बैद्यनाथ लौह भस्म के एनीमिया रोग में लाभ

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Baidyanath Lauh Bhasma

बैद्यनाथ लौह भस्म प्राकृतिक जड़ी-बूटियों के द्वारा बनाई गयी एक आयुर्वेदिक दवा है, इस दवा के द्वारा आप शरीर में रक्त की कमी से होने वाली सभी बीमारियों का उपचार बहुत आसानी से कर सकते है, क्योंकि इस दवा में मिलाई जाने वाली जड़ी-बूटियों में भारी मात्रा में विटामिन्स, मिनरल्स, के साथ साथ एन्टीऑक्सडेंट, रोगाणुरोधी व एंटी-इंफ्लेमेटरी, फॉस्फेट, सोडियम, क्लोरीन, पोटेशियम व मैग्नीशियम जैसे तत्व विधमान रहते है, जो रोगी के शरीर में बेहतर मात्रा में प्लाज्मा और रक्त कणों का निर्माण करते है |

इस दवा में मिलाई जाने वाली गुणकारी जड़ी- बूटियाँ

  • लोहा भस्म
  • हिंगुल
  • घृत कुमारी
  • स्वरस
  • गोमूत्र
  • त्रिफला
  • क्वाथ

इस दवा के सेवन से होने वाले प्रमुख लाभ :

एनीमिया रोग को खत्म करती है यह दवा

एनीमिया के कारण पीड़ित के शरीर में लाल रक्त कोशिकाएं या हीमोग्लोबिन की कमी हो जाती है, जिसके कारण रोगी को नियमित थकान, कमजोरी सिरदर्द, सांस लेने में दिक्कत व पीलिया जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है यह रोग अधिकतर गर्भवती महिला व संतुलित आहार न लेने वाले व्यक्तियोंको अपनी गिरफ्त में ले सकता है| यदि आप भी खून की कमी के रोग से परेशान है  तो आप बैद्यनाथ लौह भस्म के द्वारा अपनी इस समस्या को आसानी से खत्म क्योंकि यह दवा पीड़ित के शरीर में लाल रक्त कोशिकाएं का निर्माण बहुत तेजी से करती है जिसके कारण पीड़ित की एनीमिया की समस्या जल्द ही खत्म हो जाती है |

अन्य रोगों में इस दवाई के लाभ:

साँस से जुडी समस्या का इलाज है यह दवा

साँस से जुडी समस्या केवल श्वास नलियों की सूजन के कारण उत्पन्न होती है, कई बार यह परेशानी संक्रमण, वायु प्रदूषणव अधिक धुम्रपान के कारण भी जन्म ले लेती है यदि आप भी इस प्रकार की समस्या से परेशान है तो आप इस दवा के द्वारा अपनी साँस की समस्या जड़ से खत्म कर सकते है | ( और पढ़े – अस्थमा बारे में )

भूख बढ़ाने का काम करती है यह दवा

भूख न लगने की समस्या केवल खराब पाचन तंत्र के कारण जन्म लेती है, इस समस्या से पीड़ित व्यक्ति का सहीं समय पर उपचार न कार्य जाये तो रोगी एनीमिया व शारीरिक कमजोरी का शिकार हो सकता है यह दवा रोगी के पाचन में आ रही समस्या को खत्म करके भूख बढ़ाने का काम करती है | ( और पढ़े – भूख न लगने की बीमारी के बारे में )

इस दवा का सेवन करने का तरीका

पीड़ित को इस दवा का सेवन नियमित सुबह शाम नाश्ते व भोजन के बाद दूध के साथ करना चाहिए यदि आप इस दवा का सेवन साँस से जुडी समस्या में कर रहे है तो आपको इस दवा का सेवन गुनगुने पानी के साथ करना चाहिए | याद रहे इस दवा के बाद आपको किसी भी प्रकार का को धुम्रपान नही करना चाहिए, धुम्रपान करने से इस दवा का असर खत्म हो जाता है गर्भवती महिला को इस दवा का सेवन डॉक्टर की सलाह से करना चाहिए |

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