जानिए नवजात शिशु का वजन बढ़ाने के असरदार तरीके

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शिशु का वजन कितना होना चाहिये

नवजात शिशु का वजन तीन किलो से चार किलो के लगभग सही माना जाता है | अगर जन्म के समय बच्चे का वजन 2.5 किलो से कम वजन का होता है | तो इसकी वजह से शिशु कई प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ता है | कई बार तो वजन कम होने की वजह शिशु को की जान भी चली जाती है | भारत में ही लगभग हर साल कमजोरी की वजह से तीस लाख शिशु की जान चली जाती है | शिशु के वजन का ध्यान गर्भावस्था के समय गर्भवती महिला को रखना चाहिये |

क्योंकिगर्भावस्था में ही शिशु के वजन का निर्माण होता है | शिशु में वजन की समस्या केवल गर्भावस्था के समय गर्भवती महिला के वजह से आती है | एक शोध में शिशु के वजन के संदर्भ में कुछ चौकानें वाले तथ्य को बताया गया है | इस शोध में जर्नल ऑफ ह्यूमन जेनेटिक्स के अनुसार पाया कि अगर जीन का एक खास अंश मां की तरफ से बच्चे में आया है | तो नवजात शिशु का वजन 90 ग्राम अधिक हो सकता है | तो आइये जानते है की किस प्रकार हम शिशु के वजन को बढ़ा सकते है |

नवजात शिशु का वजन बढाने के लिये जाने कुछ जरुरी उपाय :-

  • जन्म के बाद शिशु को माँ के संपर्क में ही रखें | माँ की त्वचा के संपर्क में रहने से शिशु के शरीर का तापमान नियंत्रित रहेगा | और वजन में भी सुधार आयेगा |
  • मौसम के अनुसार शिशु को कपडे पहनाये | ठंड के मौसम में बच्चे को अच्छी तरह ढककर ही रखें | ठंड के मौसम शिशु को ऊनि कपडे ही पहनाये |और गर्मियों में बच्चे को सूती कपडे पहनाये | ऐसा करने से बच्चे को किसी भी प्रकार का कोई संक्रमण नही होगा और बच्चे के वजन की समस्या भी कम होगी |
  • गर्मी के मौसम में शिशु को ऐसे कमरे में ही रखें जो ठंडा हो | गर्मी में शिशु को अधिक धूप में ना रखे |और ठंड के मौसम में बच्चे को ऐसे कमरे में रखें जो बाकि कमरों से गर्म हो | कमरे की खिड़कियों को बंद रखें ताकि बहार से ठंड हवा अंदर न आये |
  • बिना डॉक्टर की सालह के बिना शिशु को नहलाये नहीं | शिशु को प्रसव के सात महीनो या फिर जब तक आप का बच्चा एक साल का न हो जाये तब तक उसको नहलाये नही कमजोर शिशु को नहलाने से उसका स्वास्थ बिगड़ सकता है |अपने बच्चे को जब ही नहलाये जब तक उसका वजन सामान्य बच्चों के जितना न हो जाये | आपको शिशु को सप्ताह में एक बार रुई के पोहे से या साफ सूती कपडे को भीगा कर उससे बच्चे के शरीर को पोछ कर साफ करना चाहिये |
  • किसी भी मौसम में अपने शिशु को को एक पल के लिए भी बिना कपडे के ना रखें | क्योंकिबिना कपड़ो के शिशु को कई प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ सकता है | जिससे शिशु के वजन में और कमी आ सकती है |

नवजात शिशु के वजन से जुडी कुछ जरुरी बाते :-

  • जिन बच्चों का वजन जन्म के समय कम रहता है | उन्हें कई प्रकार के समस्याओं का सामना करना पड़ता है |ऐसे बच्चों के शरीर में वासा की मात्रा बेहद कम स्तर पर होती है | जिसके कारण ये बच्चे अपने शरीर का तापमान बनाये रखने में असमर्थ होते हैं |
  • कम वजन में जन्मे बच्चे की अगर शुरू के साल भर सही तरह से देख रेख की जाये तो संकट बहुत हद तक कम किया जा सकता है | क्योंकिसमय के साथ बच्चे का फेफड़ों विकसित होने लगता है | जिससे उसकी साँस लेने की समस्या भी समाप्त हो जाएगी | क्युकी कमजोर शिशु फेफड़े पूरी तरह विकसित नही रहते है जिसकी वजह से शिशु को साँस की परेशानी आती है | इसीलिये हमें इस समय में शिशु की पूरी देखभाल करनी चाहिये | जिससे के समय के साथ बच्चे की कमी का विकाश भी अपने आप होने लगता है | और धीरे धीरे कमजोरी दूर होकर शिशु स्वस्थ हो जायेगा |
  • कम वजन जन्मे प्री-मेच्योर नवजात बच्चों के लिए तो माँ का दूध मानो अमृत तुल्य है | माँ के दूध से बच्चे के शरीर को एंटीबाडी मिलता है | एंटीबाडी एक तरह का प्रोटीन है जो बच्चे के शरीर में पनप रहे संक्रमण को मार भगाता है | चूँकि बच्चे का पाचन तंत्र पूरी तरह विकसित नहीं है इसलिए वो खुद एंटीबाडी नहीं बना पता है | मगर जैसे जैसे बच्चा बड़ा होगा उसका पाचन तंत्र पूरी तरह विकसित हो जायेगा | और तब उसका शरीर खुद ही संक्रमण से लड़ने में सक्षम हो जायेगा | यानि पहले छह महीने कम वजन बच्चे को जितना हो सके अपना स्तनपान कराएं | जिससे शिशु की वजन की समस्या पूरी तरह खत्म हो सके |
  • कम वजन वाले नवजात शिशु को में कई प्रकार की शरीर कमी होती है | अगर इस बच्चे का समय से ध्यान नही रखा जाये | तो यह बच्चे के लिये घातक साबित होता है | इसीलिये हमेशा अपने बच्चे को समय समय पर डॉक्टर के पास लेकर जाये और बिना डॉक्टर की सलाह के बिना शिशु को किसी भी प्रकार का कुछ खानपान ना करे | शिशु को केवल माँ का दूध ही ग्रहण कराये | जिससे उसके वजन को बढाने में काफी मदद मिलेगी |

अगर आप भी अपने शिशु का वजन बढाना चाहते है | तो आपको ऊपर दिए हुये उपायों का पालन करना चाहिये | जिससे आपके शिशु की वजन की समस्या हल हो सके |

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