आर्शकल्प

दिव्य आर्शकल्प वटी के लाभ व उपयोग करने का तरीका – Benefits Of Divya Arshkalp Vati In Hindi

दिव्य आर्शकल्प वटी का सेवन करने से हमारी बवासीर के साथ साथ अन्य कई समस्या भी खत्म हो जाती है | वैसे तो ये दवा केवल बवासीर के उपचार के लिए बनाई जाती है | इसके सेवन से जलन और पेट के दर्द से संबंधित जटिलताओं से राहत मिलती है | यह वटी नियमित रूप से कुछ दिनों तक लगातार सेवन करने से फिस्टुला-इन-आनो से रक्षा करता है | मैंने खुद इसका सेवन किया है | इसीलिए मे आपको इसके लाभ के बारे में बताने जा रहा हूँ |

इसका सेवन हमारे शरीर के लिए लाभकारी साबित होता है | दिव्य आर्शकल्प वटी बवासीर के अलावा पाचन प्रणाली, मांसपेशियों को मजबूत बनाने, रक्त की शुद्धि व पीलिया जैसी समस्या का भी आसानी से ठीक कर देती है | क्यूकि इसको पूर्णरूप से जडीबुटीयों द्वारा ही बनाया जाता है | अब आइये जानते है  इसके लाभ को विस्तार से |

दिव्य आर्शकल्प वटी के लाभ Divya Arshkalp Vati In Hindi

शरीर में ज्वलन व उत्तेजना को दूर करने में फायदेमंद होती है

भोजन अच्छे से ना पचने के कारण हमारे शरीर को ज्वलन व उत्तेजना जैसे समस्या का सामना करना पड़ता है | दिव्य आर्शकल्प वटी में हरीतकी, काकमाची, घृतकुमारी, रीठा, खून खराबा व शुद्ध रसौंत जैसी जडीबुटी हमारे पाचन तंत्र को मजबूत व स्वस्थ बनती है | जिससे कुछ ही दिनों में हमारी ज्वलन व उत्तेजना की समस्या पूरी तरह ठीक हो जाती है | आपको इस समस्या के लिए इसका सेवन सुबह शाम गुनगुने पानी से लेनी चाहिये |

बवासीर को पूरी तरह ठीक करती है दिव्य आर्शकल्प वटी

बवासीर की समस्या किसी भी उम्र मर किसी भी व्यक्ति को हो सकती है | बवासीर पाचन से जुडी समस्या होती है | जैसा की बताया गया हैं की इस औषधि का निर्माण बवासीर के लिए ही किया गया हैं |इसलिए यह इस रोग में होने वाली दर्द और रक्तस्राव को यह दूर करती हैं | और होने वाली जलन के बहुत जल्दी राहत देती हैं | आपको बवासीर की समस्या के उपचार के लिए इसका सेवन केवल गुनगुने पानी से सुबह शाम करना चाहिए | इसके नियमित सेवन से हम खूनी व बादी बवासीर व भगन्दर जैसी समस्या को भी ठीक कर सकते है | इस बीमारी में यह अपना असर बहुत जल्दी दिखाती है |

पाचन क्रिया में लाभदायक मानी जाती है आर्शकल्प वटी

हमारे गलत खानपान के कारण ही हमारे शरीर में कई प्रकार की समस्या होने लगती है | पाचन तंत्र का खराब होना भी इसी का हिस्सा है | अगर आप भी इसीप्रकार की समस्या से ग्रस्त है | तो इसका सेवन शुरू कर देना चाहिए | क्यूकि इसमें पाई जाने वाली घृतकुमारी, नाग दौना, देशी कपूर , हरीतकी व शुद्ध रसौंत जैसी जड़ी बूटी हमारे लीवर की कमजोरी को पूरी तरह ठीक करके हमारे पाचन तंत्र को ठीक बनाती है | आपको इस समस्या के लिए इसका सेवन रोजाना हल्के गर्म दूध के साथ इसका सेवन करना चाहिए |

रक्त की शुद्धि में सहायक साबित होती है आर्शकल्प वटी

दिव्य आर्शकल्प वटी का सेवन इतना जल्दी असर इस लिए ही करता है क्यूकि ये सबसे पहले हमारे रक्त में जमा गंदगी को पूर्णरूप से ठीक करती है | जिससे हमारे शरीर को बहुत लाभ मिलता है | जैसे रक्त की सफाई के कारण हमारे ह्रदय को एक मजबूती प्रदान होती है | जिससे हमे हृदयाघात जैसी समस्या से छुटकारा मिल जाता है |

अब आइये जानते है दिव्य आर्शकल्प वटी का सेवन किस प्रकार करना चाहिये |

दिव्य आर्शकल्प वटी का सेवन नियमानुसार करना चाहिये |  इसका सेवन नियमानुसार करने जिससे हमारे शरीर को जल्दी आराम पहुचता है | बवासीर से ग्रस्त व्यक्ति को इसका सेवन के गुनगुने पानी से ही करना चाहिये | ओर दिन में इस दवा को दो ही बार इस्तेमाल करे |और इसका सेवन केवल भोजन के बाद ही करे | इस दवा का अधिक बार सेवन करने से हमारे शरीर को नुकसान भी पहुच सकता है | गर्भवती महिला को इसका सेवन बिलकुल भी नही करना चाहिये |

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  1. Avatar Anand Sharma सितम्बर 4, 2019

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