किडनी पेशेंट्स के लिए जरूरी डाइट प्लान

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diet plan for kidney patient in hindi

यदि आपको क्रोनिक किडनी रोग है तो यह जानना महत्वपूर्ण है कि आपको क्या खाना और पीना हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि आपका गुर्दा आपके शरीर से मल उस प्रकार से नहीं निकाल पा रहा जैसे उसको करना चाहिए। किडनी के लिए अनुकूल आहार लेने पर आप लंबे समय तक स्वस्थ रह सकते है।

किडनी-फ्रेंडली डाइट प्लान क्या है?

यह खाने का एक तरीका है जो आपकी किडनी को और नुकसान से बचाने में मदद करता है। इसका मतलब है कि कुछ खाद्य पदार्थों और तरल पदार्थों को सीमित करना ताकि आपके शरीर में कुछ विशिष्ट खनिजों का निर्माण न हो। उसी समय आपको यह भी सुनिश्चित करना होगा कि आप प्रोटीन, कैलोरी, विटामिन और खनिजों के सही संतुलन वाला आहार ले।

यदि किडनी रोग शुरुआती चरण में हैं तो खाने-पिने की चीज़ों पे पाबंदियां कम हो सकती है लेकिन जैसे-जैसे आपकी बीमारी बढ़ती है वैसे आपको अपने आहार के बारे में अधिक सावधान रहना होगा।

डॉक्टर आपको उन आहारों को चुनने के लिए आहार विशेषज्ञ से सलाह लेने का मशवरा दे सकते है| ये खाद्यपद्धार्त आपके गुर्दे पे अधिक भार नहीं डालते। आहार विशेषज्ञ आपको इन बातों की सलाह दे सकते है – 

हाइपरटेंशन को रोकने वाला आहार

हाइपरटेंशन को रोकने के लिए या कम करने के लिए इस प्रकार का आहार ले – यह आहार फलों, सब्जियों, कम फैट वाले डेयरी उत्पादों, साबुत अनाज, मछली, मुर्गी, सेम, बीज और नट्स से भरपूर होता है। इस डाइट में सोडियम, शक्कर/मिठाई, फैट और रेड मीट कम मात्रा में होते है।

यदि आपके किडनी रोग से त्रस्त है तो इसके बारे में अपने डॉक्टर से बात करें। वह आपको इस आहार को लेने अथवा न लेने की सलाह देंगे|

यदि आप डायलिसिस पर हैं तो यह अच्छा एक विकल्प नहीं है।

सोडियम को काटें या कम करे

सोडियम कई खाद्य पदार्थों में स्वाभाविक रूप से पाया जाता है। यह आमतौर पे नमक में सबसे ज्यादा पाया जाता है।

सोडियम आपके रक्तचाप को प्रभावित करता है। यह आपके शरीर में पानी के संतुलन को बनाए रखने में भी मदद करता है। स्वस्थ गुर्दा सोडियम के स्तर को नियंत्रण में रखने का काम करता हैं। लेकिन अगर आपके किडनी रोग से ग्रसित है तो अतिरिक्त सोडियम और तरल पदार्थ आपके शरीर में बनते हैं। यह आपके दिल और फेफड़ों के आसपास सूजन के साथ साथ टखनों, उच्च रक्तचाप, सांस की तकलीफ और तरल पदार्थ के निर्माण जैसी कई समस्याओं का कारण बन सकता है। आपको अपने दैनिक आहार में 2 ग्राम से कम सोडियम का लक्ष्य रखना चाहिए।

अपने आहार में सोडियम को कम करने के लिए इन सरल सुझावों को आजमाएं:

  • नमक और उच्च सोडियम सीज़निंग (सोया सॉस, समुद्री नमक, लहसुन नमक, आदि) से बचें।
  • घर पर पकाएं – ज्यादातर फास्ट फूड में सोडियम उच्च स्तर पे होता हैं इसलिए घर पे पका हुआ खाना खाएं| 
  • नमक के स्थान पर नए मसाले और जड़ी-बूटियाँ आज़माएँ।
  • यदि संभव हो तो पैकेटबंद खाद्य पदार्थों से दूर रहें क्यों कि ये सोडियम में उच्च होते हैं।
  • खरीदारी करते समय लेबल पढ़ें और कम सोडियम वाले खाद्य पदार्थों का चयन करें।
  • डिब्बे में बंद खाद्य पदार्थ (सब्जी, बीन्स, मीट और मछली) को परोसने से पहले पानी के साथ धो लेना सोडियम के प्रमाण को काफी हद्द तक कम कर सकता है।

