एक्ने से बचाव और कारण व लक्षण – Acne Treatment In Hindi

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यह लेख एक्ने से बचाव के लिए है एक्ने की समस्या अधिकतर तैलीय त्वचा के कारण जन्म लेती है इस रोग में त्वचा के नीचे स्थित सिबेशस ग्लैंड्स से त्वचा को नमी देने वाला तेल अधिक मात्रा में निकलने लगता है, जिसके कारण रोमछिद्र चिपचिपे होकर ब्लॉक हो जाते है, जिसके उपरांत रोमछिद्र में बैक्टीरिया उत्पन्न होने के कारण एक्ने की परेशानी की शुरुआत होती है | आमतौर पर यह समस्या पुरुषों की अपेछा महिलाओं में अधिक देखी जाती है, महिलायों में अधिकतर पीरियड्स के समय आये हार्मोन्स परिवर्तन के कारण यह रोग उत्पन्न होता है भारत सहित पूरी दुनिया में इस बीमारी से लगभग 45 प्रतिशत लोग ग्रस्त है | इस परेशानी में अगर पीड़ित कुछ घरेलू उपाय व बचाव को अपनाये तो आसानी से इस परेशानी को खत्म कर सकता है |

एक्ने से बचाव

एक्ने के प्रकार :

  1. वहाइटहेड्स  – वहाइटहेड्स पीड़ित की त्वचा  त्वचा के अन्दुरुनी हिस्से में जन्म लेते है |
  2. ब्लैकहेड्स  ब्लैकहेड्स मेलेनिन के ऑक्सीकरण के कारण काले रंग के दिखाई देते है  |
  3. पेपुल्स – पेपुल्स गुलाबी रंग के छोटे ठोस गोल दाने होते हैं |
  4. नोड्यूल  – नोड्यूल भी पेपुल्स के सामान होते है |
  5. दाना – दाने की समस्या महिलायों की अपेछा पुरषों में अधिक पाई जाती है, यह मवाद से भरा हुआ दाना होता है |

इस रोग में त्वचा पर दिखाई देने वाले लक्षण –

इस रोग के लक्षण इस रोग के प्रकार अनुसार दिखाई देते है यह रोग पुरषों में पाचन की समस्या की वजह से वहीं महिलायों में हार्मोन्स परिवर्तन के कारण चेहरे की त्वचा पर लाल व काले रंग के गोल स्पॉट उत्पन्न होने लगते है इस तरह |

एक्ने से बचाव से पहले जाने इसका मुख्य कारण

हार्मोन  बदलाव के कारण –  महिलायों व लड़कियों में पीरियड्स के उपरांत  प्रोजेस्टेरॉन हार्मोन के अधिक स्राव के कारण ब्लैकहैड्स और वहाइटहेड्स जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है इसे रोक कर एक्ने से बचाव किया जा सकता है

पाचन तंत्र में परेशानी के कारण – पाचन तंत्र में खराबी के कारण पीड़ित के सिबेशस ग्लैंड्स से अधिक मात्रा में तेल उत्पन्न होने लगता है, जो पीड़ित के चेहरे के रोमछिद्र में जमने के कारण त्वचा पर मोटे दाने उत्पन्न होने लगते है |

अधिक मात्रा में क्रीम व लोशन प्रयोग के कारण – क्रीम व लोशन में अधिक मात्रा में स्टेरॉयड, ब्लीचिंग एजेंट्स, हाइड्रोक्विनॉन व मर्करी प्रयोग किया जाता है | जो चेहरे की त्वचा में मौजूद सिबेशस ग्लैंड्स में अधिक तेल का निर्माण करने लगते है |

अधिक जंक फ़ूड का सेवन करने के कारण – अधिक जंक फ़ूड के सेवन से शरीर में टॉक्सिक तत्वों का जमाव शुरू हो जाता है, जिसके कारण भी चेहरे की त्वचा पर एक्ने की समस्या शुरू उत्पन्न हो सकती है |

