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गंजापन को इंग्लिश मे एलोपेसिया रोग  के नाम से भी जाना जाता है | यदि आपके बाल कम  उम्र  या अचानक से ,असामान्य रूप से बहुत तेज़ी से झड़ने लगे और उसी तेज़ी के साथ आपके नए बाल नहीं उग पा रहे है और बाल पहले की तरह घने और मजबूत ना रहे तो आप सचेत हो जाइये  क्योंकि यह गंजे हो जाने के ही लक्षण होते है |

गंजापन क्यों होता है ?

पहले के समय मे गंजेपन की समस्या अधिक उम्र के लोगो में ही देखने को मिलती थी , मगर आज के बदलते समय में यह समस्या  युवाओ में भी देखने को मिल रही है | गंजापन मुख्यता गलत खानपान और गलत जीवनशैली के कारण बालो के झड़ने से हो सकता है | आज की वयस्त जीवनशैली के कारण पुरषों के साथ-साथ महिलाये भी गंजेपन की बीमारी का शिकार हो रही है | गंजापन की बीमारी मे कई तरह के तेल और बालो के लिए आने वाले ब्यूटी प्रोडक्ट्स भी  एक कारण हो सकते है | इन प्रोडक्ट्स में हानिकारक केमिकल्स मिलये जाते है जो बालो की सेल्स या जड़ को कमजोर बना देते है जिससे कारण भी आपके बाल समय से पहले ही गिरने लगते  है या फिर धीरे-धीरे बालो के गिरने के कारण बन जाता है|

गंजापन के कितने प्रकार का होता है ?

एंड्रोजेनिक एलोपेसिया –   इस प्रकार का गंजेपन सबसे ज्यादा होता है यह महिलाओ की अपेक्षा पुरषों में ज्यादा अनुपात होता है  इस प्रकार के गंजेपन लिए मुख्यता टेस्टोस्टेरॉन नामक हारमोन में होने वाले बदलाव और आनुवंशिकता भी जिम्मेदार होती है | यह एक स्थायी किस्म का होने वाला गंजापन होता है | यह प्रकार एक खास तरीके से सर के ऊपर आता है और यह कनपटी व सर के उपरी हिस्से से शुरू होकर धीरे धीरे पीछे की ओर बढ़ता है |

एलोपेसिया एरीटा – गंजापन का यह प्रकार बहुत ही अजीब तरह का होता है | गंजेपन के इस प्रकार में सर के अलग अलग हिस्सों के जंहा तंहा के बाल गिरना शुरू हो जाता है | जिससे सर के ऊपर गंजेपन का छत्ता सा दिखाई देने लगता है | वैसे इस प्रकार के गंजेपन का अभी तक कोई ठोस कारण पता नहीं लगाया जा सका है | माना जाता है इस तरह के गंजापन के लिए मुख्य जिम्मेदार कारण शारीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता का कम हो जाना होता है |

ट्रैक्शन एलोपेसिया – गंजापन का यह प्रकार लम्बे समय तक बालो को एक ही पोजीशन में रखने के कारण होता है | जैसे कोई खास तरह की छोटी बनाना या कोई हेयर स्टाइल का रखना | लेकिन हेयर स्टाइल को बदल देने पर जैसे ही बालो का खिंचाव खत्म हो जाता है इसमें बालो का गिरना बंद हो जाता है |

गंजापन होने के कुछ मुख्य कारण:

  • अनुवांशिकता या फिर उम्र बड जाने के कारण |
  • हारमोंस में परिवर्तन होने के कारण |
  • गम्भीर रूप से किसी बीमारी की चपेट में आ जाने से |
  • किसी खास तरह के चिकित्सीय परिक्षण के कारण , या फिर कैंसर के ट्रीटमेंट की केमोथेरेपी विधि का प्रयोग होने पर |
  • अत्यधिक शारीरिक और मानसिक तनाव के कारण |
  • एक खास तरीके से चोटी या खास हेयर स्टाइल को रखने के कारण |

गंजापन का इलाज कैसे होता है ?

आजकल के समय में चिकित्सा के क्षेत्र में बहुत उन्नति हुई है जिसमे ही कई वैज्ञानिक तरीको से हेयर ट्रांसप्‍लांटेशन , स्‍टेम सेल तकनीक, लेजर ट्रीटमेंट और हेयर वीविंग जैसी तकनीक विकसित हुई है जिनसे गंजापन की समस्या का आसानी से उपचार किया जा रहा है | इन सभी तकनीको के बीच हेयर ट्रांसप्‍लांटेशन लोगो के बीच काफी ज्यादा पॉपुलर होता जा रहा है | क्योंकि यह अन्य उपायों की अपेक्षा आसान और भरोसेमंद है |

