चर्म रोग नाशक तेल

त्वचा रोग का घरेलू उपचार और चर्म रोग नाशक तेल बनने की विधि

मुख्यतः त्वचा रोग का कारण दाद, खाज ,खुजली ,शीत, त्वचा का खुश्क होना, त्वचा का फटना ,सफेद दाग ,कील, मुहाँसे, फुन्सियां होना आदि। इस रोग का मुख्य कारण मानव शरीर में संक्रमण (इन्फेक्शन) होना  रोगी के द्वारा दूषित जल या पदार्थों का सेवन या शरीर की सफाई न रखना, रक्तविकार होना लम्बे समय तक कब्ज तथा विटामिन सी की कमी होना आदि। 


त्वचा रोग के बचाव का उपाय

  • वर्षाऋतु में शरीर व वस्त्र की साफ सफाई रखना।
  • इस ऋतु में वायु में नमी अधिक होने के कारण वस्त्र गीले होजाते है।
  • शरीर से पसीना भी निकलता है जिसकी वजह से शरीर की सफाई सही ढंग से नहीं हो पाती है।
  • त्वचा पर मैल की पर्त जम जाती है  इससे त्वचा चटकने लगती है।
  • खान पान में विशेष कर माँसाहार में संक्मक पदार्थों का से्वन या रोगकारक पदार्थों के सेवन से वचाव रखना।

त्वचा सम्बन्धी रोगों के सर्वाधिक बीमारियों में एक प्रमुख  त्वचा की बीमारी दाद है | दाद रोग जल्द ठीक नहीं होता है साथ ही पूरा इलाज न लेने पर यह रोग फिर से अपनी पुनः अवस्था में आ जाता है यह शरीर में कही भी हो सकता है अधिकतर पैर के टखनों के नीचे , शरीर के जोड़ सन्धि के बीच में , पेडू के नीचे दोनों जाघों के बीच , कान के पीछे तथा गर्दन के पीछे हो जाता है। यह रोग जल्दी ठीक नहीं होता है इस रोग को लोग फंगल रोग भी कहते है |

त्वचा रोग के लक्षण :

दाद रोग में लाल चक्कते बने होते है जिनके ऊपर छोटी फुन्सिया बनी होती है उसमें खुजलाहट होती है इस कारण रोगी बार बार उस स्थान को खुजाता रहता है जिससे रोगी को आराम मिलता है।

दाद रोग का बचाव

इस रोग के उपचार के लिये रोगी को शरीर की सफाई रखना जरूरी होता है  रोजाना सुबह नीम के पत्तों को पानी में डाल कर तथा नीम सोप, कारबोलिक सोप या नीको सोप को शरीर में लगाकर खूब नहाना चाहिए ततपश्चात साफ धुले तौलिया से शरीर को पौछना चाहिए जिससे शरीर सूखा खुश्क हो जाए और रोजाना साफ धुले कपडे  रोगी को पहनना चाहिए। जिससे शरीर में गन्दगी न रहे |

त्वचा रोग के उपचार सम्बन्धी कुछ घरेलू उपचार :

  1. तुलसी व गेंदा की बराबर मात्रा में पत्तियों को तथा एक चने के बराबर सोहागा को पीस कर उसमें कुछ नीबू का रस मिलाकर दाद की जगह पहले कन्डे से रगडकर साफ करे फिर दाद की जगह पर लगाने से आराम मिलता है।
  2. दाद की जगह को किसी मोटे कपडा से रगड़ कर अकोइ (आकडा का अर्क ) का दूध लगाने से तकलीफ तो होगी परन्तु दाद का रोग जड़ से समाप्त हो जायेगा।
  3. पके केले के गूदा में नीबू का रस मिला कर उस दाद या खुजली के स्थान पर लेप करें तो निश्चय ही दाद खाज खुजली और एक्जिमा जैसी बीमारी का अन्त हो जायेगा।
  4. भुनी हुई फिटकरी आँवला सार गन्धक कच्चा सोहागा तथा शक्कर ये चारों चीजों को आप पन्सारी की दुकान से खरीद लायें । सभी को बराबर समभाग पीस कर बारीक पाउडर बना लें  इसे दाद वाली जगह पर पाउडर रखकर खूब मसलें इससे भी दाद नष्ट करने का बहुत ही आसान उपाय है। चर्म रोग नाशक तेल शरीर के सभी प्रकार के त्वचा (चर्म रोग) सम्बन्धी रोग को मिटाने के लिए एक घरेलु देशी चीजों द्वारा चर्मरोग नाशक तेल का प्रयोग किया जाता है

चर्म रोग नाशक तेल बनाने की विधि :

कच्ची औषधि विक्रेता ( पन्सारी ) की दुकान या जगल से नीम के पेड की छाल, चिरायता, हल्दी, दारूहल्दी, लाल चन्दन, हरड़ बहेड़ा आँवला तथा अडूसा के पत्ते सबको 50 50 ग्राम बराबर मात्रा में लेकर आए। लाल चंदन , दारूहल्दी का रेती से बुरादा बना लें बाकी सभी चीजों को कूट पीसकर चूर्ण बना लें। सभी प्रकार की औषधियों को सिल पर बट्टे की मदद से भाँग जैसा घौटले इससे एक प्रकार की लुगदी ( पेस्ट ) बन जायेगी   अब काले तिल के तेल को बनी हुई लुगदी ( पेस्ट ) की मात्रा से चार गुना एक लोहे की कढाई में दोनों को डालकर मध्यम आग में गर्म करने के लिए रखें इसमें ऊपर की मात्रा से चार गुना पानी भी मिला कर खूब खौलाये पकते-पकते जब पानी जलकर उड़ जायेगा बचे हुए तेल को ठंडा होने पर किसी कपडे की मदद से छान कर किसी काँच की बोतल में भरकर रख दें। यह तेल बहुत सी बीमारियों को जड़ से मिटाने की रामबाण दवा है।

चर्म रोग नाशक तेल उपयोग की विधि : Home remedies or oil for skin diseases

इस तेल को उपयोग करने से पहले संक्रमित स्थान को साफ पानी से धो कर साफ़ कर ले | उसके बाद चर्म रोग नाशक तेल को रुई की सहायता से दिन में तीन बार संक्रमित स्थान पर लगये |

सावधानियां

इस तेल का सेवन न करे |

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  1. Avatar सलाउद्दीन khan अप्रैल 10, 2020

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