जब किसी गर्भवती महिला का गर्भपात हो जाता है या वह स्वयं गर्भपात कर रही है किसी पिल्स या गोली खाकर ,तो उसे कई प्रकार की समस्याएं जैसे बार-बार उलटी आना, बुखार का बना रहना, ज्यादा मात्रा में खून का बहना और पेट में तेज दर्द रहना आदि अबोर्शन के कुछ मामलों में महिलाओं को इन समस्याओं के अलावा कुछ और गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती है जैसे की हीमोररेहेज, एंडोटॉक्सिक शॉक, कंवलशन, गर्भाशय में चोट लग जाना आदि |

अगर महिला के अबोर्शन के समय ज्यादा परेशानी नहीं होती है तो वह महिला कुछ ही दिनों में ठीक हो जाती है लेकिन अगर गर्भपात के समय कोई गंभीर परिस्थति बन जाती है तो महिला को दोबारा से गर्भधारण करने में भी समस्या उत्पन्न हो सकती है अगर आपका भी अबोर्शन हुआ है तो आपको हमारे द्वारा नीचे दी गई समस्यायों में से कोई समस्या भी महसूस हो रही है तो आपको तुरंत जाकर अपने डॉक्टर से परामर्श जरुर कर लें |


अबोर्शन के बाद होने वाली सामन्य समस्याएं:

  • योनि से बदबूदार गाढ़ा पदार्थ निकलना
  • पैरो में तेज दर्द रहना
  • तेज बुखार बना रहना
  • बहुत अधिक खून का बहना
  • साधारण दवाओं के प्रयोग के बाद भी दर्द कम न होना

गर्भपात की समस्या हो जाने के बाद आप किसी भी तरह का मानसिक और शारीरिक तनाव नहीं ले और लेकिन अगर तनाव फिर भी है तो इसे आप मामूली न समझे और बल्कि तुरंत डॉक्टर से परामर्श ले | अबोर्शन के बाद आपको आपना ख्याल रखना बहुत ही जरुरी होता है कई बार बच्चा गिर जाने के बाद की जाने वाली लापरवाही एक गंभीर समस्या बन सकती है | इसके बाद महिलाओं को शारीरिक रूप के अपेक्षा मानसिक कमजोरी अधिक रहती है | जिससे इस समस्या के बाद महिलाओं की सम्पूर्ण देखभाल बहुत जरुरी होती है क्योंकि अधिकतर महिलाओं की मृत्यु के पीछे गर्भपात एक कारण रहा है |


खून का बहना सामान्य होता है

अबोर्शन के सभी मामलों में यह समस्या नहीं होती है मगर कुछ मामलों में खून का बहना एक सामान्य लक्षण होता है | कुछ मामलों में यह तीन से चार हफ़्तों तक खून बहना सामान्य रहता है लेकिन आपको इस बात की पूरी जानकारी होना बहुत जरुरी होता है कि कब आपको इलाज की जरुरत होती है | जब ब्लीडिंग के साथ आपको चक्कर आना, घबराहट होना और खून के बड़े बड़े थक्के बनना आदि समस्याएं किसी गंभीर चोट का संकेत भी हो सकती है जो गर्भपात के समय किसी प्रकार की कमी के कारण हो सकती हैं | मगर जब आपको चार हफ्ते से ज्यादा समय तक या अधिक मात्रा में खून बह रहा हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें |

शारीर का दर्द होना :

गर्भपात के बाद का समय हर महिला के लिए बहुत ही कष्टदायक और पीड़ादायक होता है | इस समय बच्चे के न रहने की वजह से वह मानसिक रूप से और शारीरिक रूप से दोनों तरह से ही परेशान रहती है | अबोर्शन के समय महिला के गर्भाशय का आकर सामान्य से बहुत ही अधिक बढ़ जाता है और इसके बाद अपने पुराने सामान्य आकार में आ जाता है |

