पुराना दर्द या क्रोनिक दर्द के कारण व उपचार

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पुराने दर्द का उपचार
पुराने दर्द का उपचार

पुराना दर्द या क्रोनिक दर्द पीड़ित को लगी चोट के प्रभावित हिस्से में पांच से सात महीने के उपरांत जन्म लेता है, भारत में हुये एक सर्वे के अनुसार लगभग बीस से पच्चीस प्रतिशत महिला व पुरुष इस रोग के पीड़ित है | यह रोग किसी भी व्यक्ति को संक्रमण, मस्तिष्क व रीढ़ की हड्डी में आयी चोट का पूर्णरूप से उपचार न करवाने के उपरांत पीड़ित को इस दर्द की अनुभूति हो सकती है पुराने दर्द के कई आम प्रकार मौजूद है जैसे कि :   

  • सर दर्द
  • सर्जरी के बाद होने वाला दर्द
  • कमर दर्द
  • कैंसर का दर्द
  • गठिया का दर्द
  • अनुवांशिक दर्द

पुराना दर्द या क्रोनिक दर्द का मुख्य कारण –

गठिया के कारण – गठिया रोग पीड़ित के जोड़ों के सिनोवियम नामक नर्म टिशु के नष्ट हो जाने के कारण आती है जो क्रोनिक दर्द का ही एक रूप होता है ( और पढ़े :- गठिया रोग के बारे में )

एंडोमेट्रिओसिस के कारण  – एंडोमेट्रिओसिस के कारण महिला के गर्भाशय में पाया जाने वाला ऊतक अंडाशय, फैलोपियन ट्यूब के बाहरी भाग में फैलने लगता है जिसके कारण आपको क्रोनिक दर्द की समस्या हो सकती है

गर्भाशय के ऑपरेशन के बाद – गर्भाशय के ऑपरेशन बाद महिला के हार्मोन्स में परिवर्तन आने के कारण यह समस्या उत्पन्न हो सकती है

क्रोनिक फेटीग सिंड्रोम – क्रोनिक फेटीग सिंड्रोम यानी रोजाना थकान व सुस्ती के कारण भी आपको इस प्रकार के दर्द का सामना करना पड़ सकता है | ( और पढ़े :- थकान व सुस्ती को दूर करने के बारे में )

पाचन से जुड़े रोग – कई डॉक्टर्स के मुताबिक पाचन से जुड़े रोग भी इस दर्द की एक वजह हो सकते है |

इसका उपचार :

दर्द होने पर गर्म पानी से सिकाई करे –

जब भी आपको इस प्रकार के दर्द की अनुभूति हो तो आपको गर्म पानी में थोड़ा सा नमक मिलाकर प्रभावित हिस्से की सिकाई करनी चाहिये | ऐसा करने से आपके प्रभावित हिस्से में मौजूद नशों व मांसपेशियों को स्वस्थ होने में मदद मिलती है

मालिश के द्वारा करे दर्द को दूर –

मालिश के द्वारा भी पीड़ित को इस बीमारी में बहुत आराम मिलता है इस रोग से ग्रस्त व्यक्ति को सरसों के तेल में दो लहसुन व पीसा हुआ जायफल डालकर फिर इस तेल को हल्का गर्म करके प्रभावित हिस्से की मालिश करने से आराम मिलता है |

योगा से करे दर्द का निवारण –

योगा शरीर की सभी समस्याओं का एकतरफा उपचार माना जाता है क्योंकि योगा करने से आपके शरीर के सभी हिस्सों में रक्त सुचारू रूप से पहुँचने लगता है | पुराने दर्द से पीड़ित रोगी को नियमित अर्द्धमत्स्येन्द्रासन, योगमुद्रासन गोमुखासन जैसे आसान करना चाहिये

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