डाबर मधु रक्षक डाबर द्वारा तैयार की गयी एक आयुर्वेदिक दवा है, जो जामुन, करेला, मेथी आदि जैसे गुणकारी तत्वों को मिलाकर बनाई गयी है | इसी कारण यह शुगर जैसी समस्या को जड़ से खत्म करने में काफी लाभकारी सिद्ध साबित होती है | यह दवा शुगर के मरीजों के रक्त में बढ़े हुए शर्करा के स्तर को कम करने का कार्य करती है | साथ ही साथ यह दवा आपके लिए और भी समस्याओं में फायदेमंद साबित होती है | आइये जानते है, इस दवा में मिलाई जाने वाली जड़ीबूटी के बारे में –

डाबर मधु रक्षक में मिलाई जाने वाली जड़ी बूटियाँ :

मधु रक्षक एक आयुर्वेदिक दवा है, जो कई प्रकार की गुणकारी जड़ी बूटी को मिलाकर बनाई गयी है | जिसके द्वारा यह मरीज को कई प्रकार की समस्या से छुटकारा दिलाने का कार्य करती है | आइये जानते है डाबर मधु रक्षक के घटक में मिलाई जाने वाली जड़ीबूटियाँ –

  • विजयसार
  • तेजपत्ता
  • जामुन की गुटली
  • गुडमार
  • काली मिर्च
  • नीम, मेथी
  • शुद्ध शिलाजीत
  • करेला
  • आमला
  • हरीतकी
  • विभिताकी
  • हल्दी व आवंला

जैसे तत्वों के कारण यह शरीर के लिए लाभकारी साबित होती है | दोस्तों आइये जानते है इस दवा के सेवन से होने वाले लाभ के बारे में |

इस आयुर्वेदिक दवा के लाभ :

मधुमेह की समस्या में लाभकारी –

यह दवा मधुमेह की समस्या में मधुमेह के द्वारा होने वाले हानिकरक प्रभाव से बचने के लिए बनाया गया है | यह दवा अनमॅनेज्ड रक्त शर्करा या अनियंत्रित मधुमेह जैसे न्यूरोपैथी, रेटिनोपैथी, नेफ्रोपैथी, बड़े और छोटे रक्त वाहिकाओं में सामान्यीकृत अपक्षयी परिवर्तन, और वृद्धि की संवेदनशीलता संक्रमण के कारण होने वाले नुकसान से बचाने का कार्य करती है | मधुमेह रोगियों को इस दवा का सेवन रोजाना सुबह शाम करना चाहिये जिससे शुगर जैसी समस्या को जड़ से खत्म करने में मदद मिलती है |

रक्तचाप को ठीक करता है –

रक्तचाप या ब्लडप्रेशर की समस्या भी आज के इस जीवन में आम समस्या बनती जा रही है | भारत में ही लगभग बीस लाख लोग इस समस्या से ग्रस्त है | यदि डाबर मधु रक्षक का सेवन नियमित किया जाये तो व्यक्ति को कभी भी इस प्रकार की समस्या का सामना नही करना पड़ेगा | यह दवा शरीर के रक्त को संतुलित व ह्रदय से जुडी समस्या को जड़ से खत्म करके बेहतर बनाने का कार्य करती है |

इसको सेवन करने का तरीका –

यदि आप मधुमेह व रक्तचाप जैसी समस्या से परेशान है, तो आपको इस दवा का सेवन रोजाना गुनगुने पानी के साथ सुबह शाम खाली पेट करना चाहिये | आपको यह दवा प्रतिदिन 4 से 5 ग्राम ही खानी चाहिये जिससे आपके शरीर को किसी भी प्रकार का कोई नुकसान का सामना न करना पड़े | बच्चों को इस दवा से दूर रखे क्योंकि इस दवा का सेवन केवल बीस साल के व्यक्ति ही कर सकते है |

इसके सेवन से नकारात्मक प्रभाव –

डाबर मधु रक्षक के अधिक सेवन से कई प्रकार के नुकसान भी हो सकते है, क्योंकि किसी भी चीज की अधिक मात्रा में सेवन करने से शरीर को कई गंभीर परिणाम देखने को मिलते है | डाबर मधु रक्षक के अधिक सेवन से शरीर को दस्त, पीलिया, व पाचन से जुडी समस्या का सामना करना पड़ता है | गर्भवती महिला को इस दवा का सेवन बिलकुल भी नही करना चाहिये | नही तो इससे बच्चे व माँ दोनों की सेहत पर बहुत गहरा असर पड़ता है | बच्चों को भी इस दवा से दूर रखना चाहिये नही तो बच्चों को बुखार व दस्त जैसी समस्या की परेशानी भी हो सकती है |

मानवेन्द्र सिंह

मानवेंद्र सिंह सॉफ्ट प्रमोशन टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड में फिटनेस और हेल्थ ब्लॉगर हैं। उन्होंने 2006 में BHM स्नातक की डिग्री ली है। उन्हें स्वास्थ्य एवं विज्ञान अनुसंधान के क्षेत्र में लेखन का आनंद मिलता है।

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