मेलानोमा स्किन कैंसर शरीर में होने वाले कैंसर का ही एक रूप होता है यह रोग धुप के द्वारा आने वाली पराबैंगनी किरणों के माध्यम से पीड़ित की त्वचा की मेलोनोसाईट्स कोशिका को पूर्णरूप से नष्ट कर देता है, मेलोनोसाईट्स कोशिका त्वचा को सूर्य की रोशनी से होने वाले नुकसान से बचाती है | इस रोग के कारण प्रभावित त्वचा का रंग भूरा होने लगता है | भारत सहित पूरी दुनिया में इस रोग से लगभग 12 प्रतिशत लोग ग्रस्त है यदि आप भी किसी ऐसी पर जगह पर निवाश व काम करते है जिसके कारण आपको पुरे दिन सूरज की रोशनी का सामना करना पड़ता है तो आपको जरुर 6 महीने में एक बार अपने सर व त्वचा की जाँच करवानी चाहिये

मेलानोमा कैंसर के प्रकार :

  • सुपरफिशल मेलेनोमा
  • नोडुलर मेलेनोमा
  • लेंटिगो मालिग्न मेलानोमा
  • एक्राल लेंटिगिनस मेलेनोमा

जाने इस कैंसर के चरण के बारे में :

जिस चरण में एक कैंसर का निदान किया जाता है, वह इंगित करता है कि रोग कितनी दूर तक फैल चुका है और उस चरण में मरीज को किस तरह का उपचार दिया जाना चाहिये अन्य कैंसर की तरह इस कैंसर के चरण भी निम्न प्रकार के होते है

प्रथम चरण :- इस चरण में कैंसर त्वचा पर 2 मिलीमीटर तक फ़ैल चूका होता है लेकिन इस चरण में लिम्फ नोड्स को किसी भी प्रकार का कोई नुकसान नही होता है |

द्वितीय चरण :-  इस चरण में यह कैंसर  4 मिमी से अधिक मोटा हो सकता है अथवा अल्सर का रूप धारण कर सकता है लेकिन इस चरण में भी पीड़ित के लिम्फ नोड्स सुरक्षित बने रहते है

तीसरा चरण :- इस चरण में यह कैंसर एक या एक से अधिक लिम्फ नोड्स या आस-पास के लसीका तंत्र तक फ़ैल चूका होता है, और यह 4 मिमी से अधिक मोटा हो जाता है |

अन्तिम चरण :- इस चरण में कैंसर लिम्फ नोड्स के साथ साथ अन्य अंगों में भी फ़ैल चूका होता है जैसे कि मस्तिष्क, फेफड़े, व यकृत

जाने इस रोग मुख्य कारण :

  • पराबैंगनी किरणों के द्वारा
  • मोल्स की अधिक संख्या के कारण
  • कमजोर त्वचा के कारण
  • लिवर स्पॉट व सन स्पॉट के कारण
  • अनुवांशिकता के कारण  
  • अंग प्रत्यारोपण के कारण

मेलानोमा कैंसर के लक्षण :

  • त्वचा पर तिल के जैसा एक दाग का होना
  • त्वचा पर अत्यधिक खुजली की समस्या का होना
  • त्वचा की परत कमजोर हो जाना
  • त्वचा पर दर्दनाक खुजली के साथ घाव हो जाना
  • त्वचा पर चमकदार गांठ का होना
  • त्वचा पर गहरे मोटे छालों का होना
  • त्वचा का एकाएक लाल होने लगना

इस कैंसर में होने वाली जाँच :

स्किन बायोप्सी – स्किन बायोप्सी के द्वारा आप इस बीमारी व इसके चरण का पता लगा सकते है | इस जाँच में डॉक्टर आपके प्रभावित त्वचा के नमूने  को लैबोरेट्री जाँच के लिये भेज देते है |

रेडिएशन थेरेपी – रेडिएशन थेरेपी मेलानोमा कैंसर की कोशिकाओं को खत्म करने में किया जाता है, यह थेरेपी का उपयोग सबसे अंत में किया जाता है |

मेलानोमा स्किन कैंसर से बचाव :

  • सूर्य की रोशनी में त्वचा को ढककर रखे
  • सूर्य की रोशनी में निकलते समय शरीर पर बॉडी लोशन का प्रयोग करे
  • सूर्य की रोशनी से बचे
  • ऐसे कपड़े पहने जो आपको धूप से बचाए
  • बच्चों को जितना हो सके धुप से दूर रखे
  • त्वचा को हर समय साफ़ रखे

नोट :- यदि आप इस लेख से जुड़े किसी सवाल को हमारे द्वारा पूछना चाहते है तरो हमें हमारे कमेन्ट बॉक्स में जरुर बताये

मानवेन्द्र सिंह

मानवेंद्र सिंह सॉफ्ट प्रमोशन टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड में फिटनेस और हेल्थ ब्लॉगर हैं। उन्होंने 2006 में BHM स्नातक की डिग्री ली है। उन्हें स्वास्थ्य एवं विज्ञान अनुसंधान के क्षेत्र में लेखन का आनंद मिलता है।

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