मधुमेह के साथ पैरों पर अल्सर क्या है?

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इंसुलिन इंजेक्शन

पैरों पर अल्सर पैर पर खुले घाव होते है| यह स्थिति आमतोर पर रक्त में परिसंचरण के कारण होती है| महिलाओ में ये घाव अधिक आम है| लेकिन यह किसी भी उम्र के पुरुष और महिला को प्रभावित कर सकते है| मधुमेह पैरों और पैरों की नसों को नुकसान पंहुचा सकता है| मधुमेह रक्त प्रवाह समस्या पैदा कर सकता है| खराब रक्त प्रवाह अल्सर को ठीक करना मुश्किल कर देता है|

पैर अल्सर के कारण

पैर अल्सर वंशानुगत भी होते है| अगर आपके माता – पिता के पैर अल्सर होते है, तो आप उन्हें विकसित करने की अधिक संभावना रखते है| सूजन और नसों वाले वैरिकाज नसों को अक्सर पैर के अल्सर से जुड़े होते है| और पैर अल्सर अनुपचारित वैरिकाज नसों की जटिलता होती है|

  • खराब रक्त परिसंचरण |
  • मधुमेह होने से |
  • उच्च कोलेस्ट्रोल |
  • किडनी की समस्या होना |
  • पैरों में दबाव अधिक पड़ना |
  • सक्रमण जैसी बीमारी होना |
  • ह्दय रोग होना |
  • उच्च रक्तचाप ( हाई ब्लड प्रेशर ) होना |
  • अधिक धुम्रपान करना |

पैर अल्सर के लक्षण

अल्सर अक्सर दर्दनाक होते है| लेकिन कभी कभी दर्द नहीं होने के कारण अल्सर मौजूदहोते है| जो कुप्रबंधित मधुमेह से तंत्रिका क्षति के कारण होता है| दर्द ना होना ये भी एक कारण है|

  • पैरों में असामान्य दर्द और भारीपन |
  • नसों का बड़ना |
  • पैरों पर सूजन आना और लगातार बड़ना कम न होना |
  • प्रभावित क्षेत्र में दर्द घाव का आकार बड़ना |
  • प्रभावित क्षेत्र में मवाद ( पस ) पड़ना |
  • घावो को खुला रखना |
  • चाकू के या अन्य घावो की अच्छे से देख भाल ना करना |
  • पैरों का रंग बदले जैसेः लाल, काले या नीले |
  • चलने में कठिनाई आना |
  • बुखार, त्वचा की लालामी, सूजन या संक्रमण के अन्य लक्षण हो सकते है |
  • पैर या पैर के निचले हिस्से पर घाव, छाले होना |

घाव के लिए एक अच्छी देख भाल अल्सर को ठीक करने और सक्रमण को रोकने में मदद करता है| अल्सर की देखभाल के लिए डॉक्टरके निर्देशों को मानना और नियमित रूप से घाव को साफ करना सक्रमण को रोकने के लिए बहुत जरुरी होता है|

मधुमेह के साथ पैरों पर अल्सर की रोकथाम

आपको नियमित वयायाम करना चाहिए जिससे आपका वजन सही रहे और पैरों के दबाव को कम हो जो की अल्सर को कम करता हो| यदि सही समय पर इसका इलाज न हो तो यह संभव है की पैर अल्सर संक्रमित हो सकता है| तथा गंभीर मामलो में अल्सर हड्डियों में फैल सकता है| इसलिए इसका इलाज समय पर शुरू हो जाये, और डाक्टरों से सलाह ली जाये|

  • बहार से आने के बाद अपने पैरों को अच्छे से धोना चाहिए, खास उगलियों के बीच को साफ रखे|
  • आरामदायक जूते का प्रयोग करे, जो पैर पर बोझ ना डाले|
  • मधुमेह के नियंत्रण में अल्सरेशन को कम करने में मदद मिलती है|
  • यदि आप अपने पैर पर अल्सर पते है| तो तुरंत अपने डॉक्टरसे परामर्श करे, और उचित उपचार कराये|
  • दैनिक वयायाम रक्त के प्रवाह में सुधार और रक्त शर्करा को कम करने में मदद करता है|
  • पैर पर किसी भी प्रकार का घाव होने पर उसे अच्छे से साफ करे, और उसकी पट्टी को रोज बदले, जिससे घाव जल्दी सही हो जाये|
  • आप अपने पैर की सूखी त्वचा को गिला करने के लिए पेट्रोलियम जेली या लोशन का उपयोग कर सकते है| अतिरिक्त लोशन ना लगाये नहीं तो ज्यादा नमी से बेक्टेरिया विकास को बड़ा सकती है|
  • डॉक्टरसे पैरों की जाँच करनी चाहिए और कम से कम एक बर्ष में उनकी संवेदनशीलता की जाँच करनी चाहिए|

यदि अल्सर को ठीक नहीं करते है| या गंभीर संक्रमण से प्रभावित होते है, पैर का विच्छेदन हो सकता है| मधुमेह के साथ पैरों पर अल्कोहल होने के लगभग 20% अगुठे होते है| आपको मधुमेह के साथ पैर अल्सर का उपचार करना है, तो डॉक्टरके निर्देशों का पालन अच्छे से और नियमित करें|

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