एंजाइना क्यों होता है ? Angina pain in hindi

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जाने हृदय व इससे जुड़े कुछ रोग व और्वेदिक उपचार के बारे में

एंजाइना कई बार व्यक्ति को दर्द, जलन या फिर शरीर में किसी अन्य प्रकार के बदलाव नज़र आते हैं। इन बदलाव के नज़र आने के बाद भी व्यक्ति उन्हें अनदेखा कर देता है जो आगे चल कर एक बड़ी बीमारी का कारण बन जाते हैं। इसीलिए कुछ बदलाव नज़र आने पर शुरुआती दिनों में ही उसका सही इलाज करवाना बेहद आवश्यक होता है।

चक्कर आना या फिर सीने में दर्द होने जैसे लक्षणों को व्यक्ति हल्के में ले लेता है पर ये एंजाइना जैसी बड़ी बीमारी के होने का संकेत हो सकता है। इसीलिए किसी भी बदलाव को हल्के में नहीं ले और थोड़ा सतर्क हो जाएं।

क्या है एंजाइना ?

यह हृदय से सम्बन्ध रखने वाली एक गंभीर बीमारी है। असल में इस बीमारी में जो पीड़ित व्यक्ति होते हैं उनकी रक्त धमनियों में कोलेस्ट्रॉल जमा हो जाता है एवं उनमें रक्त के थक्के फंस जाते हैं या फिर जो अंदरूनी हिस्सा होता है वो छोटा हो जाता है, जिसकी वजह से उनका हृदय उन्हें पर्याप्त मात्रा में खून नहीं भेज पाता है और उनके सीने में बहुत तेज़ दर्द होने लगता है।

इस बीमारी को मेडिकल की भाषा में एंजिना पेक्टोरिस  कहते हैं। यह बीमारी आपको हृदय में बडा खतरा होने के बारे में संकेत देती है। इस प्रकार के मरीजों को हृदय पेशियाँ रक्‍ताल्‍पता  हो जाती है| जिससे जान जाने का खतरा बना रहता है। ऐसी स्थिति में दिल की धमनियों में खून का प्रवाह नहीं होता है और न ही पर्याप्त ऑक्‍सीजन मिल पाती है| जिसके कारण सीने में तेज दर्द होता है और साथ ही घबराहट होने लगती है|

एंजाइना के प्रकार :-

दोस्तों, एंजाइना क्या है इसको तो आपने जान ही चुके है। अब बारी आती है उसके प्रकार को जानने की। तो आइये आज हम आपको बताते हैं कि एंजाइना दो प्रकार के होते हैं।

  1. स्थिर एंजाइना
  2. अस्थिर एंजाइना
  • स्थिर एंजाइना- इसी को एंजिनापेक्टोरिस  भी कहा जाता है। यह इसका सबसे आम प्रकार है। इसके लक्षणों का पता आसानी से किया जा सकता है।
  • अस्थिर एंजाइना- ये अचानक ही होता है और धीरे-धीरे गम्भीर होता जाता है और बाद में ये दिल के दौरे का कारण बन जाता है।

 इसके कारण:-

एंजाइना हार्ट की एक बहुत ही गम्भीर बीमारी है। मांसपेशियों में जब रक्त का प्रवाह कम होता है तब ये बीमारी व्यक्तियोंको अपनी चपेट में ले लेती है। व्यक्तियोंके खून में जो ऑक्सिजन होता है वो हृदय की मांसपेशियों को जिंदा रखने के लिए बहुत ही ज़रूरी होता है, पर जब व्यक्तियोंकी मांसपेशियों को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिलती है तो ये व्यक्तियोंमें आइस्केमिया  को पैदा कर देता है।

  • एंजाइना जो है वो ज्यादातर शारीरिक श्रम करने की वजह से होता है। इसके अलावा भी इसके कुछ और कारण हैं जिनकी वजह से एंजाइना होता है| जैसे, धूम्रपान, तनाव, ठंडा तापमान, भारी भोजन आदि।

उपरोक्त सभी ऐसे कारण हैं जो एंजाइना को ट्रिगर कर सकते हैं :

  • नमक के बहुत अधिक इस्तेमाल से भी एंजाइनाक़्क़ शिकायत हो जाती है।
  • आनुवांशिकता भी एंजाइना का एक कारण है।
  • बढ़ती उम्र।
  • नसों को संकुचित करने वाली दवाएं, निकोटिन युक्त दवाएं, आहार की गोलियां आदि एंजाइना के होने के खतरे को बढ़ावा देती हैं।

इसके लक्षण:-

इसके निम्नलिखित लक्षण होते  हैं :

