बैद्यनाथ पिरर्होयड्स टेबलेट्स

बैद्यनाथ पिरर्होयड्स टेबलेट्स के फायदे

बवासीर या पाइल्स इस नाम को कौन नहीं जनता है ? लगभग सभी लोग इसे  जानते ही होंगे। पर शायद ही कोई ऐसा होगा जो इस समस्या के बारे में नहीं जनता होगा। तो चलिए , आज जानते हैं कि बवासीर शरीर के रेक्टम में निचले हिस्से गुदा के तरफ में सूजन होती है। 

 ये दो तरह की होती है ,भीतरी और बहरी। भीतरी बवासीर में अंदरूनी रक्त पात होता है लेकिन उसमे दर्द नहीं होता है और  दूसरी होती है बाहरी बवासीर जिसमे दर्द होता है क्यूंकि इसमें गुदा में सूजन होती है।

तो यदि आपके या आपके किसी करीबी को बवासीर हो गयी है तो आज जानेंगे इसको ठीक करने की दवा के बारे में।  

जानते है पिरर्होयड्स टेबलेट्स के बारे में जो की बैद्यनाथ द्वारा बनाई जाती है।

बैद्यनाथ पिरर्होयड्स टेबलेट्स के फायदे क्याक्या हैं ?

बैद्यनाथ पिरर्होयड्स टेबलेट्स एक आयुर्वेदिक दवा है जिसके इस्तेमाल से खुजली, दर्द,सूजन और बवासीर के दौरान आने वाली कई अन्य समस्याओं को ठीक किया जा सकता है। ये आपके कब्ज को भी ठीक करता है साथ ही साथ इस दवा के इस्तेमाल से गुदा क्षेत्र के आस-पास होने वाली सूजन ,खुजली,और दर्द को आसानी से ठीक किया  है। 

 हालाँकि आज-कल  मार्किट में बहुत सारी दवा मौजूद हैं और वे सभी दावा करते हैं की उनकी दवा बवासीर को मिनटों में खत्म क्र देगी। मगर सचाई ये है के अगर ऐसा होता हो अभी बवासीर के इतने रोगी नहीं होते।

 बवासीर को हमेशा के लिए जड़ से खत्म करना चाहते हैं तो उसका एक मात्र उपाय है आयुर्वेद। आयुर्वेदिक दवा ही हैं जो जड़ से बवासीर को खत्म कर सकती है। और जहाँ आयुर्वेद का नाम आता है वहां  बैधनाथ का नाम मन में जरूर आता  है। आज हम इसी कम्पनी के दवारा बनाई जाने वाली दवा बैद्यनाथ पिरर्होयड्स टेबलेट्स के प्राकृतिक तत्व कौन-कौन सी हैं ?

   बैद्यनाथ पिरर्होयड्स टेबलेट्स के मुख्य घटक क्याक्या हैं ?

  • आंवला
  • नागकेशर
  • फिटकरी
  • अर्शोघ्नी वटी

तो चलिए देख लेते हैं इनके मुख्य घटक के बारे में थोड़ी सी।

आंवला :-आंवला अत्यधिक रक्तस्राव को रोकने का काम करता है और साथ ही साथ सूजन और कब्ज से आराम देता है। जिसे मल त्यागने के दौरान होने वाली दर्द से राहत दिलाती है।

नागकेशर:- यह भी सूजन और रक्तस्राव को रोकने में सहायक दिलाता है।

फिटकरी :- फिटकरी का मिश्रण जो रक्त स्राव और अन्य स्राव को रोकने के लिए शरीर के ऊतकों को संकुचित करती है.

अर्शोघ्नी वटी:- Pirrhoids Tablets में अर्शोघ्नी वटी का मिश्रण अत्यधिक रक्तस्राव को तुरंत रोकता है।

बैद्यनाथ पिरर्होयड्स टेबलेट्स  की सेवन की विधि क्या है ?

१-२ गोली दिन में २ बार सुबह और शाम को  लेनी है।  इस डोज को ९० दिनों तक लगातार लेते रहना होगा। इस दवा का उपयोग करने से पहले इसे आपको अपने डॉक्टर की सलाह के साथ ही लें।

बैद्यनाथ पिरर्होयड्स टेबलेट्स के सेवन के दौरान सावधानियां ?

दोस्तों, यदि आप पहले से कोई बीमारी से पीड़ित हैं या पहले से किसी दवा का इस्तेमाल कर रहे हैं तो Pirrhoids Tablets in hindi तो आप जरूर अपने डॉक्टर की सलाह के बाद ही लें। गर्ववती महिला या स्तनपान करा रही महिला को इस दवा से बचना चाहिए।

 इस समस्या में खानपान की विशेष ध्यान रखना चाहिए। कोशिश करना होता है।  जब आप दवा का सेवन कर रहे  हों उस समय तेल ,मसाला , आचार ,गैस या कब्ज बनने वाले आहारों का सेवन न करे। ज्यादा मात्रा में चाय या कॉफी का सेवन ना करें और अधिक समय तक बैठना तो बिलकुल ही परहेज करें।

 बवासीर को ठीक करने के लिए सबसे पहले अपने आहार को नियंत्रण करना होगा। यदि शुद्ध और सही होगा तो  आपके दवाइयाँ भी आपके शरीर पर सही तरह से असर करेंगी।

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