बालो का गंजापन दूर करने के कुछ आसान घरेलु उपाय:

मेथी और दही का लाभकारी प्रयोग

गंजापन का इलाज करने में मेथी बहुत ही लाभकारी और फायदे मंद होती है | मेथी में निकोटिनिक एसिड और प्रोटीन अछि मात्रा में पाया जाता है जो बालों की जड़ों में पोषण पहुंचाने के साथ साथ बालो की ग्रोथ बढ़ाने में भी मदद करता है | मेथी को प्रयोग करने के लिए इसे एक रात पहले पानी में भिगोकर रख दे और सुबह इसमें दही मिलकर के पेस्ट बना ले | इस पेस्ट को बालो में जड़ो तक लगाये और इसे एक घंटे के लिए छोड़ दे | एक घंटे बाद इसे अछे से धोकर के साफ़ कर ले |

फायदेमंद होता है उड़द की दाल का पेस्‍ट

उड़द की बिना छिलके वाली दाल को अच्छे से उबल कर पीस ले और रात को सोने के एक घंटे पहले इसे अच्छे से बालो में जड़ से लगा ले | कपडे गंदे ना हो इसलिए सर पर प्लास्टिक बैग या फिर तौलिया बाँध ले | ऐसा कुछ दिनों तक लगातार करने से दुबारा बाल आने लगते है और गंजापन की समस्या दूर हो जाती है |

मुलेठी और केसर गंजापन करता है दूर

मुलेठी को अच्छे से पीसकर पाउडर बना ले अब इसमें थोड़ी सी मात्रा में दूध और केसर को मिलाकर के एक मिश्रण तैयार कर ले | इस मिश्रण को रात में सोने के पहले अच्छे से बालो में लगा ले | सुबह उठकर के अच्छे से शैम्पू से बालो को धो ले | ऐसा प्रतिदिन प्रयोग करने से जल्द ही गंजापन की समस्या दूर हो जायगी और बाल आना शुरू हो जायेंगे |

हरे धनिये का पेस्‍ट करता है गंजापन दूर

पत्ते वाले हरे धनिये को अच्छी तरह से बारीक पीसकर के पेस्ट बना ले और इस पेस्ट को रोजाना नियम से प्रयोग करे | इस पेस्ट को सर के उस हिस्से में लगाये जंहा गंजापन आ चूका यह सर को नमी प्रदान करता है | जिससे इसे एक महीने तक लगातार प्रयोग करने से बाल फिर से उगना शुरू हो जाता है और गंजापन खत्म हो जाता है |

केला और नींबू का पेस्ट होता है लाभकारी

एक केले के गूदे में नींबू के रस को अच्‍छे से मिला कर के एक पेस्ट बना ले | इस पेस्ट का नियमित प्रयोग करने से बालो के झड़ने की समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाती है और गंजापन की समस्या दूर हो जाती है और बाल फिर से उगना शुरू हो जाते है |

प्‍याज का रस करता है गंजापन दूर

प्याज का रस बालो की जड़ो को मजबूत बनता है और बालो के झड़ने की समस्या को दूर करता है | गंजापन की समस्या में प्याज का रस बहुत लाभकारी होता है मगर ध्यान रहे प्याज का रस प्रयोग करने के बाद बालो को अच्छे से साफ़ कर ले नहीं तो खुजली जैसी समस्यायें हो सकती है | प्याज को मिक्सर में अच्छे से पीसकर इसमें निम्बू का रस मिला दे और फिर इसमें शहद मिला दे | अब इस पेस्ट को सर पर लगाये जल्द ही गंजापन की समस्या दूर हो जाएगी |

नारियल का तेल गंजेपन में होता है फायदेमंद

नारियल का तेल हमेशा से ही बालो से जुडी हुई समस्याओ को दूर करने के लिए बहुत ही लाभकारी रहा है | रात को सोने से पहले नारियल तेल को सर पर अच्छे लगा ले | सुबह उठकर सर को अच्छे से धो ले | इस उपाय को और असरदार बनाने के लिए नारियल तेल में निम्बू के रस की कुछ बूंदे मिला ले | जिससे यह गंजापन की समस्या को दूर करता है और बालो को झड़ने से रोकता है |

डॉक्टर विक्रांत गौर

डॉक्टर विक्रांत गौर

(B.A.M.S.) रजिस्ट्रेशन न  - DBCP / A / 8062 पूर्व वरिष्ठ सलाहकार  जीवा आयुर्वेद दिल्ली ,  फरीदाबाद मेडिकल सेंटर ,पारख हॉस्पिटल फरीदाबाद में 5 साल का अनुभव  पाइल्स, हेयर फॉल, स्किन प्रॉब्लम, लिकोरिया रोगों  में एक्सपर्ट

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