मैमोग्राफी क्या है और कब की जाती है ? -Mammography In Hindi

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मैमोग्राफी क्या है ? -Mammography In Hindi


यह एक प्रकार एक्स रे के समान परिक्षण होता है, यह टेस्ट आपके स्तनों का एक्स रे करने के लिए किया जाता है| कैंसर एक भयानक रोग है, जब कोशिकाओं का अपने विकास पर नियंत्रण करने वाले जीन्स में म्यूटेशन हो, तो उसे कैंसर कहा जाता हैं । इस प्रक्रिया में आपके शरीर की कोशिकाएं अनियंत्रित और अवयवसथात्मक रूप से विभाजित होती है। इन कोशिकाओं के बढ़ने से समान्य कोशिकाओं के स्थान पर असामान्य कोशिकाओं के विकास में गति आ जाती है । अधिकतर इस प्रकिया में आपके शरीर में ट्यूमर का निर्माण हो जाता है । कैंसर कई प्रकार का होता है, इनमें से स्तन कैंसर महिलाओं में होने वाला एक आम कैंसर है । इस प्रकार के कैंसर में आमतौर पर स्तन के लोब्यूल्स या डक्ट्स में कैंसर निर्मित होता है । ये वह ग्रंथियां होती है, जिनमें दूध का निर्माण होता है । इन्हीं ग्रथियों के द्वारा ही दूध को निप्पल तक पहुँचने का मार्ग प्राप्त होता है, कैंसर स्ट्रोमल उतक में भी बन सकता है ।

दुनियाभर में स्तन कैंसर के कारण 18.2 प्रतिशत महिलाओं की जान जाती है । ब्रेस्ट कैंसर का पता लगाने के लिए मैमोग्राफी की जरूरत पड़ती है । यदि आपको स्तन कैंसर का डर या आशंका हो और आप अपने स्तनों में किसी प्रकार की गांठ महसूस करते है, तो आपको जल्द से जल्द मैमोग्राफी करवाना चाहिए । इस प्रक्रिया के दौरान आपकों किसी भी प्रकार का दर्द नहीं होता है । तो आइए हम आपको बताते है, कि मैमोग्राफी क्या होता है…

मैमोग्राफी क्या है ?

यह आपके स्तनों मे होने वाले कैंसर का पता लगाने का सबसे अच्छा तरीका हैं । ब्रेस्ट कैंसर के शुरूआती चरण में उपचार में मैमोग्राफी एक महत्वपूर्ण हिस्सा साबित होता है । कई शोधों के अनुसार राष्ट्रीय कैंसर संस्थान ने बताया है, कि महिलाओं में रक्त कैंसर के बाद सबसे ज्यादा स्तन कैंसर होता है । 40 वर्ष उम्र के बाद या उसके पहले यदि आपको ब्रेस्ट कैंसर का खतरा हो, तो आपको हर वर्ष मैमोग्राफ करवाते रहना चाहिए । यदि आपके संबधित व्यक्ति या परिवार में वरेस्ट का कैंसर है तो अपने चिकित्सक के द्वारा 40 साल की उम्र के पहले स्क्रीनिंग शुरू कर दी जाती है ।

चिकित्सक के द्वारा आप में होने वाले कैंसर के परिवर्तन की जांच करने के लिए नियमित रूप से मैमोग्राफ टेस्ट करता है, उसे ही स्क्रीनिंग मैमोग्राफ कहा जाता है । नियमित परिक्षणों के दौरान डॉक्टर आपके स्तनों का कई बार एक्स-रे लेगें । यदि आपके स्तन में गांठ या कैंसर के किसी प्रकार का कोई लक्षण है, तो आपके चिकित्सक आपको नैदानिक मैमोग्राफी करवाने की सलाह देते है । यदि आपके स्तन का प्रत्यारोपण हुआ है, तो नैदानिक मैमोग्राफी की आवश्यकता बहुत अधिक बढ़ जाती है । आपको बताते है, मैमोग्राफी के पहले क्या दिशा निर्देष दिए जाते है-

टेस्ट से पहले के निर्देष

  • परिक्षण होने के पहले कुछ हल्का खाने की सलाह दी जाती है।
  • आप टेस्ट के पहले किसी भी प्रकार के डियोडेरेंट बॉडी पाउडर या इत्र नहीं लगा सकते है।
  • अपने स्तनों पर कोई भी मलहम या क्रीम, टेस्ट होने से पहले इस्तेमाल न करें।
  • यदि आप गर्भवती है, तो परिक्षण के पहले अपने चिकित्सक से सलाह कर ले ।

