एंडोस्कोपी अल्ट्रासाउंड ( ईयूएस ) पेट या आत से संबंधित रोगों का पता लगाने हेतु एक जाँच प्रक्रिया है जिसमे डॉक्टर एंडोस्कोप द्वारा पाचन तंत्र और आसपास के ऊतक और अंगों की तस्वीर लेता है। आंतरिक अंगों की तस्वीर लेने के लिए अल्ट्रासाउंड परीक्षण ध्वनि तरंगों के उपयोग के साथ ही EUS के एंडोस्कोप में एक छोटा अल्ट्रासाउंड डिवाइस व कैमरा होता है जो इसके शीर्ष पर होता है। एंडोस्कोप और कैमरा को ऊपरी या निचले पाचन तंत्र की उच्च-गुणवत्ता वाली अल्ट्रासाउंड इमेज को प्राप्त करता  है। क्योंकि EUS अंग की जांच के लिए उस अंग के बहुत करीब पहुंच सकता है, जो पारंपरिक अल्ट्रासाउंड द्वारा प्रदान की गई इमेज की तुलना में अधिक स्पष्ट और विस्तृत होती हैं जिससे उस रोग के बारे मे पता करके उचित इलाज किया जा सके

इसकी जरूरत क्यों और कब होती है ?

एंडोस्कोपी अल्ट्रासाउंड का उपयोग निम्नलिखित है :

  • पेट के कैंसर की विस्तृत जानकारी व कैंसर की स्टेज पता करने के लिए
  • अग्न्याशय से संबंधित रोगों का पता लगाने हेतु
  • पित्ताशय और लीवर सहित अंगों में असामान्यताओं  की जाँच और पेट के ट्यूमर के इलाज के लिए
  • पेट मे मलाशय और गुदा नली की मांसपेशियों की जाँच के लिए
  • आंतों की दीवार में नोड्यूल्स (धक्कों) की जाँच के लिए

इस प्रक्रिया मे जोखिम क्या हैं ?

वैसे एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड एक बहुत ही सुरक्षित जाँच प्रक्रिया है और हालांकि इसमे कुछ परेशानी होती हैं, वे बहुत कम होती  हैं | हमारे विशेष चिकित्सक मेदांता में ईयूएस मे परीक्षा करते हैं। हालांकि, इसमें कुछ जोखिमों में शामिल हैं:

  • अस्थायी रूप से गले में खराश हो सकती है
  • कुछ समय के लिए पेट में भारीपन
  • इस कारण आखो से आंसू आ सकते है
  • कुछ खून निकल सकता है

इस प्रक्रिया को करने से पहले मरीज के लिए कुछ दिशा निर्देश –

एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड या EUS प्रक्रिया या जाँच को सुबह या दोपहर में की जाती है। तो इसके लिए आपको रात 12 बजे के बाद कुछ भी न खाए या पिएं । आप सिर्फ पानी पी सकते जब तक जाँच न हो जाये । इसके जाँच के लिया आपको कम से कम ८ घन्टे खाली पेट रहने का निर्देश दिया जाता है |

यदि आप उच्च रक्तचाप या हाई बी पी  यदि आप प्रेडनिसोन ले रहे हैं, तो आप इन दवाओं  का सेवन इस प्रक्रिया की सुबह या कम से कम दो घंटे पहले पानी के घूंट के साथ ले सकते हैं। इसके बाद आप  प्रक्रिया पूरी होने तक कोई भी तरल पदार्थ या गोलियां न लें।

यदि आपने किसी भी दवा का सेवन किया है तो अपने डॉक्टर को सूचित  ज़रुर करें।

जानिए इस प्रक्रिया के दौरान क्या होता है ?

इस पूरी प्रक्रिया में लगभग  30 से 90 मिनट लगते हैं और मरीज आमतौर पर इस प्रक्रिया मे उसी दिन घर जा सकता है। एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड से गुजरने वाले व्यक्ति को प्रक्रिया से पहले मेडिकली तैयार किया जाएगा जैसे बी पी की जाँच और फिर बेहोश किया जा सकता है ।  डॉक्टर व्यक्ति के मुंह या मलाशय में एक एंडोस्कोप को प्रवेश किया जाता है। फिर डॉक्टर एक टीवी मॉनीटर और एक अन्य मॉनीटर पर अल्ट्रासाउंड की छवि पर आंत्र पथ के अंदर का निरीक्षण करेंगे। इसके अतिरिक्त ध्वनि तरंग परीक्षण का उपयोग बायोप्सी (माइक्रोस्कोप द्वारा जांच करने के लिए ऊतक का छोटा टुकड़ा) लेने और खोजने में मदद के लिए किया जा सकता है।

इस प्रक्रिया के बाद क्या होता है ?

अधिकांश रोगियों को इस प्रक्रिया 3-4 घंटे बाद छुट्टी दे दी जाती है। प्रक्रिया के बाद, आपको रिकवरी क्षेत्र में निगरानी की जाएगी जब तक कि बेहोश करने की क्रिया के प्रभाव खत्म नहीं हो जाते। आप प्रक्रिया के बाद खा सकते है

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मानवेन्द्र सिंह

मानवेन्द्र सिंह

मानवेंद्र सिंह सॉफ्ट प्रमोशन टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड में फिटनेस और हेल्थ ब्लॉगर हैं। उन्होंने 2006 में BHM स्नातक की डिग्री ली है। उन्हें स्वास्थ्य एवं विज्ञान अनुसंधान के क्षेत्र में लेखन का आनंद मिलता है।

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