फॉस्फोरस और कैल्शियम को सीमित करें

अपनी हड्डियों को स्वस्थ और मजबूत रखने के लिए आपको फॉस्फोरस और कैल्शियम की आवश्यकता होती है। जब आपकी किडनी स्वस्थ होती है तो वे उस फास्फोरस को हटा देते हैं जिसकी आपको आवश्यकता नहीं है। लेकिन अगर आप किडनी रोग से ग्रसित है तो आपके शरीर में फॉस्फोरस का स्तर बहुत तेजी से बढ़ सकता है। इससे आपको दिल की बीमारी होने का खतरा रहता है। इसके साथ आपके कैल्शियम का स्तर भी कम होने लगता है। कैल्शियम का स्तर बनाये रखने के लिए आपका शरीर इसे आपकी हड्डियों से खींचता है। यह आपके हड्डियों को कमजोर बना सकता है।

यदि आप दीर्घकाल से किडनी रोग से जूझ रहे है तो डॉक्टर आपको प्रतिदिन फॉस्फोरस खनिज 1,000 मिलीग्राम (मिलीग्राम) से ज्यादा नहीं लेने की सलाह देते है। इसके लिए आप यह कर सकते हैं:

  • फॉस्फोरस के निम्न स्तर वाले खाद्य पदार्थ चुनने के लिए लेबल पर “पीएचओएस” देखें)
  • ताजे फल और सब्जियां अधिक खाए 
  • मकई और चावल जैसे अनाज को चुने 
  • हल्के रंग का सोडा पिए
  • मांस, मुर्गी और मछली को कम मात्रा में खाए
  • डेयरी खाद्य पदार्थों को सीमित मात्रा में खाए
  • जो खाद्य पदार्थ कैल्शियम में उच्च होते हैं वे आमतौर पे फास्फोरस में भी उच्च होते हैं। इसलिए डॉक्टर आपको कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थों को कम खाने की सलाह दे सकते है। वे आपको ओवर-द-काउंटर कैल्शियम की खुराक बंद करने के लिए भी कह सकते है।

पोटेशियम का सेवन कम करें

यह मिनरल आपकी नसों और मांसपेशियों को सही तरीके से काम करने में मदद करता है। लेकिन जब आप किडनी रोग से जूझते है तो आपका शरीर अतिरिक्त पोटेशियम को फ़िल्टर नहीं कर पाता है। जब आपके रक्त में इसकी मात्रा बहुत अधिक होती है तो यह दिल की गंभीर समस्याओं को जन्म दे सकता है।

पोटेशियम बहुत सारे फलों और सब्जियों में पाया जाता है जैसे केला, आलू, एवोकाडो, खरबूजे, आदि। ये खाद्य पदार्थ आपके रक्त में पोटेशियम के स्तर को प्रभावित कर सकते हैं। आपके डॉक्टर आपको बताएंगे कि क्या आपको अपने आहार में इस खनिज को सीमित करने की आवश्यकता है या नहीं। यदि इसकी आवश्यकता है तो वे आपको कम-पोटेशियम वाले खाद्य पदार्थों सेवन करने की सलाह दे सकते है, जैसे:

  • सेब और सेब का रस
  • क्रैनबेरी और क्रैनबेरी रस
  • स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी, रास्पबेरी 
  • बेर
  • अनानास
  • गोभी
  • उबली हुई गोभी

जैसे-जैसे किडनी रोग बढ़ता है वैसे आपको अपने आहार में अन्य बदलाव करने की आवश्यकता हो सकती है। इसमें उन खाद्य पदार्थों को कम करना शामिल हो सकता है जो प्रोटीन में उच्च हैं विशेष रूप से पशु द्वारा प्राप्त होने वाला प्रोटीन। इनमें मीट, सीफूड और डेयरी उत्पाद शामिल हैं।

तरल पदार्थों का सेवन कम करना है या नहीं?

