ख़त्म कर सकते हैं जैसे कि :

शहद में काली मिर्च मिलाकर करे सेवन –

शहद में खनिजों जैसे लोहा, कैल्शियम, फॉस्फेट, सोडियम, क्लोरीन, पोटेशियम, मैग्नीशियम के साथ साथ एंटीबायोटिक व एंटीसेप्टिक गुण मौजूद होते है जो महिला के हार्मोन्स को सुचारू रूप से कार्य करने में व बढ़ाने में मदद करता है |

सेवन करने का तरीका रोगी को सुबह खाली पेट शहद में थोड़ी काली मिर्च मिलाकर सेवन करना चाहिये |

इस रोग में नारियल पानी से लाभ –

नारियल पानी में एंटीऑक्सीडेंट, अमीनो एसिड, एंजाइमों, विटामिन बी कॉम्प्लेक्स, विटामिन सी और खनिज, कैल्शियम, पोटेशियम, मैग्नीशियम और मैंगनीज जैसे तत्व एस्ट्रोजन हार्मोन्स के निर्माण में मदद करते है | ( और पढ़े – नारियल के लाभ के बारे में )

पीने का तरीका –  रोगी को नारियल पानी का सेवन भोजन के उपरांत करना चाहिये |

हरी सब्जियों व फलों का सेवन करे –

पीड़ित महिला को नियमित हरी सब्जियों व फलों का सेवन करने से शरीर में आयी हार्मोन्स की कमी को दूर करने में मदद मिलती है | ( और पढ़े – हरी सब्जियों के लाभ के बारे में )

सेवन करने तरीकारोगी को हरी सब्जियों को उबालकर सेवन में लाना चाहिये तथा फलों का सेवन जूस के तौर पर करना चाहिये |

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मानवेन्द्र सिंह

मानवेन्द्र सिंह

मानवेंद्र सिंह सॉफ्ट प्रमोशन टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड में फिटनेस और हेल्थ ब्लॉगर हैं। उन्होंने 2006 में BHM स्नातक की डिग्री ली है। उन्हें स्वास्थ्य एवं विज्ञान अनुसंधान के क्षेत्र में लेखन का आनंद मिलता है।

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