इआरसीपी जाँच जिसे अग्रेज़ी में Endoscopic Retrograde Cholangio-Pancreatography बोलते है इसका उपयोग लीवर और पेट के रोग का पता लगने के लिए होता है इस जाँच के द्वारा अग्न्याशय रोग या पित्त नलिकाओं के रोग का पता लगा कर उनका निदान किया जाता है इस जाँच की रिपोर्ट में उस अंग की तस्वीर से उस बीमारी के बारे विस्तार से जाना जाता है

इआरसीपी जाँच के बाद मरीज़ को सुझाव

• इआरसीपी (ERCP) जाँच की प्रक्रिया के 2 घण्टे बाद तक मरीज को कुछ भी पाने पीने के लिए न दें। 

• इ आर सी पी जाँच की प्रक्रिया के बाद अगले 4 घण्टे तक  मरीज को 100 से 150 मिली लीटर प्रति घण्टे की मात्रा में तरल पदार्थ नस (I/V) के मध्यम से दें। 

• अगर मरीज को तरल पदार्थ लेने के बाद किसी तरह का दर्द नही हो रहा है, तब वसा मुक्त भोजन दें सकते हैं। 

• इआरसीपी की प्रक्रिया के 4 से 6 घण्टे बाद डॉक्टर द्वारा मरीज का परीक्षण किया जाएगा। सब कुछ सामान्य रहने पर मरीज को डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। 

• हॉस्पिटल से डिस्चार्ज होने के बाद सब कुछ सामान्य रहने पर नियमित रूप से लिए जाने वाले दवाई को फिर से लेना शुरू कर सकते हैं। लेकिन केवल डॉक्टर के बताएं अनुसार ही दवाई लें।

• गाड़ी न चलाएं।

• पेट में तेज़ दर्द होने, बुखार आने, एब्डोमिनल डिस्टेंशन की स्तिथि में, मल में खून आने  पर या अन्य किसी भी तरह असामान्य लक्षण के दिखने या आपातकालीन स्तिथि में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें । 

डॉक्टर विक्रांत गौर

(B.A.M.S.) रजिस्ट्रेशन न  - DBCP / A / 8062 पूर्व वरिष्ठ सलाहकार  जीवा आयुर्वेद दिल्ली ,  फरीदाबाद मेडिकल सेंटर ,पारख हॉस्पिटल फरीदाबाद में 5 साल का अनुभव  पाइल्स, हेयर फॉल, स्किन प्रॉब्लम, लिकोरिया रोगों  में एक्सपर्ट

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