एक्ने से बचाव कैसे करे –

  • अधिक से अधिक अपनी त्वचा को साफ रखे |
  • जंक फ़ूड व मसालेदार भोजन का सेवन कम करे |
  • चेहरे को गोरा करने के लिए अधिक रसायन युक्त यानि कास्मेटिक क्रीम का प्रयोग न करे |
  • पर्याप्त नींद ले |
  • नियमित योगा व वयायाम करे |

इस रोग के हो जाने पर अपनाये इन घरेलु उपायों को

ओटमील व शहद के द्वारा करे इस समस्या का इलाज –

ओटमील व शहद में भारी मात्रा में एंटी-एक्सीडेंट व एंटी-बेक्टिरियल तत्व पाए जाते है, जो पीड़ित की त्वचा के रोमछिद्र में मौजूद तेल को साफ़ करके मुलायम बनाने का काम करते है |

कैसे करे ओटमील व शहद का प्रयोग – पीड़ित व्यक्ति को सबसे पहले ओटमील को पका कर एक साफ़ बर्तन में निकाल ले अब इसमें थोडा शहद व कुछ नीबू की बुँदे मिलाकर चेहरे पर बीस मिनट तक लगाकर रखे, उसके बाद साफ़ पानी से अपने चेहरे को धुल ले इस प्रकार सुबह शाम करने से कुछ ही समय में यह समस्या ख़त्म हो जाती है |

एलोवेरा जेल के द्वारा करे एक्ने का इलाज –

एलोवेरा जेल में पाये जाने वाले एंटी-बेक्टिरियल व एंटी-फंगल तत्व पीड़ित के त्वचा के सिबेशस ग्लैंड्स से निकल रहे अधिक तेल की मात्रा को संतुलित करके त्वचा को मुलायम व सुन्दर बनाने का कार्य करता है |

कैसे करे एलोवेरा जेल का इस्तेमाल – एक्ने की समस्या में एलोवेरा जेल को एक बर्तन में डालकर इसमें थोडा नीबू का रस मिलाकर चेहरे पर तीस से चालीस मिनट लगाने से मुहांसों की समस्या से राहत मिलती है

नीबू के द्वारा करे इस रोग का उपचार –

नीबू में अधिक मात्रा में विटामिन सी व कई एसिडिक गुण पाए जाते है जो मुहांसों की समस्या से कुछ समय में निजात दिलाने का काम करते है

कैसे करे नींबू  का इस्तेमाल –  सबसे पहले एक साफ़ बर्तन में एक नीबू के रस को निकल ले, अब एक रुई का टुकड़ा लेकर अपने चेहरे के प्रभावित हिस्से पर लगाये आपको इस उपाय को सुबह शाम शाम दोहराने से कुछ ही दिनों में यह समस्या पूरी तरह ख़त्म हो जाती है |

टी ट्री आयल का प्रयोग करके करे एक्ने से बचाव – 

टी ट्री आयल एक प्रकार का एंटीसेप्टिक माना जाता है यदि टी ट्री आयल को पीड़ित अपने प्रभावित हिस्से में लगाये तो मुँहासे में मौजूद बैक्टीरिया को ख़त्म करने में मदद मिलती है |

किस प्रकार करे टी ट्री आयल का प्रयोग – आपको इस तेल का प्रयोग हल्का गुनगुने रूप में करना चाहिए |

एक्ने से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण सवाल

इस रोग में किसी फेस वाश का प्रयोग करना चाहिये ?

यदि आप  मुँहासे की समस्या से ग्रस्त है और आप फेस वाश के द्वारा इस रोग को ख़त्म करना चाहते है तो आप किसी भी आयुर्वेदिक फेस वाश का इस्तेमाल कर सकते है | या फिर आप त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेकर फेस वाश का इस्तेमाल कर सकते है |

मुँहासे होने पर किस दवा का सेवन करे ?

यदि आप दवा के माध्यम से इस परेशानी को ख़त्म करना चाहते है तो आप रेटिनॉयड, एंटीबायोटिक्स  व डैपसोन युक्त दवा का प्रयोग कर सकते है |

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