मोतियाबिंद का इलाज व कारण – Cataract Treatment In Hindi

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मोतियाबिंद का सरल इलाज

मोतियाबिंद रोग के कारण हमारी आँखों के लेंस पर धुंधलापन या सफ़ेद जाला छा जाता है | जिससे हमारे देखने की क्षमता में कमी आने लगती है | ये समस्या केवल हमारी आँखों में प्रोटीन के गुच्छे जमा हो जाने के कारण ही आती है | जिससे हमारा लेंस रेटिना को साफ़ चित्र भेजने से रोकता है | अगर इसका सही समय पर इलाज ना कराया जाये | तो मोतियाबिंद अक्सर धीरे धीरे विकसित होने लगता है | और एक या दोनों आँखें प्रभावित कर सकता है | मोतियाबिंद होने पर

  • फीके रंग दिखना |
  • धुंधला दिखना |
  • प्रकाश के चारों ओर रौशनी दिखना |
  • चमकदार रोशनी देखने में परेशानी |
  • रात को देखने में परेशानी की समस्या होना |

आदि की समस्या हो सकती है  हमारे भारत में ही लगभग 60 वर्ष की उम्र के बाद अधिकतर लोगो को इस समस्या का सामना करना पड़ता है | मोतियाबिंद की समस्या का शिकार अधिकतर महिलाये होती है महिलाये सबसे अधिक न्यूक्लिअर मोतियाबिंद का शिकार होती है | इसीलिए भारत सरकार भी इससे जुड़े कई प्रोग्राम चलाती है | इसीलिए आपको आज हम मोतियाबिंद से जुडी कुछ खास समस्या व उसके उपचार के बारे में बताने जा रहे है | तो आइये जानते है | मोतियाबिंद को विस्तार से |

जाने मोतियाबिंद के प्रकार

मोतियाबिंद मुख्यता तीन प्रकार का होता है | जो हमारी उम्र के हिसाब से फैलता है

न्यूक्लिअर स्क्लेरोटिक मोतियाबिंद – न्यूक्लिअर स्क्लेरोटिक मोतियाबिंद का सबसे सामान्य प्रकार होता है | जो मुख्य रूप से हमारे लेंश के पीले व सक्त होने की वजह से होती है | जैसे जैसे इसका आकर बढ़ता है | वैसे वैसे मोतियाबिंद का भी आकर बढने लगता है | न्यूक्लिअर स्क्लेरोक्टिक मोतियाबिंद धीरे-धीरे कई वर्षो तक लगातार बढ़ता रहता है |

कॉर्टिकल मोतियाबिंद – कॉर्टिकल मोतियाबिंद में लेंस के बहरी हिस्से में सफ़ेद सा दिखने वाला एक थक्का जमा हो जाता है | जो धीरे धीरे हमारे केद्र की ओर बढ़ता रहता है | ये मोतियाबिंद लेंश के आवरण में ही जन्म लेता है | कॉर्टिकल मोतियाबिंद लेंस के पीछे की ओर या पीछे की सतह पर एक छोटा अपारदर्शी या धुंधले हिस्से के रूप में शुरुआत होती है |

सबकैप्सूलर मोतियाबिंद – सबकैप्सूलर मोतियाबिंदपढ़ने में परेशानी और रोशनी के चारों ओर “प्रभामंडल” प्रभाव और चमक पैदा करने जैसी समस्या को जन्म देता है | सबकैप्सूलर मोतियाबिंद तेजी से विकसित होता है | इस मोतियाबिंद के लक्षण हमें कुछ ही दिनों मे दिखाई देने लगते है |

क्या होते है कारण ?

जैसे जैसे हमारी उम्र बढती है | वैसे वैसे हमारे आँखों के लेंस इ प्रोटीन के गुच्छे बनना शुरू हो जाते है | जिससे हमारी आँखों में धुंधलापन छाने लगता है | वैसे तो अभी तक इस बात का पता नही चल पाया है की किस प्रकार हमरा शरीर इस परेशानी से ग्रस्त हो जाता है | लेकिन कई डॉक्टरों की माने | तो मोतियाबिंद की वजह को कुछ इस प्रकार बताया गया है |
मधुमेह – मधुमेह की वजह से होता है मोतियाबिंद का खतरा |

अधिक दवा का सेवन – यदि आप अधिक दवा का सेवन करते है | जैसे कॉर्टिकॉस्टेरॉइड्स, क्लोरप्रोमाज़ीन और अन्य फेनोथीआज़ाइन जैसी दवा इस समस्या की वजह होती है |

धूम्रपान की वजह से – धूम्रपान सेहमारे शरीर के साथ साथ हमारी आँखों को भी बहुत नुकसान पहुचता है | इसके अधिक सेवन से भी हमारी आँखों में धुंधलेपन की समस्या होने लगती है |

सही पोषण ना होने की वजह से – अगर आप अपनी दिनचर्या में सही पोषण युक्त भोजन का सेवन नही कर रहे है | तो आपको मोतियाबिंद जैसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है |

पराबैंगनी विकिरण की वजह से – असुरक्षित रूप से पराबैंगनी विकिरण के संपर्क में आने से मोतियाबिंद का खतरा बढ़ जाता है |

जाने क्या होते है के मुख्य लक्षण

धुंधला दिखाई देना – अगर आपको किसी भी दुरी रही कोई भी वस्तु धुंधली दिखाई दे रही है | तो ये मोतियाबिंद का सबसे आम लक्षण मन जाता है | इस समस्या के कारण लोगों को रात में देखने और गाड़ी चलाने में विशेष रूप से कठिनाई का सामना करना पड़ता है |

