मसूड़ों का फूलना और इसका घरेलु इलाज

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मसूड़ों का फूलना और इसका घरेलु इलाज - Gums to swell and its domestic treatment

मसूड़ों का फूलना और इसका घरेलु इलाज अगर आप नहीं जानते है तो दोस्तों आज हम आपको दांतों मे होने वाली एक बीमारी जिसका नाम जिंजिवाइटिस है उसके बारे मे आपको बताते है | क्योंकि दांत हमारे शारीर का बहुत जरुरी भाग होता है और ये बीमारी हमारे मसूडों मे होती है | इस बीमारी के होने के कारण हमारे मसूडों में सूजन आ जाती है | वैसे तो यह एक प्रकार का संक्रामक रोग है |

ये एक बैक्टिरियल इंफेक्शन के कारण होती है । इस बीमारी की वजह किसिंग , खांसी , छींकने और कप व ग्लास से भोजन बांटने की वजह से होती है | कुछ डॉक्टर इसे संक्रामक भी मानते हैं लेकिन कुछ डॉक्टर इसको संक्रामक नही मानते है | इस बीमारी के कीटाणु हमारी लार मे जन्म लेते है |

जब कोई जिंजिवाइटिस का मरीज किसी दुसरे स्वस्थ व्यक्ति के साथ अपने खानपान को बाटता है तो इस बीमारी का एक इंसान से दुसरे इंसान मे फैलने का खतरा और भी बढ जाता है |

तो आइये जानते है मसूड़ों का फूलना और इसका घरेलु इलाज –

  • किसिंग :- मसूड़ों का फूलना

जिंजिवाइटिस यानि की मसूड़ों का फूलना किसिंग भी एक वजह होती है | जिसके द्वारा भी यह एक स्वस्थ व्यक्ति के अन्दर प्रवेश कर सकता है। कभी कभी तो कीटाणु एक दूसरे आदमी से हस्तांतरित भी हो जाते है | लेकिन यह इस बीमारी का मुख्य लक्षण नहीं होता है । ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आदमी की प्रतिरक्षा प्रणाली को ये बैक्टीरिया समाप्त कर देते है ।

जिसकी वजह से जिंजिवाइटिस की समस्या होने लगती है | लेकिन यह आदमी के शरीर के रक्षा तंत्र प्रणाली पर भी निर्भर करता है | क्योंकि मनुष्य का रक्षा तंत्र प्रणाली जितनी अच्छी होगी तो उतना ही ये बैक्टीरिया उस मनुष्य को संक्रामित नही कर पायेगा पर ये इस बात पर भी निर्भर करता है , की वह कितनी बार संक्रमित लार के संपर्क में आया है ।

जैसा की मैंने बताया था की जिवाइटिस एक संक्रामक रोग है , लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि यदि कोई संक्रमित व्यक्ति को एक बार चूमे तो यह संक्रमण आदमी में प्रवेश करेगा संक्रमण फैलने का खतरा व्यक्ति के स्वास्‍थ्‍य पर भी निभर्र करता है|

  • खांसी व छींकने से :- मसूड़ों का फूलना

खांसी व छींकने से भी इसके बैक्टीरिया एक इंसान से दुसरे इंसान के अन्दर हवा के द्वारा चले जाते है जिसकी वजह से यह बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है | इसीलिये अगर कोई संक्रमित व्यक्ति आपके पास खड़ा हो तो उससे थोड़ी दूरी व अपने चहरे पर मास्क लगा कर रखे |

दोस्तों जिंजिवाइटिस जैसी बीमारी मसूडों के आसपास के ऊतकों और कोशिकाओं के खत्म हो जाने के कारण होती है | यह मसूडों में पहले प्लेक ( मसूडों में गंदगी का जमना ) जैसे रोग को उजागर कर देती है | जिसके वजह से मसूडों कमजोर और काले दिखाई देने लगते है और दांत गिरने लगते है |

  • मुंह की सही तरीके से देखभाल :-

मुंह की सही तरीके से देखभाल करके जिंजिवाइटिस से बचाव किया जा सकता है । खाने के बाद सुबह और शाम नियमित रूप से ब्रश करने से मसूडे की सूजन से बचा जा सकता है । धूम्रपान करने वालों को जिंजिवाइटिस होने का खतरा ज्यादा होता है ।

इसी लिये जितना जल्दी हो सके धूम्रपान को छोड़ दे क्योंकिधूम्रपान करने जिंजिवाइटिस के साथ साथ इससे कई प्रकार की बीमारी होने लगती है | धूम्रपान करने से धूम्रपान के कीटाणु धूम्रपान करने वालो के शरीर मे प्रवेश कर जाते हैं | जिसकी वजह से उनकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो जाती है और इस बीमारी को बढने से रोक नही पाती है | इसीलिये धूम्रपान करने वालो के लिए यह ज्यादा संक्रामक बीमारी है |

  • मुंह की सही तरीके से साफ सफाई :- मसूड़ों का फूलना

मुंह की सही तरीके से साफ सफाई रखकर जिंजिवाइटिस जैसी बीमारी के खतरे कम किया जा सकता है । दांतों का समय समय पर चेकअप कराकर इस संक्रमण से बचा जा सकता है । किसी दूसरे से खाना बांटने और किसिंग के बाद दांतों की सही तरीके से सफाई और ब्रश करने से कोई भी इस संक्रमण के फैलने की संभावना को कम किया जा सकता है ।

अगर मसूडों में संक्रमण के कोई लक्षण दिखाई दें , जैसे – मसूडों से खून बहना या मसूडों में दर्द होना , तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लीजिये । दांतों की तुरंत देखभाल कर इस संक्रमण को शुरआत में ही रोका जा सकता है ।

तो दोस्तों अगर आपके परिवार मे किसी को मसूड़ों का फूलना या इस प्रकार की कोई और बीमारी है व इस प्रकार लक्षण दिखाई दे तो तुरंत दिया हुआ इलाज व डॉक्टर से सलाह जरुर ले |

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