कैंसर का इलाज कैसे कराये – Cancer Treatment In Hindi

0
212

कैंसर का इलाज कराने से पहले इस रोग के बारे में जाने कि मनुष्य का शरीर कई प्रकार की कोशिकाओं से मिलकर बना है, जो धीरे धीरे उम्र के साथ साथ विकसित होती रहती है | लेकिन कई बार ये कोशिका बिना जरुरत के भी बढने लगती है जिसके कारण व्यक्ति को कैंसर जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है | कैंसर एक प्रकार से असामान्य कोशिका के बढ़ने के कारण उत्पन्न होता है | यह कोशिका रक्त के माध्यम से शरीर के अन्य हिस्सों में भी पहुँचने लगती है जिसके कारण यह कोशिका अपना सामान्य नियंत्रण खो देती है |

इससे शरीर में स्थित ऊतको को नुकसान पहुँचता है | इसी कारण कैंसर शरीर के किसी भी ऊतक में जन्म ले सकता है | जैसे जैसे यह कोशिका बढ़ती जाती है, वैसे वैसे ट्यूमर भी शरीर में बढ़ता जाता है | ट्यूमर अपने आस पास के ऊतको पर हमला करता है, और उनको पूरी तरह से खत्म कर देता है | यह ट्यूमर कैंसर या फिर नॉन कैंसर भी हो सकता है, कैंसर की कोशिका एक जगह से फ़ैल कर शरीर के अन्य हिस्सों में भी फ़ैल सकती है |

डब्ल्यू.एच.ओ. की एक रिपोर्ट के अनुसार पूरी दुनिया में हर साल बीस लाख लोग कैंसर की वजह से अपनी जान गवां देते है, अगर भारत की बात करे तो भारत में ही हर साल पांच से आठ लाख लोग कैंसर की वजह से जान गवां देते है | और यह आकंडा हर साल और भी बढ़ता जा रहा है | इसीलिए आज आपको हम कैंसर के बारे में पूर्ण जानकारी देने जा रहे है –

कैंसर की शुरुआत के कारण –

कैंसर की शुरुआत कोशिका के आनुवंशिक पदार्थ में परिवर्तन होने की वजह से होती है | कोशिका में यह परिवर्तन अपने आप या फिर एजेंट या तत्वों के कारण भी शुरू हो सकती है | रसायन, तंबाकू, वायरस व रेडिएशन के कारण भी कैंसर की समस्या जन्म ले सकती है | यदि कोई व्यक्ति इन सब चीजों के अधिक सम्पर्क में आये तो उसको इस प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ेगा |

इसका विकास कैसे होता है ?

कैंसर के विकसित होने क मुख्य वजह एजेंट या तत्व माने जाते है, कभी कभी दवा के सेवन से भी इस प्रकार की समस्या विकसित होने लगती है | सेक्स हार्मोन टेस्टोस्टेरोन यानि यौन ऊर्जा को बढ़ाने वाली दवा इस समस्या को विकसित कर सकती है | यह दवा प्रभावित Cancer कोशिका के विकास को बढ़ावा देती है |

कैसे फैलती यह बीमारी  ?

कैंसर की समस्या को बढ़ते अधिक समय नही लगता है, यह व्यक्ति के आसपास के उत्तकों में विकसित हो सकता है | और इन उत्तकों के द्वारा आसपास के अंगों में भी इस प्रकार की समस्या जन्म ले सकती है | इस प्रकार का फैलाव कार्सिनोमा में अधिक होता है, जैसे स्तन कैंसर आम तौर पर बगल में निकटतम लिम्फ नोड्स में फ़ैल जाता है, इसके बाद रक्त के माध्यम से पुरे शरीर में इस समस्या के कारण सारकोमा कैंसर की परेशानी जन्म ले सकती है |

इस रोग के प्रकार :

  • ब्रेस्ट Cancer
  • सर्वाइकल Cancer
  • मुँह का Cancer
  • प्रोस्टेट Cancer
  • गर्भाशय Cancer
  • ओवेरियन Cancer
  • लंग Cancer
  • पेट का Cancer
  • ब्लड Cancer
  • बोन Cancer
  • कोलोरेक्टल कैंसर (कोलन Cancer)
  • गले का Cancer
  • लिवर Cancer
  • योनि का Cancer
  • स्किन Cancer
  • ब्लैडर Cancer
  • अग्नाशय Cancer
  • ब्रेन Cancer (मस्तिष्क Cancer )
  • गुर्दे का कैंसर (किडनी Cancer)
  • अंडकोष Cancer
  • पेनिस कैंसर

इस रोग के प्रमुख चरण :

यह बीमारी अक्सर तीन चरणों में अपना असर दिखाती है, ल्यूकेमिया, कार्सिनोमा व सारकोमा तो आइये जानते है इस समस्या के चरणों को विस्तार से –

ल्यूकेमिया –

ल्यूकेमिया यानि ब्लड कैंसर की समस्या में रक्त में बनने वाली कोशिका के द्वारा जन्म लेता है, इस बीमारी के कारण अस्थि मज्जाऔर रक्तप्रवाह में अधिक मात्रा वाली अपरिपक्व श्वेत रक्त कोशिकाएं सामान्य रक्त कोशिकाएं की जगह अलग हो जाती है | ल्यूकेमिया कैंसर बगल, जननांग, पेट, छाती या आंत में पाया जाता है |

कार्सिनोमा –

कार्सिनोमा कैंसर होने का सबसे आम प्रकार है, कार्सिनोमा में कोशिका शरीर के आंतरिक और बाहरी भाग जैसे फेफड़े, स्तन और पेट के Cancer को नुकसान पहुंचाता है | कार्सिनोमा त्वचा के एपिथीलियम ऊतक में उत्पन्न होता है, कार्सिनोमा के कारण त्वचा, फेफड़े, बृहदान्त्र, पेट, स्तन, प्रोस्टेट, और थायरॉइड ग्रंथि के Cancer जन्म लेते है | यह कैंसर अधिक उम्र के व्यक्ति को अधिक परेशान करता है |