यदि आप प्रारंभिक चरण के किडनी रोग से जूझ रहे है तो शायद आपको तरल पदार्थों को कम खाने की जरूरत न पड़े। लेकिन अगर आपके किडनी की स्थिति खराब है तो आपका डॉक्टर आपको बताएँगे कि क्या आपको तरल पधार्त को सीमित करने की आवश्यकता है या नहीं|

अधिकांश प्राकृतिक खाद्य पदार्थ पोषण संबंधी लाभ प्रदान करते हैं लेकिन कुछ खाद्य पदार्थों को सुपरफूड भी माना गया है। “सुपरफूड” शब्द की कोई वैज्ञानिक परिभाषा नहीं है लेकिन अधिकांश लोग इसे ऐसा भोजन मानते हैं जिसमें एंटीऑक्सिडेंट, विटामिन या अन्य पोषक तत्वों की उच्च मात्रा होती है।

यहां हम आपको 7 किडनी-फ्रेंडली सुपरफूड्स के बारे में बता रहे हैं जो किडनी से त्रस्त लोगों के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक सिद्ध हुए हैं:

सेब: सेब पेक्टिन का एक अच्छा स्रोत है और इसमें एक घुलनशील फाइबर है जो कोलेस्ट्रॉल और ग्लूकोज के स्तर को कम कर सकता है। सेब के छील का सेवन करना न भूले क्यों कि यह एंटीऑक्सिडेंट का एक महत्वपूर्ण स्रोत है जिसमें क्वरसेटिन नामका एक पदार्थ है जो मस्तिष्क कोशिकाओं की रक्षा करने में सक्षम होता है। ताजा सेब विटामिन का भी एक अच्छा स्रोत है। स्वादिष्ट उपचार के लिए दालचीनी को सेब पे छिड़क कर खाए।

ब्लूबेरी: ब्लूबेरी ताजे फलों और सब्जियों के बीच एंटीऑक्सिडेंट शक्ति में 1 नंबर पर होने के साथ साथ   फाइबर और विटामिन सी का एक उत्तम स्रोत भी है। कैंसर और हृदय रोग से बचने और मस्तिष्क स्वास्थ्य लाभ के लिए इनका अध्ययन किया जा रहा है। आप बाजारों या स्थानीय सुपरमार्केट से ताजा बेर्री पा सकते हैं। ऑफ-सीज़न में जमाए हुए ब्लूबेर्री एक अच्छा विकल्प हैं। इन्हे कच्चा खाएं या फलों की स्मूदी में मिलाएं या अनाज में मिलाकर खाए।

ओमेगा –3 फैटी एसिड से युक्त मछली : ओमेगा -3 फैटी एसिड आवश्यक पोषक तत्व हैं जो हमारे शरीर में नहीं बनता है इसलिए हमें इसे उन खाद्य पदार्थों के माध्यम से प्राप्त करना चाहिए। इसके शरीर में रक्त के थक्के को नियंत्रित करने और मस्तिष्क के सेल मेम्ब्रेन के निर्माण सहित कई महत्वपूर्ण लाभ हैं। ओमेगा -3 फैटी एसिड असामान्य दिल की धड़कन के जोखिम को कम करने, ट्राइग्लिसराइड के स्तर में कमी और रक्तचाप थोड़ा काम करने में उपयोगी सिद्ध हुए है। इसे कैंसर और अन्य जटिल बिमारियों को कम करने के लिए के लिए भी लाभदायक पाया गया है। सैल्मन ओमेगा 3 फैटी एसिड का अच्छा स्रोत है लेकिन आप मैकेरल, अल्बाकोर टूना, हेरिंग और सार्डिन का भी विचार कर सकते हैं।

केल: इस शानदार हरे सब्जी को विटामिन ए और सी, कैल्शियम और कई अन्य महत्वपूर्ण खनिजों के लिए खाया जाता है। केल कैरोटीनॉइड और फ्लेवोनोइड्स का भी एक महत्वपूर्ण स्रोत है जो नेत्र रोगों और कैंसर को कम करने का भी काम करता है। केल विटामिन के का भी एक महत्वपूर्ण स्रोत हैं। सर्दियों के मौसम में केल सबसे ज्यादा उपलब्ध होते है। बेक्ड अनसाल्टेड केल चिप्स को आलू के चिप्स के बदले खाए और इसके अनन्य लाभों का आनंद ले|

स्ट्रॉबेरी: स्ट्रॉबेरी आकार में छोटे हो सकते है लेकिन इसके फायदे बहुत बड़े हैं! यह स्वादिष्ट लाल फल विटामिन, एंटीऑक्सिडेंट और फाइबर का एक अच्छा स्रोत है। स्ट्रॉबेरी के फाइबर और पोषक तत्व दिल की सुरक्षा के साथ-साथ कैंसर और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भी युक्त होते हैं। इन्हे सलाद के साथ भी खाया जा सकता है|

