हृदय रोगियों का खान-पान:आजकल जीवनशैली में परिवर्तन तथा खाने पीने की गलत आदतों के कारण बहुत से लोग विभिन्न प्रकार के रोगों से ग्रसित हो रहे हैं I इन सभी रोगों में एक ऐसा रोग है जिसके रोगियों की संख्या भारत में बहुत ही तेज़ गति से बढ़ रही है, और वह है ह्रदय रोग | हृदय रोग कई कारणों से हो सकता है जिनमें से मुख्य कारण हैं — खान पान की गलत आदतें, धूम्रपान, आसीन जीवन शैली (sedentary lifestyle) तथा अनियंत्रित  मोटापा | एक ह्रदय रोगी को खान पान में क्या परहेज़ करना चाहिए तथा हृदय रोगियों का खान-पान क्या रहना चाहिए, यह सूचित करना इस लेख का उद्देश्य है I

ह्रदय रोगी क्या न खाएँ 

निम्न खाद्य पदार्थ हृदय रोगियों का खान-पान में नहीं खाने चाहिए :

  1. तला–भुना भोजन |
  2. अधिक नमक वाला भोजन |
  3. पैक्ड फ़ूड जैसे बिस्कुट, नमकीन आदि |
  4. Saturated तथा trans fat या वाले खाद्य पदार्थ |
  5. अधिक घी या मक्खन से युक्त भोजन |

हृदय रोगियों को खान-पान में क्या खाए

यदि शाकाहारी है तो निम्नलिखित भोजन का सेवन कर सकते हैं:

  1. हरी पत्तेदार ताज़ा सब्जियां
  2. ताज़े अलग अलग रंगों वाले फल
  3. साबुत अनाज जैसे ज्वार, बाजरा आदि
  4. बादाम , अखरोट आदि
  5. यादि मीठा खाने की इच्छा हो तो dark chocolate का सेवन करें, इसके आलावा किसी भी प्रकार के मीठे पदार्थ के सेवन से बचें

यदि हृदय रोगियों का खान-पान मांसाहारी है तो निम्नलिखित भोजन का सेवन कर सकते हैं:

  1. Omega-3 युक्त भोजन जैसे मछली आदि (यदि Cholesterol की वृद्धि न करे) |
  2. अंडे का सफ़ेद भाग I

Cholesterol की वृद्धि करनेवाले मांसाहारी भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए |

इसके अतिरिक्त ह्रदय रोगी को एक स्वस्थ जीवन शैली अपनानी चाहिए और रोगमुक्त रहने के लिए प्रतिदिन थोडा समय वयायाम आदि के लिए भी निकलना चाहिए | ह्रदय रोगी को हमेशा प्रसन्नचित रहना चाहिए तथा योग और ध्यान का भी अभ्यास करना चाहिए |

डॉक्टर विक्रांत गौर

डॉक्टर विक्रांत गौर

(B.A.M.S.) रजिस्ट्रेशन न  - DBCP / A / 8062 पूर्व वरिष्ठ सलाहकार  जीवा आयुर्वेद दिल्ली ,  फरीदाबाद मेडिकल सेंटर ,पारख हॉस्पिटल फरीदाबाद में 5 साल का अनुभव  पाइल्स, हेयर फॉल, स्किन प्रॉब्लम, लिकोरिया रोगों  में एक्सपर्ट

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