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 नोवेल कोरोना वायरस ( Coronavirus information in hindi ) के बारे में आज हम कुछ जानकारी देने वाले हैं दुनिया में यह वायरस सर्वप्रथम चीन में 2019 में बुहान  हुबेई प्रदेश में पाया गया इससे पहले यह दुनिया में कहीं पर भी इस तरह के वायरस के बारे में कोई जानकारी प्राप्त नहीं हुई थी इसीलिए इस वायरस का नाम नोबेल रखा गया इस वायरस की उत्पत्ति के बारे में अभी कोई सटीक या पुख्ता जानकारी नहीं है  यह एक आर एन ए वायरस है इस वायरस से मनुष्य को सांस लेने में तकलीफ़ होती है यह वायरस कहां से आया और किसने फैलाया कई लोगों का मानना है कि यह वायरस समुद्र के जीव जंतुओं से मनुष्य के अंदर आया है कुछ विशेषज्ञ का ऐसा मानना है कि यह वायरस  सीफूड के द्वारा ही मनुष्य के अंदर में प्रवेश किया होगा |

वायरस के बारे में हम जानते हैं कि वायरस हमारे शरीर में रहता है तो उस अवधि में हमें अपने शरीर को विशेष ध्यान रखने की जरूरत होती है क्योंकि वायरस को खत्म नहीं किया जा सकता वायरस अपना वह काल आपके शरीर में रहकर ही गुजरता है इस वायरस की पुष्टि होने पर आपको आपको जो भी समस्या आती है उनके लक्षण देखकर उन समस्याओं का इलाज किया जाता है इसके साथ ही कोरोना वायरस सबसे पहले चाइना में सबसे ज्यादा रोगी मिले इसके साथ ही अन्य देशों में लाखो नए मामले सामने आए हैं जिसमें भारत में भी बहुत मामले की पुष्टि हुई है पहला ममला एक स्टूडेंट में आया जो कि चाइना में पढ़ने वाले 1 छात्र में था जो इस वक्त केरल में है उसके बाद कई और कोरोना मरीज़ पुरे भारत में मिलने लगे सबसे ज्यादा महाराष्ट्र में आये और अभी भारत २१ दिन के लॉक डाउन में है |

शरीर मैं वायरस के रहते समय कोई नुकसान ना हो उसके लिए शरीर के विभिन्न पैरामीटर्स पर नजर रखकर उन को संतुलित करने के प्रयास रहता है जिससे वायरस के शरीर में रहते शरीर को किसी भी तरह का नुकसान ना हो | 

आइए जानते हैं इस वायरस के शरीर में क्या लक्षण दिखते हैं जैसा कि अभी तक नोवेल कोरोना वायरस  पॉजिटिव पेशेंट या मरीज में जो लक्षण पाए गए हैं उनके आधार पर यह लक्षण निर्धारित किए गए हैं

नोवेल कोरोना वायरस के लक्षण : Novel Coronavirus symptoms in hindi

  •  जैसे तेज बुखार होना
  •  जुकाम रहना
  • सूखी खासी
  •  सांस लेने में काफी दिक्कत होना

 इस वायरस से बचने के लिए हमें क्या सावधानी रखनी चाहिए

  • संक्रमित देशों या संक्रमित स्थान पर जाने से बचें जहां इस वायरस की पुष्टि हो चुकी है |
  • जिस व्यक्ति को भी बुखार या जुकाम हो उससे 3 से 6 फीट की दूरी बनाकर रखें |
  • अपने आसपास  सफाई रखें |
  • ज्यादा से ज्यादा अपने हाथों को साफ रखें या बार-बार धोने की आदत डालें |
  • खांसी या छींक आने  के समय अपने मुंह को ढके |
  •  पब्लिक प्लेस पर जाते समय मास्क पहने | 
  •  नॉनवेज को अच्छी तरह से पका कर ही खाएं |
  •  श्वसन क्रिया को मजबूत करने वाला व्यायाम करें |
  •  फेफड़े को मजबूत करने वाले भोज्य पदार्थों का सेवन करें |
  • भीड़भाड़ से बचें और जरूरी ना हो तो घर पर ही रहें.
  • अगर घर में किसी को जुकाम या बुखार हो तो उस मरीज को अलग थलग रखने की आवश्यकता है |
  • समाजिक दूरी बनाये |

