पुरुष नपुंसकता वह है जब प्रेग्नेंसी ( गर्भधारण ) के लिए उपयुक्त महिला को पुरुष इच्छाओं के बावजूद प्रेग्नेंट (गर्भवती) नही कर पाता है तो इसे पुरुष नपुंसकता (मेल इनफर्टिलिटी) कहा जाता है। कुछ बीमारी, विशेष स्थान पर लगे चोट, लंबे समय से मौजूद कोई बीमारी तथा कुछ अन्य स्तिथि पुरुष नपुंसकता का कारण बन सकता है। 

 पुरुष नपुंसकता के कारण

पुरुष नपुंसकता के कई कारण हो सकते हैं। इनमें से कुछ सामान्य कारण निम्नलिखित है : 

• वैरिकोसेले – अंडकोश तक खून पहुंचाने वाले नसों में सूजन आ जाता है। 

• कुछ संक्रमण भी स्पर्म या शुकाणु के बनने तथा उसके गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है। 

• रेट्रोग्रेट इजाकुलेशन – ऑर्गेज्म के समय सीमेन बाहर आने की बजाय मूत्राशय में चला जाता है। 

• एंटी स्पर्म एंटीबॉडी : इस स्तिथि में व्यक्ति का इम्यून सिस्टम स्वस्थ शुकाणु को ही खतरनाक समझ लेता है तथा शुकाणु को नुकसान पहुंचाने लगता है। 

• कैंसर तथा ट्यूमर भी पुरुष प्रजनन अंग को सीधे प्रभावित करता है। यह प्रजनन क्षमता को बनाए रखने के किए ज़रूरी हॉर्मोन निकालने वाले ग्लैंड को भी प्रभावित करता है। इससे व्यक्ति नपुंसकता का शिकार हो जाता है। 

• किसी बीमारी या चोट के कारण शुकाणु को ले जाने वाले नली के क्षतिग्रस्त हो जाने की स्तिथि में भी व्यक्ति नपुंसकता का शिकार हो सकता है। 

• कुछ प्रकार के दवाओं के सेवन से भी नपुंसकता का भी शिकार हो सकता है। 

पुरुष नपुंसकता के लक्षण

पुरुष नपुंसकता के निम्नलिखित लक्षण देखने को मिल सकते हैं : 

• महिला को गर्भवती करने में असमर्थता

• संभोग करने में समस्या जैसे – इजाकुलेशन में दिक्कत या इरेक्शन बनाए रखने में समस्या

अंडकोष में दर्द, सूजन या गांठ हो जाना

• शरीर तथा चेहरे पर बालों में कमी आ जाना या हॉर्मोन संबंधित अन्य समस्याओं के लक्षण

• एजोस्पर्मिया ( सीमेन में शुकाणु की संख्या में कमी आ जाना)

• ओलिगोस्पर्मिया ( स्पर्म या शुकाणु की संख्या में कमी आ जाना)

पुरुष नपुंसकता की जाँच

• सामान्य शारीरिक परीक्षण

• फ्रुक्टोज के साथ सीमेन की पूरी जांच

• यूएसजी (वैरिकोसेले की जांच के लिए)   

• इजाकुलेशन के बाद मूत्र की जांच

• टेस्टिकुलर बॉयोप्सी

• एंटी स्पर्म एंटीबॉडी टेस्ट

• ट्रान्सरेक्टल अल्ट्रासाउंड 

पुरुष नपुंसकता का इलाज

पुरुष नपुंसकता के इलाज के निम्नलिखित विकल्प है :

• असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (एआरटी)

• इंफेक्शन के इलाज के लिए एंटीबायोटिक इलाज

• ओजोस्पर्मिया की स्तिथि में मैक्रोसर्जरी

• यौन संबंधित रोगों का इलाज

• हॉर्मोन तथा दवाओं द्वारा इलाज 

पुरुष नपुंसकता से बचाव के उपाय

पुरुष नपुंसकता से बचाव के लिए कुछ निम्नलिखित उठाए जा सकते हैं : 

• ध्रूमपान न करें

• शराब का सेवन कम से कम करें या न करें

• किसी भी प्रकार के अप्रमाणित दवाओं का सेवन न करें। 

• वज़न को हमेशा नियंत्रित रखें

• अत्यधिक गर्म माहौल से बचें

• तनाव से बचें

• किसी भी प्रकार कीटनाशक, भारी धातुओं तथा किसी भी प्रकार के ज़हरीले पदार्थ के संपर्क में आने से बचें।

डॉक्टर से कब संपर्क करें ?

निम्नलिखित स्तिथि में आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए : 

• गर्भधारण करने की लगातार कोशिशों के बाद भी जब महिला गर्भधारण न कर पाए तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

• इरेक्शन या इजाकुलेशन संबंधित लक्षण दिखने, काफी कम समय तक ही संभोग पाना या किसी अन्य प्रकार के यौन रोग संबंधित लक्षण दिखने पर  तुरंत डॉक्टर से मिलें। 

• अंडकोश के आसपास दर्द होने, गांठ होने या सूजन दिखने पर तुरंत डॉक्टर से मिलें। 

• अंडकोश, प्रोस्टेट या किसी प्रकार के अन्य यौन रोग संबंधित इतिहास होने पर भी मिलें।

• कमर, अंडकोश, लिंग इत्यादि का ऑपरेशन हुआ हो तो नियमित रूप से स्तिथि पर नज़र बनाए रखें।

डॉक्टर विक्रांत गौर

(B.A.M.S.) रजिस्ट्रेशन न  - DBCP / A / 8062 पूर्व वरिष्ठ सलाहकार  जीवा आयुर्वेद दिल्ली ,  फरीदाबाद मेडिकल सेंटर ,पारख हॉस्पिटल फरीदाबाद में 5 साल का अनुभव  पाइल्स, हेयर फॉल, स्किन प्रॉब्लम, लिकोरिया रोगों  में एक्सपर्ट

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