इस समय महिला को पीरियड्स के समय होने वाले दर्द से भी बहुत तेज दर्द होता है | इसके साथ ही अबोर्शन होने के तीन से चार दिन बाद ही थक्के बनने की समस्या शुरू हो जाती है जिससे बहुत तेज दर्द होता है | इस दर्द से बचाव के लिए गर्म लिक्विड पदार्थो का सेवन करना चाहिए और गर्म पानी के थेले से सिंकाई करना चाहिए | इन उपायों को प्रयोग करने के बाद भी आराम नहीं मिलता है तो तुरंत डॉक्टर से परमर्श लेना चाहिए |

संक्रमण का खतरा

गर्भपात के मामले में महिलाओं के मूत्र मार्ग और बच्चादानी में संक्रमण की समस्या बहुत ही तेजी से फैलती है | संक्रमण की समस्या होने पर कोई भी बीमारी बहुत तेजी से आपको अपने प्रभाव में ले लेती है और अबोर्शन के बाद संक्रमण होना बहुत ही गंभीर समस्या होती है | इससे बचने के लिए निम्न उपायों का प्रयोग करना बहुत ही लाभकारी होता है…

  • रुई का प्रयोग न करें
  • बाथ टब का प्रयोग न करें
  • स्विंमिंग पूल में न जाएँ
  • यौन सम्बन्ध ना बनायें

अबोर्शन होने पर संक्रमण को नजरंदाज न करें और अधिक दर्द होने पर तुरंत डॉक्टर से मिलकर परामर्श करें और अपनी जांच करबाएं |

डाइलेशन और क्युरेटेज –

अबोर्शन के मामले में बच्चेदानी के अंदर कुछ टिस्यू रह जाते है जिससे डाइलेशन और क्यूरेटेज कराने की जरुरत पड़ती है | क्यूंकि बच्चेदानी में टिस्यू रह जाने की बजह से दोबारा से बच्चा गिर जाने की समस्या हो सकती है | इसलिए डी एंड सी करवाना फायदेमंद रहता है |

मानसिक कमजोरी –

बच्चा हीर जाने के बाद महिलाओं को मानसिक और शारीरिक दोनों प्रकार की कमजोरी हो जाती है | यह समय हर महिला के लिए बहुत ही पीड़ादायक होता है और इस बात को भुला पाना भी बहुत ही मुश्किल होता है | इस वजह से महिला मानसिक रूप और भावनात्मक रूप से बहुत ही कमजोर हो जाती है | इस समस्या में ज्यादा मानसिक तनाव लेने से महिला अवसाद का भी शिकार हो सकती है इसलिए गर्भपात होने के बाद महिला को पूरी तरह से सपोर्ट करना चाहिए क्योंकि इस समय महिला अपने मन की बात किसी को नहीं बताती है |

बांझपन का कारण –

किसी भी महिला को बार बार अबोर्शन की समस्या होने पर बांझपन की समस्या बढ़ जाती है क्योंकि गर्भपात होने की वजह से महिलाओं की प्रजनन क्षमता बहुत ही अधिक प्रभावित होती है | इस वजह से महिला को दोबारा से गर्भधारण करने में समस्या होने लगती है जो बांझपन का कारण बन सकता है | इसलिए गर्भपात होने की दशा में सही से उपचार करवाना बहुत जरुरी होता है | ऐसे समय में महिला को किसी अच्छे डॉक्टर के पास लेके जाएँ और उसे पूरा सपोर्ट करें जिससे वो मानसिक रूप से परेशान न रहे और दवा उस पर असर दिखा सके |

मानवेन्द्र सिंह

मानवेंद्र सिंह सॉफ्ट प्रमोशन टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड में फिटनेस और हेल्थ ब्लॉगर हैं। उन्होंने 2006 में BHM स्नातक की डिग्री ली है। उन्हें स्वास्थ्य एवं विज्ञान अनुसंधान के क्षेत्र में लेखन का आनंद मिलता है।

Leave a comment

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.