थुंबा का पौधा मुख्य रूप से दक्षिण भारत में पाया जाता है, इस पौधे को केरल में देवत्व व आयुर्वेद में इसे ध्रोपन पुष्पी के नाम से जाना जाता है, इस पौधे में प्रचुर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट व कई पोषक तत्‍वों पाया जाता है, जिसकी वजह से यह पौधा मुख्य रूप से बवासीर, बुखार व पेट में कीड़े जैसी समस्या में बहुत फायदेमंद साबित होता है

थुंबा पौधे से होने वाले शरीर को लाभ :

पेट दर्द को खत्म करता है

पेट दर्द की समस्या में इस पौधे के रस का सेवन किया जाये तो कुछ ही समय में यह पेट में हो रहा दर्द ठीक हो जाता है, क्योंकि इसके रस में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट पेट की गंदगी को ख़त्म करके ठीक पेट को साफ़ व स्वस्थ बनाता है |

गले में दर्द को ठीक करता है

कई बार इन्फेक्शन के कारण आपके गले में दर्द की समस्या होने लगती है, यदि गले दर्द की समस्या में मरीज को थुंबा की पत्तियों के साथ काली मिर्च व लहसुन को पीसकर पिलाया जाये तो इससे गले में दर्द की समस्या ठीक हो जाती है |

बवासीर में लाभदायक है यह पौधा

बवासीर पाचन से जुडी समस्या होती है, जिसके कारण मरीज के गुदा क्षेत्र में मस्सा उत्पन्न हो जाता है, जिससे मरीज को चालने फिरने व शौच क्रिया करने में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है, यदि बवासीर का मरीज थुंबा की पत्तियों को पीसकर मस्से पर पांच दिन रखे तो इससे उसको काफी हद तक आराम व पाइल्स से राहत मिलेगी |

मधुमेह को कम करता है

मधुमेह रोग में बढे रक्त शर्करा के स्तर को कम करने के लिए भी आप इस पौधे की पतियों का इस्तेमाल कर सकते है, शुगर रोगियों को थुंबा की पत्तियों के साथ 2 मिली काली मिर्च पीसकर पीने से बहुत लाभ मिलता है

बुखार खत्म करने में लाभदायक है

बुखार की समस्या होने पर यदि मरीज को थुंबा की पत्तियों के साथ 5 मिली काली मिर्च पाउडर के साथ पीसकर जूस बनाकर इसमें नीबू का रस मिलाकर मरीज को देने से काफी आराम मिलता है

नोट :- गर्भवती महिला व पांच साल से छोटे बच्चों को इसका सेवन कराने से पहले एक बार डॉक्टर की सलाह जरुर ले ले साथ ही साथ यदि आप इस पौधे से जुड़े किसी सवाल को पूछना चाहते है, तो हमें कमेन्ट बॉक्स में जरुर बताये |

मानवेन्द्र सिंह

मानवेंद्र सिंह सॉफ्ट प्रमोशन टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड में फिटनेस और हेल्थ ब्लॉगर हैं। उन्होंने 2006 में BHM स्नातक की डिग्री ली है। उन्हें स्वास्थ्य एवं विज्ञान अनुसंधान के क्षेत्र में लेखन का आनंद मिलता है।

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