  • सीने में जलन का महसूस होना।
  • चलने फिरने में, वयायाम करने में अथवा सीढ़ी चढ़ते समय सीने में तेज दर्द का होना।
  • खूब पसीना आना।
  • सीने में भारीपन का महसूस करना।
  • घबराहट होना, चक्कर आना  एवं सीने में सिकुड़न महसूस करना।
  • कई बार एंजाइना में छाती की जगह पेट के ऊपरी भाग में दर्द होता है, लेकिन नाभि के नीचे होने वाला दर्द और गले के ऊपर होने वाला दर्द एंजाइना का लक्षण नहीं होता है।
  • एंजाइना में दिल के दौरे के दौरान सीने में बहुत तेज़ दर्द होता है। यह दर्द छाती के बिल्‍कुल बीच के भाग के ठीक नीचे से शुरू होकर आस-पास के हिस्सों में फैल जाता है। कुछ लोगों में यह दर्द छाती के दोनों तरफ फैलता है, लेकिन ज्यादातर लोगों में यह बाईं तरफ अधिक फैलता है। यह दर्द हाथों और अंगुलियों, कंधों, गर्दन, जबड़े और पीठ तक पहुंच सकता है।
  • सांस लेने में दिक्कत महसूस करना।

इससे बचाव कैसे करें:-

निम्नलिखित चीज़ों को करके इससे बचा जा सकता है:

  • तनाव से दूरियां बनाकर के रखें। कम से कम तनाव ले।
  • खानपान पर ध्यान दें । स्वस्थ और स्वच्छ चीज़ो का ही सेवन करें।
  • स्वस्थ वज़न का होना भी बहुत आवश्यक होता है। इसीलिए मोटापे पर नियंत्रण रखना अति आवश्यक है।
  • धूम्रपान त्याग देना चाहिए।
  • मधुमेह, बीपी आदि को नियंत्रित रखना चाहिए।
  • नमक का कम से कम मात्रा में सेवन करें।

एंजाइना का इलाज;-

एंजाइना का इलाज व्यक्तियोंके हृदय की जांच करने के बाद किया जाता है। एंजाइना के कारण हृदय को कितनी हानि पहुंची है उसको देखने के बाद ही इसका इलाज किया जाता है। जिन व्यक्तियोंको एंजाइना ज्यादा भयानक नहीं हुआ होता है वो लोग अपनी जीवनशैली में परिवर्तन करके और कुछ दवाओं का सेवन करके अपने रक्त प्रवाह को सही कर सकते हैं और एंजाइना के लक्षणों को नियंत्रित कर सकते हैं।

इसके अलावा डॉक्टर एंजाइना से पीड़ित व्यक्तियोंको निम्नलिखित की दवाएं भी दे सकता है-

  • रक्त के थक्कों को बनने से रोकने की दवाएं।
  • रक्त वाहिकाओं को शिथिल करने वाली दवाएं।
  • ऐसी दवाएं जो रक्त वाहिकाओं को फैलाने में मदद करें, जिसकी वजह से हृदय में रक्तप्रवाह आसानी से हो सके।

अगर दवाओं के सेवन से भी व्यक्ति को कोई लाभ नहीं होता है तो ऐसे में व्यक्तियोंकी सर्जरी भी करनी पड़ सकती है।

एंजाइना से होने वाली जटिलताएं:-

  • एंजाइना दिल से सम्बंधित एक खतरनाक बीमारी है। कभी-कभी ये जानलेवा भी साबित हो जाती है।
  • एंजाइना की वजह से दिल का दौरा सब से खतरनाक जटिलता होता है।
  • एंजाइना का दर्द बहुत भयानक होता है और इसकी वजह से व्यक्तियोंकी सामान्य गतिविधियों पर भी प्रभाव पड़ता है, जैसे- चलने फिरने में समस्या, सांस लेने में जटिलता आदि।

इसके लिए कुछ घरेलू उपाय;-

  • लहसुन का नियमित इस्तेमाल करने से हृदय सम्बंधित रोग दूर भाग जाते हैं। लहसुन को हृदय के लिए काफी लाभदायक माना जाता है।
  • जब सीने में दर्द महसूस हो तो अदरक के जड़ की चाय पीने से दर्द कम हो जाता है और इससे काफी चीज़ो में बहुत राहत मिलती है।
  • हल्दी कोलेस्ट्रॉल के ऑक्सीकरण को रोकने में मदद करता है जो रक्‍त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा कर धमनियों की दीवारों को मजबूत बनाता है ।

एंजाइना पैन कितने साल तक रहता है ?

जब तक आप इसका इलाज नहीं करते हो

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