पालक: यह पत्तेदार हरी सब्जी विटामिन ए, सी, के और फोलेट में उच्च है। पालक में पाया जाने वाला बीटा-कैरोटीन आपके इम्युनिटी को बढ़ावा देने और आपकी दृष्टि की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। यह मैग्नीशियम का भी एक अच्छा स्रोत है। सलाद में खाने के साथ ही इसका सेवन सादे उबले सब्जी के रूप में भी किया जा सकता है। लहसुन और जैतून के तेल के साथ मसालेदार पालक की एक साइड डिश बनाकर आप पालक को आसानी से अपने आहार में शामिल कर सकते हैं।

स्वीट पोटैटो: ये सुपर स्पूड बीटा-कैरोटीन से भरे होते हैं और विटामिन ए और सी के उत्कृष्ट स्रोत होते हैं। शकरकंद विटामिन बी-6 और पोटेशियम का भी एक अच्छा स्रोत हैं। यूएसडीए नेशनल न्यूट्रिएंट डेटाबेस के अनुसार एक मध्यम (5 इंच लंबे) शकरकंद में 112 कैलोरी और लगभग 4 ग्राम फाइबर होता है। आप इन्हें मैश करके खा सकते हैं या इनसे ओवन-बेक्ड फ्राइज़ भी बना सकते हैं।

यह लेख सामान्य स्वास्थ्य की जानकारी देने के लिए है। इससे पहले कि आप अपने दैनिक आहार में बदलाव करें अपने आहार और समग्र आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अपने चिकित्सक, आहार विशेषज्ञ या हेल्थ प्रोफेशनल से परामर्श करें।

केल को पोटेशियम का एक मध्यम स्रोत माना जाता है और डायलिसिस से जूझते लोगों और जिनके आहार में पोटेशियम प्रतिबंधित है उन्हें इसे नहीं खाना चाहिए|

पालक और शकरकंद को भी  पोटेशियम का उच्च स्रोत माना जाता है और डायलिसिस से जूझते लोगों और जिनके आहार में पोटेशियम प्रतिबंधित है उन्हें इसे नहीं खाना चाहिए|

स्वस्थ आहार योजना का पालन करने से गुर्दे याने किडनी ठीक से काम करता है और किडनी रोग से होने वाले नुक्सान से भी बच जाता है| हालांकि कुछ खाद्य पदार्थ आमतौर पर एक स्वस्थ गुर्दे के लिए सहायक सिद्ध होते है लेकिन उनमें से सभी गुर्दे की बीमारी वाले लोगों के लिए उपयुक्त नहीं हैं।

पानी

किडनी पानी का इस्तेमाल करके शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है।

पानी शरीर के लिए सबसे महत्वपूर्ण पेय है। कोशिकाएं पानी का उपयोग विषाक्त पदार्थों को रक्तप्रवाह तक ले जाने के लिए करती हैं।

किडनी तब इन विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने के लिए और मूत्र को शरीर से बाहर भेजने के लिए पानी का उपयोग करता है।

इसलिए प्यास लगते ही पानी पीना गुर्दे के सेहत के लिए अच्छा माना गया है|

पत्ता गोभी

पत्ता गोभी एक पत्तेदार सब्जी है जो किडनी रोग से त्रस्त लोगों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। पोटेशियम की मात्रा इसमें कम होती है और इसमें सोडियम भी बहुत कम होता है|

लाल शिमला मिर्च

सोडियम और पोटेशियम जैसे खनिजों में बहुत कम होने के अलावा, लाल शिमला मिर्च में सहायक एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो नुकसान से कोशिकाओं की रक्षा करते हैं।

लहसुन

लहसुन किडनी रोग से पीड़ित लोगों के साथ अन्य लोगों के लिए भी एक उत्कृष्ट मसाला विकल्प है। यह अन्य खाद्य पदार्थों को अधिक संतोषजनक और पूर्ण स्वाद दे सकता है जिससे अतिरिक्त नमक की आवश्यकता कम हो सकती है। लहसुन कई स्वास्थ्य लाभ भी प्रदान करता है।

गोभी

फूलगोभी किडनी रोग से पीड़ित लोगों के लिए एक उपयुक्त सब्जी है। यह चावल, मसले हुए आलू और यहां तक कि पिज्जा क्रस्ट जैसे खाद्य पदार्थों के लिए भी एक अच्छा विकल्प माना गया है|किडनी स्वस्थ रखने के लिए उपर दिए गए सभी सूचनाओं का पालन करे और उन तमाम वस्तुओं का सेवन करे जिनसे किडनी को राहत और शक्ति मिलती है|

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