सारकोमा

सारकोमा एक प्रकार का उत्तकों में होने वाला ट्यूमर होता है, सारकोमा में तंत्रिकाएं, हड्डियां, मांसपेशियां, कार्टिलेज आदि में तेजी से विकसित होता है | यह समस्या अधिकतर कम उम्र के लोगों को अधिक परेशान करती है |

इस रोग में की जाने वाली जाँच :

शारीरिक जाँच –

कैंसर की समस्या होने पर व्यक्ति को कई प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ता है, यदि आपके शरीर में कहीं गांठ की परेशानी आ रही है | तो आपको डॉक्टर से शारीरिक जाँच करवानी चाहिये | जिससे पता चल सके की शरीर में बन रही गांठ Cancer तो नही |

प्रयोगशाला जाँच –

प्रयोगशाला जाँच के द्वारा व्यक्ति के मूत्र व रक्त की जाँच के द्वारा Cancer जैसी समस्या का पता लगाते है | ल्यूकेमिया यानि ब्लड कैंसर में इस जाँच को करवानी बहुत जरुरी है |

इमेजिंग जाँच –

इमेजिंग जाँच के द्वारा डॉक्टर व्यक्ति के हड्डियों के अन्दर होने वाली परेशानी का पता लगाता है, इस जाँच के द्वारा ही मरीज को इलाज की सलाह दी जाती है | इमेजिंग जाँच हड्डी स्कैन, चुंबकीय अनुनाद इमेजिंग (एमआरआई), पोसिट्रॉन एमिशन टोमोग्राफी (पीईटी) स्कैन, अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे आदि का इस्तेमाल किया जाता है |

बायोप्सी जाँच –

बायोप्सी जाँच में डॉक्टर द्वारा मरीज के ऊतकों का नमूना लेकर Cancer का इलाज निदान किया जाता है | बायोप्सी के द्वारा डॉक्टर माइक्रोस्कोप से सेल के नमूनों को देखते हैं | सामान्य सेल समान आकार और वयवस्थित संगठन के साथ एक समान दिखते हैं | असामान्य सेल में कैंसर की कोशिकाएं अलग आकार और बिना स्पष्ट संगठन के, कम वयवस्थित दिखाई देते है |

कैंसर का इलाज :

कैंसर का इलाज समय रहते कई प्रकार से करवाया जा सकता है, यदि समय पर इस समस्या का इलाज न किया जाये तो व्यक्ति की जान भी जा सकतीं है | दोस्तों आइये जानते है Cancer के इलाज के बारे में

सर्जरी के द्वारा –

सर्जरी का इस्तेमाल कैंसर जैसी समस्या के उपचार में किया जाता है, सर्जरी के द्वारा मरीज के Cancer को पूर्णरूप से निकल दिया जाता है |

रेडिएशन थेरेपी के द्वारा –

रेडिएशन थेरेपी कैंसर कोशिकाओं को मारने और ट्यूमर्स को कम करने के लिए उच्च रेडिएशन किरणों का प्रयोग किया जाता है |

कीमोथेरेपी है इलाज –

कीमोथेरेपी के द्वारा मरीज को ऐसी दवा दी जाती है, जो Cancer की कोशिका पर सीधा असर करती है | जिससे कैंसर को खत्म करने में मदद मिलती है |

इम्यूनोथेरेपी से –

इम्यूनोथेरेपी कैंसर कोशिकाओं और ट्यूमर को खत्म करने में शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली की मदद करती है |

टारगेटेड थेरेपी के द्वारा –

टारगेटेड थेरेपी के द्वारा मरीज की कैंसर कोशिकाओं को बदलने का कार्य किया जाता है, साथ ही साथ कोशिका को विकसित होने से भी बचाया जाता है |

हार्मोन थेरेपी से इलाज –

हार्मोन थेरेपी के द्वारा स्तन कैंसर व पौरुष ग्रंथि में होने वाले कैंसर की रोकथाम या उसकी गति को धीमा किया जाता है |

स्टेम कोशिका प्रत्यारोपण की प्रक्रिया –

स्टेम कोशिका प्रत्यारोपण में मरीज के शरीर में रक्त का निर्माण करने वाली स्टेम सेल को जन्म देती है, जिससे इस बीमारी से राहत मिलती है |

कैंसर का इलाज में प्रयोग की जाने वाली दवा :

नाम                     पॉवर                      मूल्य
Alzcort            360 Mg                     56
Belar               0.5 Mg                      3.0
Banadon         5 Mg                         11.0
Cecort             40 Mg                      62.0
Decotaz           12 Mg                      99.0
Deflafit           30 Mg                      232.0
Eticort            6 Mg                         49.0
Flaza              30 Mg                       390.0
Gladcort        20MG                       99.0
Kivicort          1 Mg                         15.00

इस रोग मरीज का खानपान –

कैंसर की समस्या होने पर व्यक्ति को स्वस्थ भोजन का सेवन करना चाहिये, जिससे मरीज को इस समस्या से लड़ने की ताकत मिल सके मरीज को हरी सब्जियां ताजे फल व जूस का सेवन नियमित करते रहना चाहिये | जितना हो सके उतना साबुत आनाज का सेवन करना चाहिये | व्यक्ति को लाल, नीले, पीले और जामुनी रंग की फल सब्जियां जैसे टमाटर, जामुन, काले अंगूर, अमरूद, पपीता, तरबूज आदि खाने से कैंसर का खतरा बिलकुल कम हो जाता है |

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.