दोहरी दृष्टि दिखाई देना – कभी-कभी अगर हम एक आंख से देखने में मोतियाबिंद के कारण आपको चीज़ें दोहरी दिखाई दे सकती हैं | ये भी मोतियाबिंद का लक्षण माना जाता है |

रंगों में परिवर्तन दिखाई देना – मोतियाबिंद के कारण आपकी रंग देखने की दृष्टि प्रभावित हो सकती है | जिससे कुछ रंग फीके व अलग दिखने लगते हैं | आपकी दृष्टि धीरे-धीरे भूरी या पीली होने लगती है |

चौंधाना जैसी समस्या का होना

मोतियाबिंद का एक और प्रारंभिक लक्षण माना जाता है | जिसे चौंधाना कहा जाता है | जैसे आपको सूर्य के प्रकाश व घर के अंदर की लाइट्स को देखने में परेशानी हो सकती है | अगर आपको इस प्रकार की कोई समस्या हो रही है | तो आपको ड्राइविंग में समस्याएं हो सकती हैं |

आँखों के नंबर का बारंबार बदलना

यदि आपके चश्मे या कॉन्टैक्ट लेंस के नंबर में लगातार परिवर्तन होना भी मोतियाबिंद के लक्षण का एक लक्षण माना जाता है | ऐसा इसलिए है क्योंकि मोतियाबिंद आमतौर पर प्रगतिशील रूप का होता है |

 घरेलू उपाय

गाजर का जूस होता है मोतियाबिंद का घरेलु उपाय

गाजर का सेवन करने से हमारी नज़र में लगातार बदलाव आता है | क्यूकि गाजर में पाए जाने विटामिन्स हमारी आँखों को तेज रोशनी प्रदान करते है | गाजर विटामिन ए से समृद्ध होती है और ये आँखों में विटामिन ए की कमी को पूरा करता है | ये आँखों को मोतियाबिंद से लम्बे समय तक बचाए रखता है |

कैसे करे गाजर का सेवन मोतियाबिंद से बचने के लिए

सबसे पहले गाजर को छील लें फिर इसको जूसर में डालकर इसका जूस निकल ले | ओर दिन में कम से कम दो बार जरुर इसका सेवन करे |

नींबू करता है इससे सुरक्षा

नींबू में विटामिन सी और कई एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते है | जो हमारे शरीर के लिए बहुत ही लाभकारी साबित होते है | इसमें कई विटामिन्स पाए जाते है जो हमारी आँखों को मोतियाबिंद से सुरक्षा करते है |

कैसे करें नीबू का सेवन 

पहले छोटी बोतल लें और फिर उसे गुलाब जल से भर लें और अब उसमे बराबर मात्रा में नींबू का जूस मिलाएं | इस मिश्रण को अच्छे से मिला ले फिर इसको एक छोटी बोतल में डाल ले | फिर रोजाना सुबह शाम इसको अपनी आँखों में डाले | ऐसा करने से आपकी इस समस्या में बहुत आराम मिलेगा |

लहसुन का सेवन दिलायेगा इस बीमारी से छुटकारा

लहसुन में कई एंटीऑक्सीडेंट ओर एंटी-फंगल तत्व होते है जो हमारी कई समस्या का उपचार बहुत आसानी से करते है | इसका सेवन करने से आँखों के क्रिस्टलाइन लेंस को साफ़ रखने में मदद मिलती है | कैसे करे इसका सेवन आपको इसका सेवन कुछ इस प्रकार करना चाहिए | सबसे पहले आप लहसुन की कुछ कलि को छील लें ओर इनका सेवन गुनगुने पानी के साथ करे |

 शहद

शहद के इस्तेमाल से आप मोतियाबिंद का आसानी से इलाज कर सकते है | शहद में प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट होते हैं | जो हमारी आँखों में रोशनी को तेज व स्वस्थ बनाने में हमारी बहुत मदद करते है | कैसे करे शहद का प्रयोग शहद को आप आई ड्राप की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं | यदि आप रोजाना दिन में दो बार अपनी आँखों इसकी दो बूँद डालें तो इसकी वजह से आपकी मोतियाबिंद की समस्या पूरी तरह खत्म हो जाएगी |

अब जानते है इस बीमारी से जुड़े कुछ सवाल के बारे में

मोतियाबिंद के ऑपरेशन क्या समस्या आती है ?

मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद हमारी आँखों में किसी भी प्रकार की कोई समस्या नही आती है | लेकिन अगर हम डॉक्टर के दिये हुए सुझाव को सही तरह नही अपनाते है | तो इसकी वजह से आपको समस्या का सामना करना पड़ सकता है |

मोतियाबिंद का ऑपरेशन कितनी बार कराया जा सकता है ?

वैसे तो मोतियाबिंद का ऑपरेशन केवल एक बार ही करना चाहिये | लेकिन अगर आपको इसके बाद भी किसी समस्या का सामना करना पड़ रहा है | तो इसके लिए आपको डॉक्टर से जरुर सुझाव लेना चाहिये |

मोतियाबिंद होने पर क्या योगा कर सकते है ?

मोतियाबिंद की समस्या होने पर आपको योगा से किसी प्रकार का कोई नुकसान नही होगा | बल्कि इसकी वजह से आपकी यह समस्या में और सुधर आयेगा |

मोतियाबिंद की वजह से त्वचा को किसी प्रकार की कोई समस्या होती है ?

मोतियाबिंद की वजह से पकी त्वचा में कोई असर नही पड़ता है | लेकिन जैसे ही आपको इस प्रकार की कोई समस्या का सामना करना पड़े | तो आपको तुरंत डॉक्टर से जरुर सलाह लेनी चाहिये |

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