परीक्षण

सर्वप्रथम आपके शरीर के कमर से ऊपर के कपड़े बदलकर कागज का बना हुआ गाउन पहना दिया जाता है। आपको गाउन पहनाकर मशीन से कुछ दूरी पर खड़े रहने के लिए कहा जाता है। आपके दोनों तरफ के स्तनों को दो बार एक्स-रे किया जाता है | परिक्षण के दौरान आपके स्तनों का छुना या हिलाना पड़ सकता है,तो आप घबराएँ न । आपके ब्रेस्ट पर उपस्थित निबल्स पर छोटे-छोटे बिंदु चिपका दिए जाते है, जिससे एक्स-रे पर वह न दिखें । आपके स्तनों को दो समतल सतहों के बीचा दवाब डाला जाता है। इससे आपको थोड़ा दर्द हो सकता है, इससे आपको कुछ समस्या नहीं होगी । एक्स-रे होने के दौरान आपको सांस रोने के लिए कहा जा सकता है । इस पूरी प्रक्रिया के दौरान 30 सेकण्ड का समय लगता है। यदि आपके स्तन का प्रत्यारोपण किया गया है, तो आपको अधिक समय लग सकता है।

इसके नुकसान

मैमोग्राफ परिक्षण हो या किसी भी प्रकार का एक्स-रे हो तो इन टेस्ट के दौरान बहुत कम मात्रा में रेडियशन का खतरा है । यदि आप गर्भवती और गर्भवती के दौरान आपको मैमोग्राफी की आवश्यकता है, तो आपको सर्वप्रथम चिकित्सक को यह सूचना दे देनी चाहिए । गर्भवती में मैमोग्राफी की प्रकिया के समय आपको लेड का निर्मित एक एप्रन पहनने के लिए दिया जाता है । यह ऐप्रन आपके बच्चे को रेडियशन से होने वाले नुकसान से सुरक्षा प्रदान करता है।

जांच का परिणाम

इस परिक्षण के द्वारा यह पता चल जाता है,कि आपके स्तनों में गांठ या कैल्शियम के जमाव है, या नही । अधिकांश गांठ कैंसर का संकेत नहीं होती है, कभी-कभी महिलाओं में मासिक धर्म चक्र के दौरान आते है, जिससे तरल पदार्थ भरने से थक्का जम जाता है, जिसे अलसर कहते है।

भारत में मैमोग्राफी-

भारत में रेडियोलोजी लैब में मैमोग्राफी या ब्रेस्ट स्क्रीनिंग होती है। भारत के दिल्ली व मुंबई मे इस प्रक्रिया की कीमत निम्न है-

दिल्ली में टेस्ट की कीमत

  • मैमोग्राफी सिंगल ब्रेस्ट की कीमत-800
  • मैमाग्राफी दोनो ब्रेस्ट की कीमत-1200
  • एम.आर.आई. स्कैन मैमोग्राफ- 5600

मुंबई में टेस्ट की कीमत

  • मैमोग्राफी सिंगल ब्रेस्ट की कीमत-810
  • मैमाग्राफी दोनों ब्रेस्ट की कीमत- 1600
  • मुंबई में एमआरआई स्कैन मैमोग्राफी-6750

भारत के हर स्थान पर इस प्रक्रिया का खर्च लगभग समान ही रहता है । भारत में वर्ष 2012 के ग्लोबोकेन प्रोजेक्ट के आधार पर यह पाया गया है, कि ब्रैस्ट कैंसर के साथ 144937 महिलाओं का हाल ही में पता लगाया गया था, जो अपना उचित उपचार नहीं ले रही थी। इसी प्रोजेक्ट के अनुसार 70228 महिलाओं की जान तक खत्म हो गयी है। इस परिक्षण के निम्न लाभ है-

इस परीक्षण से होने वाले लाभ

  • मैमोग्राफी टेस्ट ब्रेस्ट का एक्स-रे है, जो कैंसर की पहचान जल्द करने में बहुत मदद करता है । प्राथमिक चरण के कैंसर में आपका इलाज 99 प्रतिशत हो सकता है, और आपको इस रोग से छुटकारा मिल सकता है।
  • इस टेस्ट से आपकों असामान्य कोशिका की पकड़ हो जाती है।
  • यह परीक्षण मिक्रोकेल्सिफिकेशन का पता लगाने में सक्षम है, यह स्तन कैंसर के पहले द्वौर में कैल्शियम की छोटी जमा होती है।
  • यह टेस्ट 40 से 70 वर्ष की महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का लगाने पर इलाज करने में अधिक असरदायक है।
  • यह एक्स-रे से कम हानिकारक है,क्योंकि इसमें एक्स-रे में प्रयोग होने वाली खुराक के तुलना में कम होता है।

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