बहरापन का कारण : आज के दौर में बहरापन एक आम रोग है,जिस रोग में ध्वनि को सुनने की शक्ति की कमी होने की स्थिति को कहा जाता है, इस रोग आपकी सुनने की शक्ति कम होने के साथ साथ रोगी की सामाजिक और मानसिक परेशानी भी बढ़ जाती है क्योकि जब कोई व्यक्ति बोलता है तो वह ध्वनि तरंगो के द्वारा हवा में कम्पन पैदा करता है जिसके द्वारा व्यक्ति सुनता है | इस रोग में रोगी का एक या फिर दोनों कानो को प्रभावित हो सकता है लोगो में बहरापन अलग-अलग कारणों की वजह से होता है इसका मुख्य कारण  कान की हड्डी का बढ़ जाना, ज्यादा शोर वाली जगह पर काम करना या अधिक मोबाईल फ़ोन का इस्तेमाल और तेज आवाज में गाने सुनना और कैंसर रोग के कारण भी बहरापन हो सकता है

बहरापन का कारण :

  • उम्र बढ़ने के साथ बहरेपन की समस्या एक प्राकतिक घटना है |
  • मोम का कान में डालने से |
  • कान में संक्रमण |
  • अधिक मोबाइल का उपयोग करना |
  • अधिक समय शोर में रहना |
  • गलत दवाइयो का सेवन |

बहरापन की बीमारी के घरेलु उपाय-

तुलसी और सरसों द्वारा-

तुलसी के पत्तो में सरसों का तेल मिलाकर गर्म करे, फिर उसे ठण्डा होने पर कान में डाले |

प्याज द्वारा-

कान में सफ़ेद प्याज का रस डालने से बहरापन (Hearing loss) दूर हो जाता है |

हींग और दूध-

दूध में चुटकी भर हींग डालकर अच्छे से मिलाये फिर उसे अपने कान में डाले आपका बहरापन (Hearing loss) दूर हो जायेगा |

दाल चीनी द्वारा-

कान में दालचीनी का तेल नियमित रूप से डालने से बहरेपन (Hearing loss) में लाभ मिलता है |

सरसों और धनिया द्वारा-

सरसों के तेल में धनिये के कुछ दाने डालकर पकाये. जब यह आधा रह जाये तो इसे छानकर  कान में एक- एक बूंद डाले |

लहसून और सरसों के तेल द्वारा-

लहसून की सात- आठ कलियों को सरसों के तेल में तब तक गर्म करे, जब तक यह काली न हो जाये फिर इसे छान ले इस तेल को बूंद-बूंद करके कान में डाले |

मानवेन्द्र सिंह

मानवेन्द्र सिंह

मानवेंद्र सिंह सॉफ्ट प्रमोशन टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड में फिटनेस और हेल्थ ब्लॉगर हैं। उन्होंने 2006 में BHM स्नातक की डिग्री ली है। उन्हें स्वास्थ्य एवं विज्ञान अनुसंधान के क्षेत्र में लेखन का आनंद मिलता है।

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