डायबिटिक रेटिनोथैरेपी या डायबिटिक मे आखों का घरेलु इलाज

0
169
Diabetic Retinopathy
Diabetic Retinopathy

डायबिटिक रेटिनोथैरेपी का घरेलु इलाज

डायबिटिक रेटिनोथैरेपी एक बीमारी  है | जो मधुमेह  से पीड़ित व्यक्ति की रेटिना को प्रभावित करती है | यह रेटिना  को रक्त पहुँचाने वाली महीन नलिकाओं के क्षतिग्रस्त होने के कारण होता है, अगर इसका समय पर इलाज  न कराया जाये तो पीड़ित व्यक्ति अंधेपन का शिकार हो सकता है | डायबिटिक रेटिनोथैरेपी दुनिया में अंधेपन का  सबसे बड़ा कारण है | जिसके मामलें हर साल बढ़ते जा रहे है | रेटिना आँखों  के अंदरूनी भाग में स्थित एक नाजुक प्रकाश सबंधी परत है | जो किसी वस्तु से परिवर्तित होकर आने वाले प्रकाश की मदद से वस्तु की छवि निर्माण के लिये जिम्मेदार होती है | रेटिना को होने वाला नुकसान रेटिनोथैरेपी  का कारण बनता है | जैसे-जैसे बीमारी बढती है रेटिना  क्षेत्र में वांछनीय रक्त पनप ने लगती है जो ऑक्सीजन  आपूर्ति में बाधा पैदा करती है | यह रक्त नलिकायें मधुमेह के कारण कभी भी फट सकती है जिससे अचानक द्रष्टि खो सकती है | या नजर कमजोर हो सकती है |

दोस्तों डायबिटिक रेटिनोथैरेपी  के कुछ सामान्य से लक्षण  या कारणों को पहचानकर हम इस बीमारी  का पता लगा सकते है | तो आइये जानते है | कुछ सामान्य से लक्षण  व कारण |

डायबिटिक रेटिनोथैरेपी के लक्षण 

  • आँखों का बार-बार संक्रमित होना |
  • चश्में का नंबर बार-बार बदलना |
  • रेटिना से खून आना |
  • सफ़ेद मोतिया बिंद या काला मोतिया बिंद |
  • सिर दर्द रहना |
  • एकाएक आँखों की रोशनी कम हो जाना |

इस रोग के कारण

मधुमेह या अंधेपन का एक प्रमुख कारण रेटिनोथैरेपी है | यदि बहुत लंबे समय तक रह जाये तो यह शरीर के दूसरे अंगो को प्रभावित करता है |

दोस्तों इन लक्षणों  व कारणों  से हम इस बीमारी  को पहचान कर इस समस्या से बच सकते है | जिनमे कुछ घरेलु उपाय भी शामिल है | तो आइये जानते है |

और पढे- डायटीज (मधुमेह) होने के कारण और मधुमेह कम करने बीके उपाय….

इस रोग से बचाब के कुछ घरेलु उपाय

  • समय-समय पर आँखों की जाँच करायें यह जाँच बच्चों में भी आवश्यक है |
  • रक्त में शुगर  और कोलेस्ट्रोल और शुगर  की मात्रा को नियंत्रित करें |
  • डायबिटीज  के मरीज को साल में कम से कम एक बार अपनी आँखों की जाँच करानी चाहिये |
  • विटामिन ए  युक्त खाद्र्य पदार्थो का सेवन अधिक करें |
  • पालक को अपने भोजन में शामिल करें |
  • काले अंगूरों के बीजो का रस पीयें |
  • ज्यादा से ज्यादा सलाद खायें |
  • गर्भवती महिला अगर डायबिटिक  है तो उसे अपनी जाँच कराते रहना चाहिये |
  • सामान्य से लक्षण दिखने पर आपको तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिये |

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.