समान्य बुखार और कोरोना वायरस के लक्षणों में क्या अंतर है

 डब्ल्यूएचओ के अनुसार अभी शुरुआती दौर में सिर्फ एक लक्षण जो कि सांस लेने में तकलीफ होना है बाकी लक्षण सारे एक समान बुखार की तरह ही ही पाई जा रहे हैं कुछ मरीजों में तो कुछ लक्षण ना देखने के बाद भी यह वायरस पॉजिटिव आ रहा है अभी इस बीमारी पर सभी संगठन और सभी रिसर्च संगठन कार्य कर रहे हैं 

इस वायरस के कारण शरीर में होने वाले नुकसान

अभी तक इस बीमारी जितने रोगी आये उसमें 3% लोगों की मौत हो चुकी है डॉक्टर और शोधकर्ता डब्ल्यू एच ओ के साथ चाइनीस अथॉरिटी इस वायरस पर काम कर रही है  सबसे ज्यादा रोगियों की संख्या चाइना में है अगर इस वायरस के शरीर में प्रवेश करने के बाद अगर आप इलाज नहीं कराते हैं तो आपके शरीर में प्रमुख अंगों का कार्य करना बंद कर सकते हैं जैसे किडनी आपको सांस कर लेने में तकलीफ होना या फेफड़ों का काम करना बंद कर देना या किसी अन्य अंग को भी नुकसान पहुंचा सकता है |

इस वायरस की भारत में जांच कहां होती है ?

 भारत में इस वायरस की जांच सरकारी अस्पतालों जैसे एम्स या पीजीआई या गवर्नमेंट के मेडिकल कॉलेज के साथ ही २० प्राइवेट लैब जो की ICMR ने मान्यता दी में ही होती है | इसके लिए डॉक्टर का पर्चा और फॉर्म 44 देना होता है | अगर इस जांच में कोई भी व्यक्ति पॉजिटिव  पाया जाता है तो उसे आइसोलेटेड वार्ड मैं भर्ती करके उसका ट्रीटमेंट किया जाता है |

कोरोना वायरस का इलाज Coronavirus treatment in hindi

यदि आप को जुकाम या बुखार है साथ ही में  सांस लेने में तकलीफ़ है तो आप अपने नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर डॉक्टर को दिखाएं वह आपकी जांच कराकर इसकी पुष्टि करके इसका इलाज जो भी सांस संबंधित बीमारी में होता है और अभी इस वायरस के इलाज में जो लक्षण  है उनका ही इलाज किया जाता है और आपको आइसोलेटेड वार्ड में रखा जाएगा जिससे इस बीमारी को रोकने में मदद मिले |अगर मरीज की हालत बहुत ख़राब होती है तो उसको वेंटीलेटर लगाया जाता है जिससे उसको सास लेने में आसानी रहै |

 क्या यह वायरस चाइनीस खाना खाने से फैलता है ?

जी नहीं 

क्या चाइना से आने वाले सामान  के उपयोग से कोरोना वायरस शरीर के अंदर प्रवेश कर सकता है ?

 जी नहीं

अगर आप को बुखार, जुकाम या सांस लेने में तकलीफ है तब आपको अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर अपनी जांच कराएं और अपने को दूसरों से 3 से 6 फीट की दूरी रखें जिससे आपकी बीमारी दूसरों तक ना पहुंचे |

मानवेन्द्र सिंह

मानवेन्द्र सिंह

मानवेंद्र सिंह सॉफ्ट प्रमोशन टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड में फिटनेस और हेल्थ ब्लॉगर हैं। उन्होंने 2006 में BHM स्नातक की डिग्री ली है। उन्हें स्वास्थ्य एवं विज्ञान अनुसंधान के क्षेत्र में लेखन का आनंद मिलता है।

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