कालाजार के कारण लक्षण व बचाव – Black Fever Prevention in Hindi

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कालाजार
कालाजार

कालाजार धीमी गति से बढने वाली एक बीमारी होती है जो हमारे इम्यून सिस्टम को कमजोर बनती है | यह रोग लीश्मेनियेसिस नामक परजीवी के कारण होती है | यह परजीवी हमारे लीवर, अस्थि मज्जा, पील्हा व रक्त संचार पर असर पहुचती है | भारत में इसको देशी बुखार के नाम से भी जाना जाता है | इस बीमारी के कारण भारत में ही लगभग तीन लाख लोग हर साल मारे गये थे | परजीवी के कारण फैलने वाली यह दूसरी सबसे बड़ी बीमारी है | यह बुखार किसी किसी जहरीले परजीवी कीट के कटाने के कारण हमारे शरीर में संक्रमण होने लगता है | ओर इसी वजह से हमारा शरीर काले-ज्वार से ग्रस्त हो जाता है | अब आइये जानते है | इनके कारणों के बारे में |

कालाजार होने के मुख्य कारण

यह मुख्य रूप से परजीवी लिश्मैनिया डोनोवानी के कारण होता है | यह परजीवी कीट पतंगो व सेंड मक्खी में अधिक पाया जाता है | अगर यह मक्खी किसी व्यक्ति को काट ले | तो वह व्यक्ति इस संक्रमण से ग्रस्त हो जाता है | फिर उस वयक्ती के द्वारा किसी दुसरे व्यक्ति को भी यह रोग होने की संभावना होती है | यह मक्खी अधिकतर गांव व गंदी जगहों पर ही पाई जाती है | जिनके काटने के बाद मनुष्य का रक्त संक्रमित हो जाता है | ओर वह मनुष्य बुखार से ग्रस्त हो जाता है | जिसे कालाजार के नाम से जाना जाता है |

इसके लक्षण

रुक-रुक के बुखार का आना – अगर आप इस संक्रमण से ग्रस्त हो चुके है | तो आपको रुक रुक के बुखार आने की समस्या से जूझना पड़ता है | लेकिन दोबारा यह बुखार दोहरी गति से शरीर को प्रभावित करता है |

शरीर में कमजोरी का आना – कालाजार के कारण हमारे शरीर को भूख कम लगने लगती है | जिससे हमारे शरीर में कई प्रकार की समस्या आने लगती है | जैसे

  • वजन में कमी आना |
  • शरीर में पीलापन आ जाना |
  • कमजोरी के कारण बुखार से ग्रस्त हो जाना |
  • शरीर में दुर्बलता आना |

खून की कमी हो जाना – अगर आपके शरीर में एकदम से कमजोरी व खून की कमी होने लगे | तो यह कालाजार के लक्षण माने जाते है | क्यों इस संक्रमण के कारण हमारा लीवर बहुत प्रवावित होता है | जिसके कारण हमारे शरीर में खून की कमी हो जाती है |

त्वचा का काला पड़ने लगना – कालाजार के कारण हमारे शरीर में खून की कमी हों जाती है | जिसकी वजह से हमारा शरीर काला पड़ने लगता है | क्यूकि शरीर में आई तेजी से रक्त की कमी के कारण हमारी त्वचा पतली शुष्क व भूरे रंग की हो जाती है |

आँखों की रोशनी में कमी का आना – कालाजार के द्वारा हमारा रक्त संचार प्रभावित हो जाता है | जिसके कारण हमारे शरीर व मस्तिष्क को सही मात्रा में आक्सीजन नही मिल पाती है | जिसके कारण हमारी आँखे कमजोर व उनकी रोशनी में कमी आने लगती है |

प्लीहा बढ़ने लगता है – कालाजार की वजह से लीश्मेनियेसिस हमारे लीवर व प्लीहा को बहुत नुकसान पहुचाता है | जिसके कारण हमारा प्लीहा बढ़ने लगता है |

कालाजार से जुडी कुछ जरुरी बातें

  • कालाजार से बचने के लिए सबसे जरुरी है | अपने आसपास सफाई जुरूर रखे |
  • जब कभी बहार निकले तो अपनी त्वचा को पूर्णरूप से जुरूर ढक ले |
  • हमेशा घर में कीटनाशक दवावों का प्रयोग करे |
  • रात को सोते समय मच्छरदानी का जरुर प्रयोग करे | ओर शरीर पर बॉडीलोशन या किसी एंटीसेप्टिक का प्रयोग जरुर करे |
  • जिस जगह पर इस तरह का संक्रमण फैला हो वह जाने से बिलकुल बचे |
  • आपको अपने शरीर को बड़मक्खी व रेत मक्खी से दूर रखना चाहिये |

अगर आप भी इसी प्रकार के संक्रमण से ग्रस्त है | तो आपको ऊपर दिए हुए उपायों व बातों को ध्यान पूर्वक पड़ना चाहिये | और यदि आप इस बीमारी से जुड़ा कोई सवाल पूछना चाहते है | तो हमारे कमेंट बॉक्स में हमें जुरूर बताये |

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